मध्य प्रदेश

अतिथि शिक्षक संघ ने विभिन्न मांगों की पूर्ति के लिए सौंपा ज्ञापन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । आजाद स्कूल समन्वय एवं संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के आवाहन पर तहसील के अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन तहसीलदार एन एस परमार को सौंप कर स्कूल अतिथि शिक्षकों के लिये नीति बनाकर अन्य राज्यो की तर्ज पर भविष्य सुरक्षित, पदस्थायित्य करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों में विगत 14-15 वर्षों से अति शिक्षक पूर्ण, निष्ठा, लगन व ईमानदारी के साथ अध्यापन कार्य कराते आ रहे हैं। जिन्होंने लगातार शासन प्रशासन के समक्ष बेहतर से बेहतर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देकर प्रदेश की शिक्षा व्यवसथा को उच्च स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अतिथि शिक्षक अपने भविष्य को सुरक्षित कराने हेतु दर्जनों बार ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से पद स्थायित्व की मांग करते आ रहे है लेकिन आज दिनांक तक प्रदेश सरकार द्वारा हमारे भविष्य को लेकर ऐसी कोई नीति बनाकर ठोस कार्यवाही नहीं की है जिससे हमारा भविष्य सुरक्षित हो सके। कुछ समय पहले स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा एक पत्र मुख्यमंत्री के नाम लिखा गया है, जिसमें छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य राज्यों की तरह अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने का उल्लेख है। किंतु आज दिन तक उक्त पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। अतिथि शिक्षक ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हैं कि स्कूल अतिथि शिक्षकों के लिए नीति बनाकर गुरुजी की तर्ज पर भविष्य सुरक्षित, पदस्थायित्व करने हेतु संबंधित अधिकारियों को उचित कार्यवाही करने के आदेश व निर्देश दिए जाएं,
अतिथि शिक्षक जिस पद पर कार्यरत है उसे रिक्त न मानते हुये 12 माह का सेवाकाल, पद स्थायीत्व, वेतनवृद्धि दोगुना किया जाए, सेवा से बाहर हुए अतिथि शिक्षकों को कार्यानुभव के आधार पहली प्राथमिकता के साथ सेवा में लिया जाए, कार्य अनुभव के आधार पर अतिथि शिक्षकों के विभागीय की पात्रता परीक्षा प्राथमिक माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षकों के पद पर आयोजित की जाए, कार्य अनुभव के आधार पर प्रतिवर्षानुसार 3 अंक देकर अधिभार 10 वर्षो में 30 अंक बोनस के प्रदान किए जाए, विभागीय पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अंक 33 प्रतिशत रखा जाए। यदि 20 फरवरी तक स्कूल अतिथि शिक्षकों के साथ न्याय कर भविष्य सुरक्षित नहीं किया जाता है, तो 21 फरवरी को भोपाल में पूरे प्रदेश के अतिथि शिक्षक सरकार का विरोध प्रदर्शन करेंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सुनील पटेल, नीतू मिश्रा, जानकी पंथी, अरुणा गौर, रमाकांत यादव, विवेक कुमार तिवारी, मसरूर खान, अनस मो., प्रतिभा सिंहं, योगेश शर्मा, कमलेश पंथी, रितेश नायक, अकांक्षा अवस्थी, सुनील पटेल, उमेश यादव, साहिल गुप्ता, भवानी कुश्वाहा, ऋषिराज घोषी, रीतेश राजपूत, आशीष शर्मा, अमर सिंह, सोनम तिवारी, राजेन्द्र यादव, भारती यादव, दीपिका शर्मा आदि अनेकों अतिथि शिक्षक शामिल थे।

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