क्राइम

सचिव ने काम किए बिना ही स्थानांतरण के बाद भी निकाली राशि, कार्रवाई के नाम पर नोटिस

सिलवानी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनो का पंचायती राज इन दिनों भ्रष्टाचार के नये नये कारनामें का नया इतिहास लिखने को बेताब नजर आता है। किसी ग्राम पंचायत में बिना काम के कागजों में पूर्ण कर राशि निकाल लेते है तो कही सचिव अपने स्थानांतरण होने के बाद भी राषि निकालकर प्रषासनिक अमले को ठेंगा दिखाते नजर आते है जिम्मेदारों से बात करने पर एक ही रट रटाया जबाब देते है कि मीडिया से जानकारी मिली है जांच करायेगे। वही कुछ कामों के ग्राम पंचायतों की मानीटिरिंग एवं मूल्यांकन करने वाले अधिकारी आफिस की टेबिल से मूल्यांकन कर देते है।
ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत सिलवानी की ग्राम पंचायत जैथारी का प्रकाष में आया है जहां ग्राम पंचायत के सचिव भगवानसिंह जगेत का ग्राम पंचायत नारायणपुर में दिनांक 7 जुलाई 2023 को स्थानांतरण होने के बाबजूद लगभग 7 लाख रूप्ये की राशि आहरित की गई। ग्रामीणों ने बताया कि सचिव द्वारा मौके पर कोई कार्य नहीं किया और राषि निकाल ली। नियमानुसार सचिव के स्थानांतरण होने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव की डीएससी बंद कर दी जाती है परंतु उक्त सचिव डीएससी बंद नहीं होना कही ना कही जिम्मेदारों की मिलीभगत उजागर होती हैं।
शासकीय राशि का दुरूप्योग करना गबन की श्रेणी में आता है बिना कार्य किए राषि आहरित की गई है। जो कि मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 कार्यवाही के साथ निलंबन की कार्यवाही जा सकती है। इसके बाबजूद भी सचिव धडल्ले से शासकीय राशि का दुरूप्योग कर रहे है।
जनपद पंचायत सिलवानी की ग्राम पंचायतों में पूर्व में हुए गड़बड़झाले तो किसी से छिपे नहीं है। लेकिन वर्तमान में भी नए सरपंच और पंचायतकर्मियों ने षासकीय योजनाओं में गड़बड़झाला करना षुरू कर दिया है। जैथारी के इस मामले के पूर्व में ग्राम पंचायत समनापुर का साामने आया था जहां ग्राम पंचायत ने केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत सरोवर जमुनिया गनेषराम के निर्माण कार्य का ठेका एक ठेकेदार को देकर कार्य कराया जा रहा है जिसमें ठेकेदार द्वारा स्थल से ही मिट्टी खोदकर लाखों रूपये के बिल मुरम पिचिंग के नाम पर लगा कर सरकारी राशि की बंदरवाट कर ली। मनरेगा पोर्टल पर अमन के बिल क्रमांक 151, 152, 153, 154, 155, 156, 157 सभी की एक ही दिनांक 20 मई 2023 और सभी बिलों में एक जैसी राशि 98899 रूपये कुल 834192 रूपये का भुगतान प्राप्त किया है। वही इस कार्य में अभी तक 1084864 रूपये का भुगतान होना दर्शाया गया है। मौके पर शमशान भूमि के पास पूर्व से मिट्टी निकालने की गई खुदाई पर अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है।
इन अफसरों को थमाए थे कारण बताओ नोटिस
ग्राम पंचायत चिचोली में खेत तालाब निर्माण की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी उपयंत्री कमलेंद्र धाकड़ और मनरेगा के एसडीओ सुशील गोयल पर थी, लेकिन अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से नहीं निभाई। इस कारण इन दोनों अधिकारियों के साथ ही गांव के रोजगार सहायक ओपी गौर को भी कारण बताओ नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया था। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि उक्त मामले पंचायत सचिव के साथ उक्त अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार थे। आनन फानन में जांच की फाइल को दबा दिया गया जिससे इन अधिकारियों के हौसले बुलंद है और अब वह अन्य ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के कारनामों को अंजाम दे रहे है।
इस संबंध जनपद पंचायत सिलवानी की मुख्य कार्यापालन अधिकारी नीलम रायकवार का कहना है कि सचिव का टांसफर होने के बाद वैसे तो राषि आहरित नही कीं जाना थी, या तो वो काम किया होता तो ठीक था, बिना काम के राशि निकाली है तो इसकी जांच कराई जावेगी। ग्राम पंचायत समनापुर के मामले में सहायक यंत्री को जांच के निर्देष दिये है। वह अभी अवकाश पर है।

Related Articles

Back to top button