क्राइम

पटाखे फोड़े बच्चों ने, लाठियां चलीं बड़ों में, पीट-पीटकर महिला की कर दी हत्या

बच्चे को पटाखा फोड़ने से मना करने पर हुआ विवाद मारपीट में बदला
रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । रायसेन जिले के बरेली थाना अंतर्गत ग्राम अलीगंज में बीती शाम बच्चों के पटाखे फोड़ने को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के ऊपर डंडा, फरसा और फावड़े से हमला कर दिया। जिसमें एक ही परिवार के लगभग एक दर्जन से अधिक महिला- पुरुष घायल हो गए। इस मामले एक महिला की अस्पताल लाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार घटना 10 नवंबर धनतेरस की शाम को घटित हुई। जब लीला यादव द्वारा बच्चों को पटाखा फोड़ने से मना किया और विवाद की स्थिति बन गई।
घायल झलकन सिंह ने बताया कि हमारे घर का बच्चा सड़क पर पटाखा फोड़ रहा था। जिसको लेकर लीला, सिब्बू और नारायण से थोड़ी कहां सुनी हो गई थी। इसके बाद लीला, सिब्बू, छन्नू, नारायण, गोकुल, मुन्ना, हल्के और हक्कू फरसा, फावड़ा और डंडा लेकर घर में घुस गए। इसके बाद हम सभी परिजनों के साथ बुरी तरह मारपीट करने लगे।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस को एक ही परिवार के 13 लोग बुरी तरह घायल मिले, जिन्हें सिविल अस्पताल लाया गया। इस दौरान सविता पति कमलेश 40 वर्ष की रास्ते में ही मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते ही एसडीएम संतोष मुद्गल, सुरेश दामले, थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया पुलिस बल के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सभी घायलों को बरेली अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद एम्स अस्पताल भोपाल रैफर किया गया। घायल भगवान दास ने बताया कि लीला यादव के परिवार से पूर्व से ही विवाद चल रहा था।
घटना में प्रियंका पति मोनू यादव, नंदूलाल, मोनू सिंह यादव, गोलू उर्फ डालचंद, जितेंद्र सिंह, कमलेश यादव, भुरिया बाई, गोरेलाल, मुन्नी बाई, भगवती बाई, झलकन, जितेंद्र को गंभीर चोंट आई। जबकि सविता पति कमलेश की मौत हो गई।
वहीं इस हमले में आरोपी पक्ष से भी घायल हुए हैं। जिनमें लीला पिता मुन्नालाल, सिब्बू पिता मुन्नालाल, छन्नू पिता नारायण, नारायण पिता भूपत, गोकुल पिता नारायण, मुन्ना पिता भूपत, हल्के पिता मुनीम और हक्कू शामिल है। इसके बाद पुलिस ने एक-दूसरे की रिपोर्ट पर दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया।

Related Articles

Back to top button