22 फरवरी तक सभी शिक्षक हो जाएंगे प्रशिक्षित : सरकारी स्कूल के बच्चे भी अब पीपीटी से करेंगे पढ़ाई, शिक्षकों को दे रहे प्रशिक्षण
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । सरकारी स्कूलों में भी अब हाईटेक तरीके से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में अब इन स्कूलों में पढ़ाई के पुराने तौर-तरीकों को बदलने के लिए नया प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को किताब-कॉपियों की जगह अब पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन यानी कि पीपीटी से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। ताकि पीपीटी के साथ साथ रोल प्ले के जरिये भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जा सके।
डीपीसी एसके उपाध्याय रायसेन ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए हैं। यह मास्टर ट्रेनर ब्लॉक लेवल पर सभी स्कूलों में पहुंचकर यहां के शिक्षकों को स्पेशल ट्रेनिंग दे रहे हैं। यह पूरी कवायद मिशन अंकुर के तहत की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्र सरकार के निपुण भारत अभियान को मध्यप्रदेश में मिशन अंकुर के नाम से लॉन्च किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र के डायरेक्टर धनराजू एस ने बताया कि अप्रैल से जून तक मास्टर ट्रेनर्स को ट्रेनिंग दी गई थी।
अब यह सभी 22 फरवरी तक अलग-अलग ब्लॉक में जाकर सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और निपुण भारत अभियान के तहत नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को रटने नहीं, बल्कि समझने की थीम पर मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित किया जाएगा। इस मॉड्यूल में शिक्षक क्षमता निर्माण पर भी फोकस किया गया है। ये शिक्षक बच्चों को पढ़ने लिखने और गणित के सवाल को हल करने की मैं निपुण बनाने में महती भूमिका निभाएंगे।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए पहले से तैयारी करने में जुटा विभाग…..
वर्तमान शिक्षा सत्र चल रहा है और नवीन शिक्षण सत्र शुरू होने में समय है। इस बीच सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली व दूसरी के शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के गुर सिखाए जा रहे हैं। ताकि नवीन शिक्षण सत्र में शुरू होने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो और रिफ्रेश कोर्स के माध्यम से शिक्षक की पहले दक्ष हो सकें। पिछले साल सत्र शुरू होने के बाद शिक्षकों को एसएलएन के तहत प्रशिक्षण दिया गया था इससे बच्चों की पढ़ाई देरी से शुरू हो पाई थी।



