धार्मिकमध्य प्रदेश

bageshwar dham : अपने माता-पिता की पूछ परख बंद कर देते हैं,जो सर्वथा अनुचित है और उसे बाद में भुगतना पड़ता है : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

पांचवे दिन भी भरा रहा पंडाल बाहर भी रही लाखों की भीड़,
गुरुजी के दर्शनार्थ नर्मदा पुरम से पैदल आईं 5 महिलाएं

रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी

दमोह । शहर के होमगार्ड मैदान पर 24 दिसंबर से 9 दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पांचवें दिन बुधवार को बागेश्वर धाम (bageshwar dham ) पीठाधीश्वर परम पूज्य गुरुवर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने भगवान के गुरुकुल जाने की कथा सुनाई उन्होंने बताया कि किस तरह से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के दर्शन करने शिवजी और कागभुशुण्ड जी पहुंचते हैं और किस तरह से वह ज्योतिष बनकर अयोध्या में जाकर भगवान श्री राम के दर्शन करते हैं. इसके बाद उन्होंने गुरुकुल की कथा भक्तों को श्रवण कराई. उन्होंने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम सहित चारों भाई किस तरह से अपने माता-पिता का सम्मान करते थे। वर्तमान में देखने मिलता है कि लोग माता-पिता को उतना सम्मान नहीं देते जितना मिलना चाहिए। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि जो व्यक्ति माता-पिता की दिल से पूंछ करता है, उसकी सभी जगह प्रतिष्ठा होती है. समाज में संसार में उसकी पूंछ बढ़ जाती है। आजकल तब तक पूछ होती है जब तक श्रीमती जी घर नहीं आती, श्रीमती जी के घर आने के बाद कई ऐसे लोग हैं, जो अपने माता पिता की पूछ परख बंद कर देते हैं,जो सर्वथा अनुचित है और उसे बाद में भुगतना पड़ता है। पांचवे दिन आरती करने का सौभाग्य संयोजक विधायक अजय टंडन और उनका परिवार, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह, प्रॉपर्टी बिल्डर्स रोहित गुप्ता, पार्षद रमेश लीला राठौर, राकेश अग्रवाल, क्रष्णा तिवारी, मनोज देवलिया और भी भक्तों को मिला।
वागेश्वर धाम के महाराज जी ने की पुलिस की तारीफ
शहर के होमगार्ड ग्राउंड में चल रही श्रीराम कथा में श्री वागेश्वर धाम के महाराज जी ने पुलिस की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस को हर मामले में टेंशन होती है जहां एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो में कह रहे हैं कि पुलिस की ड्यूटी इतनी कठिन होती है, लोग जरूर उनको इस हे-दृष्टि से देखते हैं। कभी इनकी सेवा देखना, पत्नी किसी की खो जाए, टेंशन इनको होती है. चोरी किसी के घर में हो जाए टैंशन इन्हें होती है। भदगढ़ हो जाए नौकरी इनकी जाती है. चाहे भोजन कर रहे हो, घर पर बर्थडे हो, चाहे पत्नी का बर्थडे हो या फिर शादी की सालगिरह हो या बेटे का एडमिशन करवाना हो तो बेचारे सब छोड़ अपनी वर्दी से प्यार कर ड्यूटी करते हैं।
श्री राम कथा में आप सबका विशेष मिल रहा सहयोग विधायक अजय टंडन
होमगार्ड मैदान पर चल रही श्रीराम कथा के संयोजक विधायक अजय टंडन ने कहा कि श्रीराम कथा में हर तरफ से चारों ओर से सहयोग मिल रहा है। ना केवल शहर के लोग बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की जनता भी बड़ी तादाद में पहुंचकर श्रीराम कथा सुनकर पुण्य लाभ अर्जित कर रही है। शहर में भी कई जगह समाजसेवी संस्थाएं उनका साथ दे रही है और बाहर से आने वाले भक्तों का ख्याल रख रही है। हालांकि समिति के द्वारा अलग-अलग जगह भक्तों को सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन आम आदमी भी बाहर से आने वाले भक्तों का भरपूर ध्यान रख रहा है. जो अविस्मरणीय रहेगा. लोगों के सहयोग की जितनी तारीफ की जाए कम है,
नर्मदा पुरम से पैदल चलकर आई पांच महिलाएं
श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के दर्शन करने के लिए नर्मदापुरम से 5 महिलाएं पैदल चलकर गुरुजी के दर्शनों के लिए दमोह पहुंची। उन्होंने सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद दमोह पहुंचकर क्रष्णा हाइट में गुरु जी के दर्शन किए। जहां पर गुरु जी ने स्वयं अपने हाथों से उन्हें प्रसाद खिलाया और आशीर्वाद दिया.जिला नर्मदा पुरम होशंगाबाद ग्राम विजयवाड़ा तहसील पिपरिया निवासी विनीता कहार, पिया गुर्जर, मुन्नीबाई, देवकी व तिलक सिंह ने बताया कि सैकड़ो किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए दमोह पहुंची. जहां पर कृष्णा हाइट में गुरु जी से मुलाकात की गुरु जी ने उन्हें आशीर्वाद दिया और अपने हाथों से प्रसाद खिलाया. गुरु जी ने अपने हाथों से प्रसाद खिलाते हुए उन्हें भरपूर आशीर्वाद दिया. रात में रुकने के बाद दूसरे दिन सभी महिलाएं श्री बागेश्वर धाम के लिए पैदल रवाना हो हुईं.
घरों में काम करने नहीं जा रहे मजदूर
24 दिसंबर से 1 जनवरी तक चलने वाली श्री राम कथा के आयोजन को देखते हुए कई घरों में काम करने वाले लोग घरों में काम करने नहीं जा रहे हैं. बल्कि व कथा पंडाल स्थल पर पहुंचकर श्री राम कथा में कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. घरों में बर्तन धोने, कपड़े धोने व अन्य कार्यों के लिए जाने वाले कई मजदूर श्री राम कथा पंडाल में कथा प्रारंभ होने के 2 घंटे पहले ही पहुंच जाते हैं. जिससे उन्हें बेहतर स्थान बैठने के लिए मिल सके और वह शाम तक चलने वाली श्री राम कथा के बाद ही वापस घर लौटते हैं।
लहसुन, प्याज छोड़ा
नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने बताया कि किसी भी शिष्य को लहसुन, प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए. सुनने के बाद न केवल शिष्य, बल्कि श्री राम कथा सुनने पहुंचने वाले हजारों लाखों लोगों ने संकल्प लिया कि वह जीवन में कभी भी लहसुन प्याज का सेवन नहीं करेंगे।

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