ज्योतिष

आज का पंचाग शनिवार 22 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 22 अक्टूबर 2022

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
🪔 22 अक्टूबर 2022 दिन शनिवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज शनिवार का शनिप्रदोष व्रत है एवं गोवत्सद्वादशी भी आज ही है। यह शनिप्रदोष का व्रत संतान प्राप्ति हेतु बड़ा ही उपयुक्त मुहूर्त माना जाता है। आज गोवत्सद्वादशी को बछड़े सहित दुधारू गौ का पूजन करने से तथा दूध, दही, घी एवं छाछ आदि न खाने से गोविन्द भगवान की कृपा प्राप्त होती है। आज धनतेरस (धनत्रयोदशी) का परम पावन व्रत है। आज कुछ अवश्य खरीदना चाहिये। यदि धनतेरस को स्फटिक का शुद्ध श्रीयन्त्र रखकर श्रीसूक्तं से पूजन करके कनकधारा स्तोत्रं का पाठ करने से लक्ष्मी की वर्षा (ऐसा आदि शंकराचार्य ने करके दिखाया था) होती है। आज यमराज हेतु यमदीप (मृत्यु नाश हेतु रात्रि में मुख्य द्वार पर यमदियरी चतुर्मुखी दीपक तेल का जलाना चाहिये। आज से गोत्रिरात्र – यमपंचक योग प्रारम्भ हो जाता है। आप सभी सनातनियों को धनतेरस, गोवत्स द्वादशी एवं शनिप्रदोष व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु प्रारंभ
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- द्वादशी तिथि 18:04:00 बजे तक तदोपरान्त त्रयोदशी तिथि
🖍️ तिथि स्वामीः- द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान विष्णु जी हैं तथा त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- पूर्वा फाल्गुनी 13:51:00 तक तदोपरान्त उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र जी हैं तथा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव जी हैं।
🔊 योगः- ब्रह्मा17:35:25 तक तदोपान्त इन्द्र
प्रथम करण : तैतिल – 06:02 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – 06:07 ए एम, अक्टूबर 23 तक वणिज
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 06:25:00 A.M से 07:50:00 A.M तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 09:15:00 A.M से 10:40:00 A.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:54:51
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:17:45
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:45 ए एम से 05:35 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:10 ए एम से 06:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:28 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:58 पी एम से 02:44 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:33 पी एम से 05:57 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:45 पी एम से 07:01 पी एम
💧 अमृत काल : 07:05 ए एम से 08:46 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 23
🌸 त्रिपुष्कर योग : 01:50 पी एम से 06:02 पी एम
💥 ब्रह्म योग – शाम 5 बजकर 13 मिनट तक
☄️ यायीजय योग – शाम 6 बजकर 2 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-धनवन्तरी कलश की स्थापना कर चांदी क्रय करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – गुरु द्वादशी , एकाध पंचांग में प्रदोष व्रत और धनतेरस आज है परन्तु (अधिकतर पंचांग में कल रविवार को है जो श्रेष्ठ है), महाराणा राजसिंह – मेवाड़ जयन्ती, विट्ठलभाई पटेल जयंती, अमृत योग, प्रदोष व्रत, धनतेरस, यम दीपदान, हेमन्त ऋतु प्रारंभ, गोत्रिरात्र – यमपंचक योग प्रारम्भ
✍🏽 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
हिंदू धर्म में फूलों का काफी महत्व माना जाता है। हमारे घरों में होने वाली पूजा में भी इनका उपयोग किया जाता है। घर में हर शुभ कामों में फूलों का इस्तेमाल अक्सर होता है। पूजा-पाठ, गृह प्रवेश, शादी का वक्त, किसी का घर में स्वागत, या फिर कोई नई चीज़ घर में आई हो। ऐसे वक्त पर अक्सर फूलों के साथ ही शुरुआत की जाती है। वहीं हमने ये भी देखा है कि पूजा-पाठ में उपयोग किए जाने वाले फूलों को जल्दी से हटाया नहीं जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा न करना कितना गलत साबित हो सकता है?
घर में रखा सूखा फूल किसी शव की तरह होता है। जैसे घर में शव नहीं रखा जाता, वैसे ही घरों में सूखे फूल भी नहीं रखे जाने चाहिए। सुप्रसिद्ध तंत्र ग्रंथ मंत्र महारणव में कहा गया है कि भगवान को चढ़ाए हुए सभी पुष्प तत्काल निर्माल्य हो जाते हैं। ग्रंथ में आगे बताया गया है कि चढ़ाए गए फूलों को तत्काल हटा देना चाहिए , यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो उन फूलों के भोग के लिए चण्डाली, चण्डांशु और विश्वकसेन जैसी निगेटिव शक्तियां वहां वास करने के लिए आ जाती हैं।
इसलिए कहा जाता है कि फूलों के सूखने से पहले उन्हें उनके स्थान से हटा देना चाहिए। आजकल सुखाए हुए पोट पोरी के फूलों का फैशन है। लोग इनका काफी इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन इन फूलों को विष के समान माना गया है। इसलिए बेहतर होगा कि आप हमेशा ताज़े फूलों ही उपयोग करें ।
