Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 01 अक्टूबर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 01 अक्टूबर 2023
01 अक्टूबर 2023 दिन रविवार को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष कि द्वितीया तिथि है। आज दूसरे दिन का श्राद्ध किया जाएगा। आज भगवान सूर्य हस्त नक्षत्र के दूसरे चरण में सुबह 07:10 बजे चले जाएँगे। आप सभी सनातनियों को “दूसरे दिन के श्राद्ध” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – आश्विन मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – अश्विन मास कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 09:42 AM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी और तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 07:27 PM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है।नक्षत्र के देवता अश्विनी कुमार है।
🔕 योग – व्याघात योग 01:13 PM तक, उसके बाद हर्षण योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 12:21 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 10:57 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:05:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:55:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:37 ए एम से 05:25 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:01 ए एम से 06:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:47 ए एम से 12:35 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:10 पी एम से 02:58 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:09 पी एम से 06:33 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:09 पी एम से 07:21 पी एम
💧 अमृत काल : 06:57 पी एम से 08:24 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:47 पी एम से 12:35 ए एम, अक्टूबर 01
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में गुड़ चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धियोग/भद्रा/मूल समाप्त/तृतीया श्राद्ध, (रोहतक जिले के रुड़की गांव के ‘विश्ववारा कन्या गुरुकुल’ की प्राचार्या) डॉ. सुकमा आचार्य जन्म दिवस, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस, राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस, अन्तरराष्ट्रीय कॉफ़ी दिवस, स्वतंत्रता सेनानी प्रताप सिंह कैरों जयन्ती, तुवालु स्वतंत्रता दिवस, पलाऊ स्वतंत्रता दिवस, साइप्रस स्वतंत्रता दिवस, विश्व शाकाहारी दिवस, वृद्ध दिवस, स्वैच्छिक रक्त दान दिवस, राजनीतिज्ञ राम नाथ कोविंद जयन्ती
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षणदोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानीजाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रानाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्णपक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🛕 Vastu tips 🏚️
ईशान कोण में रखें मिट्टी की चीजें आपको बता दूं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण, यानि उत्तर-पूर्व दिशा, यानि घर के नॉर्थ-ईस्ट कॉर्नर में मिट्टी से संबंधित चीजें रखने से इस दिशा से संबंधित वास्तु संबंधी समस्या दूर होती हैं और घर में सबकी स्थिति अच्छी होती है। उत्तर-पूर्व दिशा में मिट्टी से संबंधित चीजें रखने से जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है। इससे घर के सदस्यों के काम में किसी तरह की रूकावट पैदा नहीं होती है। साथ ही व्यक्ति तरक्की की राह पर अग्रसर रहता है।
घर के सबसे छोटे बेटे को मिलता है लाभ आपको ये भी बता दूं कि इसका सबसे ज्यादा लाभ घर के सबसे छोटे बेटे को मिलता है। साथ ही सेहत के मामले में हमारे हाथों को इसका फायदा मिलता है। इससे हाथ मजबूत बने रहते हैं, लिहाजा आप हाथ से मेहनत वाले कार्य अच्छे से पूरे कर सकते हैं । वास्तु शास्त्र में ये थी चर्चा ईशान कोण, यानि उत्तर-पूर्व दिशा में मिट्टी से संबंधित चीज़ें रखने से फायदे के बारे मेंष उम्मीद है आप भी इस वास्तु टिप्स को अपनाकर जरुर लाभ उठायेंगे।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जरूरत में कभी काम न आना जरूरत में कभी काम न आना, धोखेबाजी है। धोखेबाज लोग जरूरत के समय कभी भी सामने नहीं आते हैं और अपनी बातों से पीछे हट जाते हैं। ये चीज अगर आप किसी इंसान में हर छोटे मौकों पर देख रहे हैं तो आपको ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए और दूरी बनाना चाहिए।
करीबी और इमोशनल बने रहना करीबी और इमोशनल बने रहना धोखेबाजी की पहली पहचान है। अगर आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिला है जो आपसे इमोशनल बातें करता है और करीबी बनने की कोशिश करता है तो आपको उससे सतर्क रहना चाहिए। अपनी कोई बात ऐसे लोगों के साथ शेयर न करें क्योंकि धोखा देते समय ऐसे लोग इस बात का इस्तेमाल कर सकते हैं। तो, धोखेबाज लोगों के इन लक्षणों को जान लें और सतर्क रहें।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
दिल कमजोर हो तो क्या होता है, जानें लक्षण-सीने में दर्द होना अगर आपके सीने में दर्द हो रहा है तो यह आपकी कमजोर हृदय होने का एक मुख्य लक्षण है। इसमें आपके सीने में जलन भी हो रही होगी और अगर यह दर्द अधिक दिनों से है तब ऐसे में लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
सांस लेने में तकलीफ अगर आपको सांस लेने में तकलीफ है, सीने में दबाव सा महसूस हो रहा है, आप सांस ले तब आपको बहुत दिक्कत हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यह हार्ट अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं। सांस लेने में तकलीफ साफ तौर पर दर्शाता है कि आपका हार्ड कमजोर है।
अगर आपको अधिक पसीना आ रहा है और बेवजह पसीना आ रहा है तब यह आपकी कमजोर हृदय की निशानी है ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जांच कराएं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
मंथरा का राम के प्रति ऐसा क्या बैर था जो कैकेयी के कान भरकर उसने राम को वनवास भिजवा दिया?
मंथरा को राम के प्रति कोई बैर नहीं था। वह कैकई की धाय मां थी। मंथरा ने राम के वनवास में क्यों रुचि ली इसे समझने की प्रयास करेंगे।
मंथरा एक अल्प ज्ञानी औरत थी साथ ही उसकी बुद्धि कुटिल भी थी। उसको राजनीति और राजकाज के उच्च विचार नहीं पता थे। कैकई के प्रति प्रेम होने के नाते वह हमेशा राम और भरत की तुलना करती रहती थी और भरत को राम से ऊपर समझती रहती थी। इस कारणवश उसके दिल में राम के प्रति द्वेष आ गया।
दूसरी कारन यह हो सकती है कि दशरथ और कैकई के विवाह के वक्त कैकई के पिता ने महाराज दशरथ से यह आग्रह कीया था कि महाराज दशरथ को कैकेई से उत्पन्न पुत्र ही राजगद्दी का अधिकारी होगा। उस वक्त चुकी महाराज दशरथ को कौशल्या और सुमित्रा से कोई पुत्र नहीं थे इसलिए हामी भर दी।
पर बाद में राज दरबार में ऐसा माहौल बना कि तीनों रानिया अपने चारों पुत्रों में से किसी से भेदभाव की ही नहीं।और इस कारणवश राम सबसे बड़े थे और साथ ही सबसे गुणवान थे इसलिए उन्हें ही राजा बनना चाहिए था।
पर मंथरा को यह बात खटक रहीं थी क्योंकि उसके अपने महाराज ने भरत के राजा होने की मांग की थी।साथ ही वह कैकई के साथ अयोध्या आई थी तो वह समझती थी कि कैकेई को उसका अपना पूरा अधिकार दिलवाना भी उसी का कर्तव्य है।
इसलिए मैं यह नहीं कहूंगा कि मंथरा को राम के प्रति कोई खास बैर था ,लेकिन वह अल्प ज्ञानी थी जिसे भारत और राम जैसे भाइयों के त्याग और उच्च विचार की समझ ही नहीं थी।
आखिरकार उसने अपनी कुटिल चाल चली और परिणाम हमारे सामने है।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
(don’t copy my page_)
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

