ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 15 अक्टूबर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 15 अक्टूबर 2023

15 अक्टूबर 2023 दिन रविवार को अश्विन मास के शुक्ल पक्ष कि प्रतिपदा तिथि है। आज से अश्विन मास का शारदीय नवरात्र आरम्भ होता है। प्रथम दिवस कलश स्थापन का मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त में अर्थात दोपहर 11:36 AM से 12:24 PM तक का है। आज माता शैलपुत्री के दर्शन एवं पूजन का बहुत पुण्य होता है। आज महाराजा अग्रसेन कि जन्म जयन्ती है। सभी सनातनियों को अपने-अपने घरों में ध्वजा रोपण अवश्य करना चाहिए। आज केश संस्कार के साथ ही दोष निर्मूलन हेतु द्रव्य दान अवश्य करना चाहिए। दुर्गा सप्तशती का पाठ भी अवश्य अपने-अपने घरों में करवाना चाहिए। आप सभी सनातनियों को “शारदीय नवरात्र, महाराजा अग्रसेन जयन्ती एवं ध्वजा रोपण” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – आश्विन मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : आश्विन माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 12:32 AM तक उपरांत द्वितीया
✏️ तिथि के स्वामी – प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव जी और द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र चित्रा 06:12 PM तक उपरांत स्वाति
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह और अधिष्ठाता देव विश्वकर्मा हैं।
📣 योग : वैधृति योग 10:24 AM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग
प्रथम करण : किंस्तुघ्न – 12:01 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 12:32 ए एम, अक्टूबर 16 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:15:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:45:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:42 ए एम से 05:32 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:07 ए एम से 06:22 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:44 ए एम से 12:30 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:48 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:52 पी एम से 06:17 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:52 पी एम से 07:07 पी एम
💧 अमृत काल : 11:20 ए एम से 01:03 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:32 ए एम, अक्टूबर 16
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-देवी मंदिर में चूनर चढ़ाएं और अखण्ड दीप प्रज्वलित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : शारदीय नवरात्र प्रारंभ/घट स्थापना/ महाराजा अग्रसेन जयन्ती/ पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जयन्ती, विश्व छात्र दिवस, राष्ट्रीय मशरूम दिवस, सफेद बेंत सुरक्षा दिवस, विश्व खिलौना कैमरा दिवस, अंतर्राष्ट्रीय गर्भावस्था और शिशु हानि स्मरण दिवस, राष्ट्रीय चिकन कैसियाटोर दिवस, विश्व विद्यार्थी दिवस, ग्रामीण महिलाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, ग्‍लोबल हैंडवाशिंग डे, विश्व छड़ी दिवस, विश्व डाक दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🌷 Vastu tips 🌸
हिंदू धर्म में, विभिन्न नियम बचपन से ही हमारे दैनिक जीवन को नियंत्रित करते हैं, जो समय के साथ हमारी आदत बन जाते हैं। ऐसा ही एक नियम बाल धोने से संबंधित है, इसके लिए विशिष्ट दिनों को शुभ या अशुभ माना जाता है। देवी लक्ष्मी के आशीर्वाद का सम्मान करने के लिए इन बारीकियों को समझना आवश्यक है।
🤷🏻‍♀️ बुधवार: अविवाहित लड़कियों को बुधवार के दिन बाल धोने से बचना चाहिए। यह परंपरा इस मान्यता पर आधारित है कि इस दिन अविवाहित लड़कियों के बाल धोने से उनके जीवन में परेशानियां आ सकती हैं।
👉🏽 विवाहित महिलाओं को मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को अपने बाल न धोने की सलाह दी जाती है। ऐसा करना अशुभ माना जाता है, जिससे न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार के लिए भी दुर्भाग्य आता है। इसलिए, इन तीन दिनों में बाल धोने से बचना सबसे अच्छा है।
🤷🏻‍♀️ गुरुवार: गुरुवार, भगवान बृहस्पति को समर्पित, एक ऐसा दिन है जब पुरुषों और महिलाओं दोनों को अपने बाल धोने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है।
🤷🏻‍♀️ शुक्रवार: शुक्रवार का दिन बाल धोने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है, क्योंकि यह देवी लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन बाल धोने से देवी प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा शुक्रवार के दिन बाल कटवाना भी शुभ माना जाता है।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आखिर हमें क्यों निर्वस्त्र होकर नहीं करना चाहिए स्नान?