⏯️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
👉🏼 शुभ संकेत
नौकरी में मिलता है प्रमोशन: अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं और आपको छिपकली की पूर्व, उत्तर, दिशाओं में आवाज सुनाई दे, तो आपके लिए यह शुभ संकेत है। माना जाता है कि आपको धन की प्राप्ति होती है और नौकरी पेशा लोगों को प्रमोशन का अवसर प्राप्त होता है।
धन दौलता बढ़ता है :नाक पर अगर छिपकली गिरे तो इसे भाग्योदय का संकेत माना जाता है। पुरुष के कान पर छिपकली का गिरना शुभ होता है। पुरुष के दाएं कान पर छिपकली का गिरना आभूषण प्राप्ति का संकेत देता है। वहीं बाएं कान पर छिपकली का गिरना आयु में वृद्धि का संकेत होता है। पेट पर छिपकली के गिरने का संकेत होता है कि आपको किसी आभूषण की प्राप्ति हो सकती है।
मान-सम्मान बढ़ता है: ज्योतिष के अनुसार, गर्दन पर भी छिपकली गिरने के कई अर्थ होते हैं। गर्दन पर छिपकली गिरना इस बात का संकेत देता है कि आपको यश व वैभव की प्राप्ति होने वाली है, साथ ही आपका समाज में मान -सम्मान बढ़ता है। वहीं दाहिने हाथ पर छिपकली गिरना भी शुभ संकेत माना जाता है। साथ ही ये भी हो सकता है कि जल्द ही आपको कहीं से धन लाभ हो
बिजनेस में कामयाबी: अगर छिपकली की तीसरे और चौथे प्रहर में पूर्व दिशा की ओर आवाज सुनाई तो शकुन शास्त्र के अनुसार यह आपके लिए शुभ संकेत है। माना जाता है कि इससे धन की प्राप्ति होती है और व्यापारी के बिजनेस में फायदा होने लगता है। वहीं अगर लेफ्ट साइड के कंधे पर छ‌िपकली ग‌िरे तो इसका मतलब है कि आपके शत्रु बढ़ने वाले हैं।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
साल्मोनेला संक्रमण अमेरिका में एक साल पहले साल्मोनेला बैक्टीरिया ने कई लोगों को अपने चपेट में ले लिया था। यहां इसके कई मामले सुनने को मिले थे। इस बीमारी के बारे में बताया गया कि, यह दूषित प्याज खाने की वजह से ही फैली। ‌इस बीमारी के चलते लोगों को पेट संबंधी कई परेशानियां होने लगी, जिससे ज्यादातर आंतों के मार्ग पर बुरा असर पड़ता है। ये जरूरी नहीं है कि, यह बीमारी केवल कच्चे प्याज को खाने से ही नहीं बल्कि अधपके मांस और अंडे, मुर्गी पालन इत्यादि से भी बढ़ती है।
लिवर को हो सकता है नुकसान प्याज पोटेशियम से भरपूर होती है, जिसकी वजह से बॉडी के कार्डियो लीवर सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है और इसके चलते सीने में जलन जैसी समस्या पैदा होती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने नीतिशास्‍त्र में काफी कुछ लिखा है। उनके द्वारा बताई गई हर एक बातें हम सभी के जीवन में लक्ष्य पाने के लिए प्रेरित करती हैं। यही कारण है कि आज भी लोग उनके द्वारा कही गई बातें को जरूर अपनाते हैं। इसलिए हम कहते हैं कि बुरा समय आने से पहले ही उसका आभास होने लगता है। उन्होंने बताया है कि यदि हम घर या आसपास घटने वाली कुछ घटनाओं पर ध्यान दें तो हमें बुरा वक्‍त आने का संकेत मिल जाएगा। अपने नीतिशास्‍त्र में आचार्य श्री गोपी राम ने ऐसे ही संकेत के बारे में बताए हैं जो घर पर आने वाले आर्थिक संकट की ओर इशारा करते हैं। आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में जो घर पर आने वाले आर्थिक संकट की ओर इशारा करते हैं।
तुलसी के पौधे का सूख जाना, घर में क्लेश होना, शीशे का बार-बार टूटना, पूजा पाठ का अभाव और बड़े बुजुर्गों का तिरस्कार करना’
तुलसी पौधे का सूखना अगर आपके आंगन या घर में लगे तुलसी का पौधा सूखने लगे तो इसका मतलब है कि आपको आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए तुलसी के पौधे का ध्‍यान रखें।
आए दिन घर में झगड़े होना यदि आपके घर में हमेशा परिवारवालों के साथ लड़ाई होती रहती हैं तो ऐसे में आपके घर में मां लक्ष्मी का वास नहीं होगा। जिसकी वजह से आपकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है।
बार-बार शीशे का टूटना आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक जिस घर में बार-बार शीशा टूट रहा हों उस घर में आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
घर में पूजा-पाठ न होना हमारी मानें तो घर में सुख समृद्धि के लिए नियमित रूप से पूजा पाठ होना जरूरी है। जिस घर पर रोजाना मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है वहां पर उनकी कृपा बनी रहती है। वहीं जिस घर में पूजा पाठ नहीं होता वहां पर मां लक्ष्मी कभी भी नहीं आती हैं।
बड़े बुजुर्गों का अनादर करना, जिस घर में बड़े-बुजुर्गों का अनादर होता है वहां पर न तो कभी मां लक्ष्‍मी निवास करती हैं और न ही घर में सुख समृद्धि आती है। इसलिए हम कहते हैं कि हमेशा अपने बड़ों का सम्मान करें।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

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