क्राइम

अवैध पत्थर परिवहन करते ट्रेक्टर ट्राली पकड़ा,100 नग की जगह 25 नग फर्शी बनाई जप्ती

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेजगढ़। जिलें के तेजगढ वन परिक्षेत्र का मामल भाजपा सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए जाने के बाद भी प्रशासन में भ्रष्टाचार चरम पर है। अधिकारी कर्मचारी बेखौफ होकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से लेकर वन विभाग तक इस भ्रष्टाचार में शामिल है। ताजा मामला जिले के तेजगढ़ वन परिक्षेत्र का हैं । 100 फर्शी पत्थर की जगह 25 की बनाई जप्ती सूत्रों के कहना है की प्रभारी तेजगढ़ रेंजर कलहरा तिगड्डा से थोड़ी दूर पत्थरों से भरी एक ट्रेक्टर ट्राली पकड़ी जिसमें अवैध उत्खनन से निकाली गई लगभग 100 फर्शी पत्थर भरे थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है की तेजगढ़ रेंजर नीरज पांडे स्वयं जब जबलपुर से लौट रहे थे तो ग्राम कलहरा के पास कलहरा तिराहे के पास एक पीले कलर की ट्रेक्टर ट्राली को फर्शी पत्थर का परिवहन करते हुए पाया। मौके पर गौड़ खनिज से संबंधित किसी भी तरह के दस्तावेज ट्रेक्टर ट्राली में नही पाए गए। तेजगढ़ रेंजर ने कार्यवाही करते हुए ट्रेक्टर ट्राली को जप्त कर तेजगढ़ वन परिक्षेत्र कार्यालय में रखवा दिया। लेकिन अवैध गौड़ खनिज से भरी ट्राली पर कार्यवाही करने से पहले एक और खेल खेला गया। ट्रेक्टर ट्राली में लगभग 100 नग फर्शी पत्थर भरे थे जिसमें से 75 नग फर्शी पत्थर ग्राम भाट खमरिया में पास खाली कर दिए गए और बचे हुए 25 नग फर्शी पत्थर की जप्ती दिखाकर वन परिक्षेत्र अधिकारी तेजगढ़ ने अपनी पीठ थपथपा ली। अपुष्ट सूत्रों का कहना है की तेजगढ़ रेंजर और ट्रेक्टर मालिक कमल सिंघई ग्राम चंडी चौपरा के बीच हुए गुप्त समझौते के तहत ट्रेक्टर ट्राली से 75 नग फर्शी पत्थर बीच रास्ते में ग्राम भाट खमरिया में ही उतार दिए गए। कम कीमत दिखाकर वाहन को राजसात से बचाना चाहते है दरअसल जप्त की गई अवैध वन संपदा की संख्या घटकर जप्ती दिखाना पकड़े गए वाहन को राजसात से बचाने का प्रयास है। रेंजर तेजगढ़ ने 100 फर्शी पत्थर की जगह मात्र 25 नग की जप्ती दिखाई। दरअसल वन अधिनियम के अनुसार किसी भी वाहन में पकड़ी गई वन संपदा रुपए एक हजार से कम मूल्य की होने पर उसका जुर्माना कर छोड़ने का प्रावधान है वहीं यदि जप्त की गई वन संपदा एक हजार रुपए मूल्य से अधिक की है तो वाहन राजसात किए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में वन विभाग द्वारा ₹ 60 प्रति घन मीटर की दर निर्धारित है।

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