धार्मिक

रामजी से ही करें आशा, दूजी आशा को छोड़ दो : जया किशोरी

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
उदयपुरा। नर्मदा तट बोरास में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस शुक्रवार को पंडाल में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। कथा व्यास जया किशोरी ने व्यासगादी की पूजा-अर्चना कर अनेक प्रसंग सुनाए। जया किशोरी ने कहा कि यह पुण्य फलदायी कथा स्व. गोविंद सिंह फरैया का आयोजन परिजन करा रहे हैं। वे चाहते तो कथा का मूल पाठ घर करा सकते थे, लेकिन उन्होंने पूरे क्षेत्र वासियों को श्रीमद् भागवत पुराण कथा श्रवण का लाभ का अवसर प्रदान किया। आज उनके स्वर्गीय पिता उन्हें हृदय से आशीर्वाद दे रहे होंगे। आगे कथा प्रसंग में राजा पृथु की कथा सुनाई, जिसमें बताया कि राजा पृथु के नाम से ही हमारे ग्रह का नाम पृथ्वी पड़ा। इसके बाद राजा भरत जाएंगे। की जन्म कथा सुनाई। अपने प्रवचनों के बीच-बीच में उन्होंने कहा कि हमारे दुख का सबसे बड़ा कारण हमारी आशाएं हैं, अपना काम करते रहें। दूसरे से आशा न करें। यदि आशा रखोगे तो दुख निश्चित होगा। इसलिए हम आशा एक रामजी से करें दूजी आशा को छोड़ दो।
जीवन में सुख दुख आते हैं, हमें जीवन के निर्णय भगवान के भरोसे पर छोड़ देना चाहिए।
आपका ध्यान जो आप पर नहीं है, उस पर जाता है यही दुख का कारण है जिस दिन आपने यह देखा कि हमारे पास जो है वह सही है, पर्याप्त है, बस उसी दिन दुख दूर हो जायेगे।
कथा के तीसरे दिन उन्होंने कहा की शिक्षा व्यक्ति को शिक्षित होने के साथ साथ अच्छे बुरे का निर्णय लेने के लिए परिपक्व बनाती है। शिक्षा से ही सत्य असत्य का ज्ञान होता है। आप जिसका सम्मान करते हैं, उसे दिखाना पड़ेगा। इसलिए यदि शिक्षित व्यक्ति को किसी की आवश्यकता नहीं होती और वह निर्णय ले सकता है। उन्होंने कहा कि अति हर बात की बुरी होती है।
इसलिए मर्यादा में रहकर ही हमें हर काम करना चाहिए, ताकि हमे किसी भी प्रकार की रोक टोक जीवन में न आएं। कथा व्यास जय किशोरी जी ने कहा कि जो खुद की चिंता नहीं करते हैं। उसकी चिता भगवान करते है। उनकी सोच जहां से शुरु होती है वहां से भगवान कृपा करना शुरु कर देते हैं। जीवन के हर फैसले को भगवान के ऊपर छोड़ दीजिए भगवान किसी का बुरा नहीं करते हैं जो जीवन में अच्छा है। वही करते हैं । उन्होंने भरत चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि अपने जीवन की बागडोर भगवान के भराेसे छोड़िए, प्रभु स्वयं संभालने आ जाते हैं।
कथा व्यास जया किशोरी ने मां नर्मदा तट पर गंदगी कर रहे श्रद्धालुओं से कहा कि मैया के तट को साफ रखना हमारा कर्तव्य है। मैया में न स्वयं गंदगी करें और न ही दूसरों को करने दें। शुक्रवार को क्षेत्रीय सांसद राव उदयप्रताप, सिंह सिलवानी विधायक रामपाल सिंह राजपूत, पूर्व विधायक रामकिशन पटेल, धर्मेंद्र राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं नरसिंहपुर, सागर, गाडरवारा, साईखेड़ा आदि स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बोरास पहुंचकर कथा श्रवण की। इस दौरान पूरा पंडाल भक्तों से भरा रहा।
रासलीला से भी दिया जा रहा सामाजिक एकता का संदेश
कथा स्थल पर ही वृंदावन से आई रासलीला के कलाकार रोजाना नई नई प्रस्तुति देकर सामाजिक एकता का संदेश दे रहे हैं । भारत में सामाजिक सोहार्द्र पूर्ण वातावरण, अच्छाईयों को जीवन में लाना, बुराईयों को त्यागना भगवान के अनेक प्रसंगों को रासलीला के कलाकार मंचन कर बता रहे हैं ।

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