मध्य प्रदेश

CBSE सेंट फ़्रांसिस सीनियर हासे कान्वेंट स्कूल रायसेन का खराब रिजल्ट …..

कलेक्टर साहब जरा एक नजर इधर भी….
सीबीएसई सेंट फ़्रांसिस सीनियर कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई में कमजोर बच्चों की आड़ में बनाया कमाई का धंधा, सैकड़ों बच्चों को दी सप्लीमेंट्री

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । शहर का ईसाई मिशनरी का सीबीएससी सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल रायसेन इन दिनों चर्चाओं की सुर्खियों में है। स्कूल प्रबंधन द्वारा पढ़ाई में कमजोर सैकड़ों छात्र छात्राओं को बता कर उन्हें दो विषयों में सप्लीमेंट्री देकर कमाई का धंधा बना लिया है । शनिवार 18 मार्च को कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक वार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। लेकिन स्कूल प्रबंधन की मनमानी लापरवाही और हठधर्मिता के चलते कई बच्चों को पढ़ाई में कमजोर बताकर उनसे जबरन वसूली जा रही है। जबकि कई शिक्षक शिक्षिका ऐसी हैं जो B.Ed M.Ed की डिग्रीधारी भी नहीं है । फिर भी स्कूल मैनेजमेंट इनकी भर्ती कर नौकरी पर रख लेता है। साल भर यह शिक्षक शिक्षिकाएं मनमानी करते हैं कमजोर पढ़ाई करने वाले बच्चों का ध्यान भी नहीं देते। और अपनी कमी बच्चों पर थोप देते हैं । अगर समय रहते यही शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें तो उनके शिक्षा स्तर में निश्चित रूप से सुधार आ सकता है ।अभिभावकों शिकायतों के बाद भी शिक्षक नहीं सुधरते और पूरी कमी अभिभावक और बच्चों को थोप दी जाती है । नतीजा उन्हें पढ़ाई में कमजोर बताते हैं और बाद में उनसे मोटी रकम वसूल कर सप्लीमेंट्री की परीक्षा के बाद में पास करके इतिश्री कर लेती हैं । शनिवार को भी ऐसे नजारे सामने आए । जब कक्षा 6वीं से लेकर आठवीं तक के दो विषयों में कई बच्चों को सप्लीमेंट्री दी गई । यह कोई नई बात नहीं है इससे पहले भी स्कूल प्रबंधन और शिक्षक अपनी मनमानी करते रहे । जब अभिभावक जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर प्राचार्य से शिकायत करते हैं तो वह अपनी कमियों को छुपा लेते हैं । और बच्चों की पढ़ाई में कमजोरी बताते हैं । जबकि बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा स्कूल की प्राचार्य से लेकर शिक्षक शिक्षिकाओं पर निर्भर रहता है। जब इस संदर्भ में मीडिया कर्मियों ने स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अर्चना से बात करना चाही तो उन्होंने मोबाइल रिसीव करना तक मुनासिब नहीं समझा गया।

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