Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 12 मई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 12 मई 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सप्तमी तिथि 09:06 AM तक उपरांत अष्टमी |
✏️ तिथि के स्वामी – सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं।
💫 नक्षत्र श्रवण 01:03 PM तक उपरांत धनिष्ठा |
🪐 नक्षत्र : श्रवण नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह है। नक्षत्र का देवता भगवान विष्णु को माना गया है।
🔔 योग – शुक्ल योग 12:17 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग |
⚡ प्रथम करण : बव – 09:06 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – बालव – 07:57 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को (अशुभ गुलिक) प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:25:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:35:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:50 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:29 ए एम से 05:33 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:27 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:01 पी एम से 07:23 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:03 पी एम से 08:06 पी एम
💧 अमृत काल : 01:49 ए एम, मई 13 से 03:19 ए एम, मई 13
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 13
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:33 ए एम से 01:03 पी एम
❄️ रवि योग : 05:33 ए एम से 01:03 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर छैने से बनी मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/पंचक प्रारंभ 24.17/ कालाष्टमी/ धनिष्ठानवक्रारंभ दोपहर 01.02 के बाद/ जोधपुर की स्थापना दिवस, पादप स्वास्थ्य का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (मॉर्डन नर्सिंग की जनक फ़्लोरेंस नाइटेंगिल का जन्म दिवस), शमशेर बहादुर सिंह स्मृति दिवस, साहित्यकार धनंजय कीर पुण्यतिथि, सौरभ चौधरी – भारतीय निशानेबाज़ जन्म दिवस, संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह (12 से 16 मई)
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है।
🗽 Vastu Tips 🗼
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए सोने के सही तरीके के बारे में। मुख्यतः चार दिशाएं होती हैं, लेकिन सोने के लिए सभी दिशाओं का चुनाव करना ठीक नहीं होता। वास्तु शास्त्र के अनुसार व्यक्ति को दक्षिण दिशा या पूर्व दिशा में सिर करके सोना चाहिए, यानि स्वाभाविक तौर पर अपने पैरों को उत्तर या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए, लेकिन उत्तर दिशा और पश्चिम दिशा की ओर सिर करके कभी भी नहीं सोना चाहिए।
इन सभी दिशाओं में सोने और ना सोने के बहुत से कारण हैं, जिनके बारे में आज हम आपको बतायेंगे। सबसे पहले जानिए दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने से क्या होता है। वास्तु शास्त्र में इस दिशा की ओर सिर करके सोना अच्छा माना गया है। इस दिशा में सिर करके सोने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है, यानि यह दिशा सेहत के लिहाज से बेहतर है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
एक कटोरी में जल लेकर उसे तीन से चार घंटे के लिए सूर्य की रोशनी में रख दें और फिर उसे भगवान का स्मरण करते हुए पुरे घर में आम या अशोक के पत्तों से छिडक दें। आप गौमूत्र या गंगा जल का भी प्रयोग कर सकते हैं।
घर में आप गुग्गूल की धूप जलाकर किसी भी मंत्र का जप करते हुए पुरे घर में घुमाएं। ये भी नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर करने का उत्तम उपाय है।
शाम के समय घर के सभी कोनों में नमक बिखेर दें और सुबह कोनों की सफाई करके नमक को बाहर फेंक दें। नमक को नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने वाला माना गया है। आप पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक मिला सकते हैं।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
इन चीजों की कमी से हो सकता है गठिया
गठिया रोग किसकी कमी से होता है,ये सवाल बहुत से लोग करते हैं। ऐसे में आपको जानना होगा कि ये बीमारी विटामिन सी, विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से ज्यादा परेशान कर सकती है। होता ये है कि इन चीजों की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और अंदर से खोखली होने लगती हैं। इसके अलावा ज्वाइंट्स के बीच घर्षण बढ़ने लगता है।
खराब मेटाबोलिज्म अगर आप मेटाबोलिज्म के लिहाज से समझें तो, गठिया की शुरुआत इससे हो सकती है। दरअसल, शरीर में अगर मेटाबोलिक गतिविधियां लंबे समय तक प्रभावित रहती हैं तो ये आगे चलकर गठिया को ट्रिगर कर सकता है और कई समस्याओं का कारण बन सकता है।
कुछ बीमारियां मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियां भी इस स्थिति का कारण बन सकती है। दरअसल, ये बीमारियां हड्डियों के मूवमेंट्स के साथ इसके घनत्व को भी प्रभावित करती है और स्थिति को और खराब करने लगती है। ऐसे में ये आपको गठिया की ओर ले जा सकती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
धन को लेकर आचार्य श्री गोपी राम बहुत कुछ कहते हैं और यह भी सही है कि धन ही सबकुछ नहीं होता लेकिन धन से ही सबकुछ पाया जा सकता है।
धन आदमी के जीवन में बहुत महत्व रखता है। हम कहते हैं कि धन से आपके जीवन की लगभग 70 प्रतिशत समस्याएं स्वत: ही समाप्त हो जाती है। यह अलग बात है कि आप धन के बल पर समस्याएं खड़ी करने में लग जाएं।
आइए जानते हैं कि आचार्य श्री गोपी राम धन के संबंध में क्या कहते हैं, पढ़ें खास बातें-
जरूरतमंदों की मदद करें- इसलिए हम कहते हैं कि यदि आप सामर्थ्यवान है तो जरूरतमंद, असहाय तथा गरीब लोगों की मदद करने के लिए हमेशा अपना हाथ बढ़ाए, अपने पैसे खर्च करके उनकी सहायता करें और इस समय कंजूसी बिलकुल ना करें।
शिक्षा और स्वास्थ्य-शास्त्र के अनुसार यदि आप अपने धन का सदुपयोग करना चाहते हैं तो जरूरतमंदों की मदद केवल पैसे देकर ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षण सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में भी आप धनराशि देकर उनकी सहायता कर सकते हैं। इससे आपको लोगों की दुआएं भी मिलेंगी और आप आर्थिक स्थिति से मजबूती भी पाएंगे।
समाज सेवा- आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार हर व्यक्ति को सामाजिक कार्य के लिए धन खर्च करना चाहिए। यह बात ध्यान रखें कि समाज का कल्याण यानी देश का कल्याण है। अत: सामाजिक भलाई के कार्य करते समय धन खर्च करने में कंजूसी ना करें और जहां तक हो सके स्कूल, हॉस्पिटल तथा सामुदायिक भवन और अन्य जरूरी कार्यों में धन देते समय बिलकुल भी संकोच न करें।
धार्मिक कार्य- आजकल भागदौड़ भरे समय में लोग धर्म-कर्म के लिए अधिक समय नहीं निकाल पाते हैं। ऐसे समय में आपको धार्मिक कार्यों में दिल खोलकर धन खर्च करना चाहिए, इतना ही नहीं धर्म कार्यों में रुपए खर्च करते समय पीछे नहीं हटना चाहिए। वे कहते हैं कि अपनी कमाई तथा बजट के अनुसार धर्म-कर्म, मंदिर, तीर्थ स्थल पर दान तथा पुण्य कार्यों में धन जरूर खर्च करें।
धन का उपयोग- हमारी नीति के अनुसार कमाया धन तभी काम आता है, जब आप उसका सही उपयोग करें, यानी उपरोक्त रीति से आप धन खर्च करके यश व कीर्ति प्राप्त कर सकते हैं, इतना ही नहीं इन स्थानों पर धन का दान करने से आपके घर में कभी दरिद्रता भी नहीं आती है।
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⚜️ सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।


