मध्य प्रदेश

बरसते पानी में त्रिपाल लगा कर अंतिम संस्कार करने मजबूर

मुक्तिधाम में टीन शेड नहीं, पहुंच मार्ग में कीचड़, दलदल
सिलवानी। मृत्यु के शोक में डूबा हुआ परिवार आंखों में आंसू लिए अपने स्वजन के अंतिम संस्कार के लिए पानी रुकने का इंतजार करता है। पानी रुकने के बाद अंतिम यात्रा निकलती और रास्ते में पानी गिरने लगता है। रास्ते में कीचड़ दल दल से हटते बचाते मुक्तिधाम तक पहुंचता है। तो वहां भी झाड़ियां और कांटे कीचड़ के बीच शव पर त्रिपाल ढांककर अंतिम क्रिया क्रम किया गया।
बेटा अपने परिजन को मुख्याग्नि देने के लिए जाता है तेज बारिश शुरू हो जाती है। शोक में डूबे सिर जैसे ही ऊपर देखते हैं तो पता चलता है कि यहां पर शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है वहां पर ऊपर टीनशेड ही नहीं है। किसी तरह सभी लोग लाठियों के सहारे तिरपाल लगाते हैं और फिर अंतिम संस्कार करते हैं।
गीली लकड़ियों से बरसते पानी टीनशेड के अभाव में किस तरह अंतिम संस्कार किया गया होगा।
व्यवस्थाओं की बेबसी का यह दृश्य था सिलवानी तहसील की राजमार्ग किनारे बसे ग्राम सियरमऊ का।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सियरमऊ में साहू परिवार में एक बुजुर्ग का देहांत हो गया था। रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाना था। अंतिम संस्कार के बीच बारिश आ गई और यहां टीनशेड न होने की वजह से तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ा। शव जलने तक लोग लाठियों के सहारे तिरपाल को संभाले रहे, लेकिन पानी आता रहा। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के मौसम में किसी की मृत्यु हो जाने पर काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसने भी वहां यह दृश्य देखा उसकी आंखों में क्रोध भर आया। ग्रामीणों ने बताया देखरेख के अभाव में मुक्तिधाम की भूमि पर कब्जा हो गया है, वहीं ग्राम पंचायत द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया।
इस संबंध में ग्राम पंचायत सियरमऊ के सचिव रमेश शाह को दो बार मोबाइल पर बात की पर कार्यालय नहीं पहुंचे। ग्रामीणों में मुक्तिधाम में तीनशेड, तार फेसिंग नहीं होने से रोष है और उन्होंने जल्द से जल्द यहां टीनशेड व अन्य सुविधाएं देने की मांग की है। जल्द व्यवस्थाएं नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी तक दी है।

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