ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 31 अक्टूबर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 31 अक्टूबर 2023

हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि कार्तिक मास कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 09:30 PM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी : इस तिथि में गौरी जी की पूजा करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है. कुबेर जी भी तृतीया के स्वामी माने गये हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र रोहिणी 03:58 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा रोहिणी नक्षत्र में प्रजापति ब्रह्मा का वास माना है।
🔕 योग : वरीयान योग 03:33 PM तक, उसके बाद परिघ योग
प्रथम करण : वणिज – 09:51 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 09:30 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:26:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:34:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:49 ए एम से 05:40 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:15 ए एम से 06:32 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:37 पी एम से 06:03 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:37 पी एम से 06:55 पी एम
💧 अमृत काल : 12:46 ए एम, नवम्बर 01 से 02:22 ए एम, नवम्बर 01
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, नवम्बर 01
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को घृतपूर्ण कुम्भ (घी से भरा पात्र) भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : सर्वार्थसिद्धि योग, सरदार वल्लभभाई पटेल जयन्ती, राष्ट्रीय एकता दिवस, राष्ट्रीय संकल्प दिवस, प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी स्मृति दिवस, गुरु रामदास जयंती, विश्व नगर दिवस, हिन्दी लेखिका अमृता प्रीतम पुण्य तिथि, क्रिकेट कप्तान सी. एन. नायडू जन्म दिवस, भूतपूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर जयन्ती
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक एवं चतुर्थी को मूली का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य माना गया है। चतुर्थी को मूली एवं तिल का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला और आरोग्यकारी तिथि मानी जाती है। इसकी स्वामी माता गौरी और कुबेर देवता हैं, जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🗼 Vastu Tips 🗽
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे शयनकक्ष में शीशा लगाने के बारे में। शयनकक्ष नि बेडरूम में आप वैसे तो कहीं भी शीशा लगा सकते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार बेड के ठीक सामने शीशा या शीशा नहीं लगाना चाहिए। दरअसल, अगर बेड के ठीक सामने शीशा लगा होगा तो सबसे पहले सुबह उठने पर आपको वही दिखेगा जो कि अशुभ है। कहते हैं सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी हथेलियों में भगवान का स्मरण करना चाहिए, इसलिए बेड के सामने शीशा न लगाएं।
इसके अलावा ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में भी समस्याएं आने लगती है और साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी झेलनी पड़ सकती हैं, लेकिन अगर आपके बेडरूम में लगा वह शीशा फिक्स है और आप उसे हटा नहीं सकते तो उस पर रात को सोने से पहले ही कपड़ा ढक दें। एक बात और कि आप बेड के मने वाली जगह, यानि वह दिशा जो आपको उठते ही सबसे पहले दिखाती है, उसे छोड़कर आप बेडरूम की किसी भी दिशा में शीशा लगा सकते हैं।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर आपने अपने लंच या डिनर में मूली का सलाद या सब्जी खाया है तो उसके बाद आप दूध न पियें। दूध और मूली को हमेशा एक दूसरे से दूर ही रखना चाहिए। अगर अपने मूली खाने के बाद दूध का इस्तेमाल किया तो इससे पर रैशेस आ सकते हैं और आपकी स्किन खराब हो सकती है। साथ ही ये भी ध्यान रहे कि मूली के पराठे या सब्जी खाने के साथ भी दूध का सेवन न करें।
संतरों खाने के बाद मूली का सेवन नहीं करें संतरा खाने के बाद कभी भी मूली न खाएं। इन दोनों का मेल जहर के समान है। अगर आपने इनका सेवन एक साथ या तुरंत बाद कर लिया तो आपको पेट से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संतरा खाने के 10 घंटे बाद ही मूली कसा सेवन करें।
मूली खाने के बाद तुरंत न पियें पानी मूली खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए, इससे आपको खांसी की समस्या पैदा हो सकती है।
🥂 आरोग्य संजीवनी 🍶
कहीं इन दिनों आपको भी तो नहीं हो रहीं ये 3 समस्याएं-सिर दर्द-जहां हवा की गुणवत्ता खराब है वहां लोगों को ज्यादा सिर दर्द महसूस हो सकता है। ये एक बहुत ही सामान्य लक्षण है। दरअसल, हवा में कैमिकल्स कंपाउंड की ज्यादा उपस्थिति से सिरदर्द हो सकता है। इसके अलावा जब शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और ब्रेन तक इसका सर्कुलेशन प्रभावित होता है तो ये सिर दर्द का कारण बन सकता है।
आंखों में जलन-दरअसल, जब हवा खराब होती है तो इनमें मौजूद कैमिकल्स आंखों में जलन पैदा करते हैं। जैसे कि क्लोरिन कंपाउंड्स या PM2.5 वाले प्रदूषक कण। ऐसे में आंखों को देखने में भी ज्यादा मेहनत लगती है और हवा जो धुंधली दिखाई देती है वो आंखों में जलन पैदा कर सकती है।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बड़ा ही मेधावी बालक था , उसके पिता राजा के दरबार में मंत्री थे, बालक के पिता की राजदरबार में बड़ी ख्याति थी कि वे बहुत बड़े ज्ञानी हैं, एक बार राजा ने राजदरबार में बालक के पिता से यह प्रश्न किया कि ईश्वर कहा रहता है और क्या करता है? और उन्हें इस प्रश्न के उत्तर के देने के लिए कुछ दिन का समय दिया गया और उत्तर ना देने की सजा मृत्यु दंड थी जिससे बालक के पिता डर गए क्योंकि उनको इस प्रश्न का उत्तर पता नही था, उन्होंने ये बात जब अपने घर पर बताई तो बालक ने कहा कि इस प्रश्न का उत्तर देने वह कल राजदरबार जाएगा और उसने कहा कि पिताजी आप राजा के सामने बस इतना बोल देना की इस छोटे प्रश्न का उत्तर तो मेरा बेटा ही दे देगा क्योंकि बालक उपनिषद की कक्षा में जाता था तो उसने ईश्वर के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था।अगले दिन जब उसके पिता बालक के साथ राजदरबार में पहुचे तो उन्होंने वैसा ही किया बालक ने राजा से कहा कि मुझे दूध दिया जाये पीने के लिए दूध लाया गया बालक ने राजा से पूछा इस दूध में मक्खन और दही कहा है दिखाई नही दे रहा राजा ने बालक से कहा कि मूर्ख बालक दूध से दही देखने के लिए दूध को एक प्रक्रिया के तहत दही बनाना पड़ता है और उसको मंथन के पश्चात मक्खन प्राप्त होता है तब बालक ने कहा उसी तरह ईश्वर भी सब जगह व्याप्त है उसे देखने के लिए स्वयं को शास्त्रोक्त विधा की प्रक्रिया के तहत उस योग्य बनाना पड़ता है।अब राजा ने कहा कि वो करता क्या है तो बालक ने कहा कि मैंने आपके एक प्रश्न का उत्तर दिया इस नाते मैं आपका गुरु हुआ तो आप मुझसे राजगद्दी से नीचे उतर के नीचे बैठ के प्रश्न कीजिये जैसे ही राजा नीचे बैठा तो बालक ने कहा कि ईश्वर यही करता है ऊपर को नीचे और नीचे को ऊपर कहने का मतलब है कि सृष्टि को परिवर्तनशील बनाये रखता है यहां कुछ भी स्थायी नही है ।
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है अन्यथा इस तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।

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