आज का पंचांग आज का पंचांग सोमवार, 29 जनवरी 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 29 जनवरी 2024
29 जनवरी 2024 दिन सोमवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी का पावन व्रत है। इसे सामनी भाषा में गणेश चौथ के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है, कि आज ही भगवान श्रीगणेश जी का जन्म हुआ था। इसे तिलकुटी या वक्रतुंडी चतुर्थी भी कहा गया है। लिखा है:- माघ कृष्ण चतुर्थ्यातु प्रादुर्भूतो गणाधिप:। आज का व्रत सनातनी स्त्रियाँ अपने पुत्रों के दीर्घायु हेतु दिन भर अखण्ड उपवास रखकर, सायंकाल में भगवान श्रीगणेश जी की पुजा करने के बाद चन्द्रमा देवता के निकलने (चंद्रोदय:- रात्रि 09:27 बजे) पर उन्हें देखकर अर्घ्य देकर ही व्रत खोलती हैं। आप सभी सनातनियों को “संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी के पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सोमवार माघ माह के कृष्ण पक्ष चतुर्थी – पूर्ण रात्रि तक
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्थी तिथि के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। यह खला तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 06:57 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा राशि स्वामी सूर्य है। इसके देवता भग हैं,
🔕 योग – शोभन योग 09:43 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग
⚡ प्रथम करण : बव – 07:31 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – पूर्ण रात्रि तक
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:36:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:24:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:18 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:11 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:22 पी एम से 03:05 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:55 पी एम से 06:21 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:57 पी एम से 07:17 पी एम
💧 अमृत काल : 11:44 ए एम से 01:32 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, जनवरी 30 से 01:00 ए एम, जनवरी 30
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-गणेश मंदिर में तिल के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहारगणेश संकष्टी तिल चतुर्थी (चंद्रोदय रात्रि 9:27 मि.), बीटिंग द रिट्रीट, शिशोदिया राजवंश के राजा महाराणा प्रताप स्मृति दिवस, अभिनेता अरविंद जोशी पुण्य तिथि, भूतपूर्व न्यायाधीश अजीत नाथ राय जन्म दिवस, स्वामी प्रणबानंद महाराज जन्म दिवस, अभिनेता बॉबी देओल जन्मोत्सव, लेखक अशोक गुप्ता जन्म दिवस।
✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🍃 Vastu tips 🌳
वास्तु के अनुसार आज हम आपको जिस पेड़ की पत्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं। उसका सही ढंग से उपयोग करने पर आपको अपार धन-दौलत की प्राप्ति होगी और घर में धन-संपदा भी बनी रहेगी।
अशोक का वृक्ष हिंदू धर्म में बहुत ही पूज्यनीय है। इस पेड़ की पत्तियों का प्रयोग अक्सर धार्मिक अनुष्ठानों में होता है। अशोक वृक्ष जिसे अहिंसा वृक्ष भी कहते हैं, हिंदू धर्म में यह एक पवित्र पेड़ माना जाता है। अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना चाहते हैं और धन संपन्नता को बरकरार रखना चाहते हैं, तो जान लीजिए अशोक की पत्तियों का ये अचूक वास्तु उपाय।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अंगूर खाने के क्या फायदे होते है? ऊर्जा स्तर बढ़ाएं:अंगूर शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और थकावट को कम करते हैं।
अच्छे पाचन के लिए:अंगूर पाचन को सुधारने में मदद करते हैं और अपच रोग से बचाते हैं।
विटामिन और खनिजों का खजाना:विटामिन, खनिज और गुणसूत्रों से भरपूर, अंगूर शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं।
हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं:अंगूर में पोटैशियम और फाइबर होता है जो हृदय के लिए लाभकारी है।
शरीर के ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में मदद:अंगूर में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स होता है जो ऊर्जा के स्तर को उच्च रखने में मदद करता है।
आंतरिक विषाणु संरक्षण:अंगूर में विटामिन सी होता है जो आंतरिक विषाणु संरक्षण में सहायक है।
विषाणुता सुरक्षा:अंगूर अंतिरक्षा कक्षा को मजबूत बनाने में मदद करते हैं और रोग प्रतिरोध को बढ़ाते हैं।
अच्छी तरह से रक्त परिसंचरण:रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने में अंगूर मदद करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को सुधारते हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
थकान का कारण अगर आप बिना ज्यादा काम किए थकान महसूस करते हैं, तो यह विटामिन बी12 की कमी के कारण हो सकता है। ऐसे में स्थिति के खराब होने पर आप बैठे रहने या ज्यादा देर लेटे रहने के बाद भी थकान महसूस कर सकते हैं
स्किन का पीलापन जैसा हमने आपको बताया कि विटामिन – बी12 की कमी से रेड ब्लड सेल्स बनने का प्रोसेस स्लो हो जाता है। इससे एनीमिया की समस्या हो सकती है और स्किन पीली दिखने लगती है।
मुंह के छाले विटामिन- बी12 की कमी होने पर मुंह में छाले होने की समस्या हो सकती है। यह घाव बहुत दर्दनाक हो सकता है, जिससे आप खाने और बोलने में भी कठिनाई महसूस करेंगे
सांस फूलना विटामिन बी12 की कमी के कारण इंसान को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इस समस्या को नजरअंदाज न करें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
क्या कर्म बड़ा है या भाग्य?
भाग्य तो कर्म का नतीजा है।
हम जो जो कर्म करते हैं उन सबके फल हमें पाप-पुण्य यानि दुःख-सुख के रूप में कभी तुरंत और कभी कुछ समय बाद वर्तमान जन्म में या आने वाले जन्मों में भाग्य के रूप में मिलने वाले हैं।
अतः बड़ा तो कर्म ही माना जाएगा, क्योंकि कर्म नहीं तो भाग्य भी नहीं।
बाक़ी, जो हो गया सो हो गया उसे यानि उसके फलों को यानि भाग्य को तो सामने आने से रोका नहीं जा सकता। तो हमारे लिए यही उचित है कि हम भाग्य के अनुसार हमारे सामने उपस्थित होने वाली प्रतिकूल और अनुकूल परिस्थितियों का सामना धैर्य पूर्वक अपने विवेक से करें। ऐसा करने से हम प्रतिकूल परिस्थितियों को अपेक्षाकृत आसान और कम कष्टदायी बना सकते हैं और अनुकूल परिस्थितियों को तो स्वर्ण अवसरों में बदल सकते हैं। इसी को तो अपने पराक्रम से भाग्य को बदलना कहा जाता है।
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।