निर्वस्त्र स्नान करने से पितर अतृप्त होकर नाराज होते हैं जिनसे व्यक्ति का तेज, बल, धन और सुख नष्ट होता है। इसलिए कभी भी निर्वस्त्र होकर स्नान नहीं करना चाहिए। पद्मपुराण के अनुसार, नहाने वाला पानी पूर्वजों के हिस्से जाता है और निर्वस्त्र होकर नहाने से इसे पितरों के समक्ष बिना कपड़ों के नहाना माना जाता है।
🥃 आरोग्य संजीवनी 🍻
बियर पीने के क्या फायदे हैं?
बियर पीने के फायदे
रक्त शर्करा के स्तर में सुधार हो सकता है …
दिल की रक्षा हो सकती है …
भरपूर मात्रा में बी विटामिन …
मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सकता है …
खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक …
आँखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक …
हड्डियां मज़बूत हो सकती हैं
गुर्दे की पथरी को रोकने में मदद
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
गुरु होना क्यों आवश्यक है?
एक बार नारद जी विष्णु जी के पास गए। विष्णु जी ने नारद जी का बहुत आदर किया, और जब नारद जी वहां से निकले तो विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा कि, “जहां नारद बैठे थे, उस स्थान को शुद्ध करने हेतु गोबर से लिप दो”।
नारद जी ने ये बात सुन ली, और पुनः अंदर आकर बोले “प्रभु! मेरे आने पर आपने आदर भाव दर्शाया और जाते ही मेरे स्थान को पवित्र करने लगे! क्यों ?”
विष्णु जी बोले, ” जब आप अतिथि थे, तब सम्मान के पात्र थे, लेकिन आप के कोई गुरु नही, और (बिना गुरु के) निगुरे के कही बैठने पर स्थान अशुद्ध हो जाता है। इसलिए उसे पवित्र करना जरूरी है।
नारद जी ने दुःखी होकर कहा, ” प्रभु आप ही बताएं कि मैं किसे अपना गुरु बनाऊं??”विष्णु जी बोले, ” आप पृथ्वीलोक पर जाइए, और सर्वप्रथम जिससे भेंट होगी उसे ही अपना गुरु बना लीजिएगा”।
नारदजी जैसे ही पृथ्वी पर आए उन्हे सबसे पहले एक मछुआरा मिला। लेकिन देव ऋषि नारद जी को ये बिलकुल नहीं भाया की एक मामूली सा मछुआरा उसका गुरु बने।लेकिन विष्णु जी की आज्ञानुसार उन्होंने मछुआरा से विनती कर उन्हे अपना गुरु बना ही लिया।
वो वापस विष्णु भगवान के पास गए और कहा, ” प्रभु एक तुच्छ मछुआरा, एक अज्ञानी मेरा गुरु कैसे हो सकता है”।
विष्णु जी को उनके अभिमान भरे स्वर पर क्रोध आ गया और बोले, ” नारद, आपने अपने गुरु का अपमान किया है, अतः आपको मैं श्राप देता हु कि, आप 84 लाख योनियों मे घूमकर आयेंगे, तभी आपको क्षमा मिलेगी”।
नारद जी अत्यंत डर गए, और क्षमा याचना करने लगे।तब माता लक्ष्मी जी ने कहा, ” नारद! आप अपने गुरु से इसका कोई हल पूछकर क्यों नही आते?”
नारद जी, भागते हुए अपने गुरु मछुआरे के पास आए और अपनी व्यथा सुनाई। मछुआरा ने कहा, “आप विष्णु भगवान से कहिए की पृथ्वीलोक पर पूरे 84 लाख योनियों का चित्र अंकित कर दे! फिर आगे मैं बताऊंगा क्या करना है!!”
नारद जी ने गुरु की बात विष्णु जी से कही। तब विष्णु जी ने पृथ्वी लोक पर 84 लाख योनियों का चित्र अंकित कर दिया। अब मछुआरा ने नारद जी से कहा, “शिष्य, आप लेट कर पूरे चित्र पर घूम जाओ।”
नारद जी लेट कर पूरे चित्र पर घूम गए, तब विष्णु जी मुस्कुराएं और नारद जी को श्राप मुक्त किया।
विष्णु भगवान के कहा, गुरु कोई भी हो, वो किसी भी परिस्थिति मे सही ज्ञान देता है।
गुरु गूंगे गुरु बाबरे, गुरु के रहिये दास,
गुरु जो भेजे नरक को, स्वर्ग कि रखिये आस !
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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