जनपद सीईओ को नही हटाये जाने “नर्मदा जलसत्या ग्रह” की दी चेतावनी, 96 घंटे से बैठे हुए धरने पर
जनपद सीईओ के अड़ियल रवैये को लेकर, सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक एवं जनपद सदस्य हड़ताल पर
रिपोर्टर : नीलेश पटेल
रायसेन । मप्र सरकार की जन हितेषी एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के कार्य एवं विकास में उदयपुरा जनपद सीईओ के अड़ियल रवैये को लेकर सरपंच संघ, सचिव संघ, जनपद सदस्य प्रतिनिधि अनिश्चित कालीन धरने पर जनपद पंचायत उदयपुरा में घरने पर बैठे हुए है वही सीईओ उदयपुरा को हटाने को लेकर 96 घंटो से यानि 4 दिन से धरने पर बैठे है । वही सीईओ को नही हटाया गया तो नर्मदा नदी बोरास में “जल सत्याग्रह” की चेतावनी दी गई है ।
गुरुवार को कलेक्टर रायसेन अरविंद दुबे से धरने पर बैठे प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगों को लेकर बातचीत की थी शुक्रवार बरेली SDM मुकेश कुमार सिंह, उदयपुरा तहसीलदार मोतीलाल अहिरवार एवं नायब तहसीलदार धरना स्थल पर पहुँचे और धरने पर बैठे लोगों से बातचीत की लेकिन समाधान नही निकला ।
जनपद पंचायत उदयपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को हटाने की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा के द्वारा उदयपुरा तहसीलदार मोतीलाल अहिरवार को 3 दिन पहले कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया था । ज्ञापन में उदयपुरा जनपद सीईओ अभिषेक गुप्ता के अड़ियल रवैया से परेशान होकर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओ में विकास को लेकर रोड़ा बन रहे है । जिससे नाराज सरपंच और सचिव संयुक्त मोर्चा द्वारा अनिशिचत कालीन धरना दिया जा रहा है । वही उदयपुरा जनपद सीईओ अभिषेक गुप्ता के ऊपर लेन -देन और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए । तथा मुख्य रूप से जनपद सीईओ को हटाने की मांग की है। 96 घंटे से घरने पर बैठे लोगों को एसडीएम से बातचीत में कोई समाधान नही निकला । धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि आगे क्रमिक भूख हड़ताल होगी । मांग पूरी नही होने पर नर्मदा घाट बोरास में जल सत्याग्रह किया जाएगा । स्थानीय जनपद पंचायत में सरपंच और सचिवों के द्वारा तंबू तान लिया गया है और सीईओ अभिषेक गुप्ता के स्थानांतरण की मांग कर रहे है । सरपंच संघ के अध्यक्ष का कहना है कि यदि जनपद सीईओ को नही हटाया गया तो हम अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है और 96 घंटे हो चुके है। आगे क्रमिक भूख हड़ताल फिर नर्मदा नदी बोरास में जल सत्याग्रह किया जाएगा ।
इस संबंध में बरेली एसडीएम मुकेश सिंह का कहना है कि लोगो की शिकायत है कि सीईओ विकास कार्यों में व्यवधान करते है, और हटाने की मांग की जा रही है। आंदोलन कर लोगो से बात चल रही है। शीघ्र ही इस गतिरोध को समाप्त किए जाने के प्रयास किए जा रहे है।



