मध्य प्रदेश

40 करोड़ से 35 किमी बनी सड़क एक साल में उखड़ने लगी, अफसर नहीं कर रहे कार्रवाई

पांच साल थी गारंटी ग्रामीणों की आपत्तियों को दरकिनार कर सड़क निर्माण कर दिया पूरा, अब खुल रही पोल
निजी जमीन आने के कारण 150 मीटर रोड नहीं बनी एप्रोच रोड भी धंसी, पुल-पुलिया हो रहे हैं क्षतिग्रस्त
सिलवानी । 40 करोड़ से बनी 35 किमी सड़क 1 साल भी नहीं टिक पा रही है। निर्माण एजेंसी ने इस सड़क की पांच साल की गारंटी दी थी, लेकिन गारंटी से पहले ही इस मार्ग पर बने पुल-पुलिया और एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने लगे हैं, वहीं 150 मीटर का हिस्सा निजी जमीन आने के कारण अब तक नहीं बन सका है। ऐसे में ग्रामीणों को मार्ग बनने के बाद भी उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति यह है कि इन कार्यों से लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा की आईपीसी कंपनी द्वारा लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से 35 किमी से अधिक लंबाई की सड़क का निर्माण किया गया है। तहसील के गांव गांधीनगर, राजीवनगर, जुनिया, रानीपुरा, भोडिया, बटेर, नीगरी, आमापानी कॉलोनी आदि गांवों को जोड़ने वाली डामर और कांक्रीट युक्त सड़क व सड़क के बीच में पड़ने वाले नदी-नाले पर पुल और पुलिया का निर्माण कराया गया है। सड़क निर्माण के एक साल में ही जगह-जगह उखड़ने लगी है।
गांधी नगर की पुलिया घटिया निर्माण की हकीकत कर रही बयां
नगर के गांधीनगर में बनाई गई पुलिया भी क्षतिग्रस्त होकर अपने घटिया निर्माण की कहानी बयां कर रही है तो इस पुलिया पर अंधा मोड़ होने के बावजूद भी रेलिंग का निर्माण नहीं किया। गांधी नगर से ग्वारी की ओर सड़क का डामर और गिट्टी उखड़ गई। डामर के नाम पर कोलतार का उपयोग किया गया जिससे सड़क पर गिट्टी फेल रही है।
अफसरों ने माना भी सड़क खराब
पूर्व में मीडिया ने इस सड़क को लेकर समाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग के इंई ने स्थानीय टीम को भेजकर सड़क की जांच करने की बात कही थी। स्थानीय अफसरों की टीम ने सड़क का मुआयना किया तो कई बातें निकलकर सामने आई है। जांच टीम के अफसरों ने सड़क की कमियां देख हतप्रभ रह गए और सड़क का खराब होना माना है। अफसर अब सुधार कार्य करवाने की बात कह रहे हैं।
निर्माण के बाद क्षतिग्रस्त होने लगे पुल- पुलिया और सड़क।
निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने दर्ज करवाई थी आपत्ति
सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित मापदण्ड की सामग्री उपयोग न होने के आरोप लगाते हुए तत्कालीन अफसरों के सामने आपत्ति दर्ज करवाई थी, लेकिन अफसर और निर्माण एजेंसी दोनों ने ग्रामीणों की आपत्ति को दरकिनार कर सड़क का निर्माण पूरा करवा दिया और निर्माण एजेंसी को भुगतान भी हो गया। अब स्थिति यह है कि सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है। जगह जगह से यह सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है।
इस संबंध में नितिन पटेल, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मैने भी ज्वाइन करने के बाद ईई सर के निर्देश पर सड़क का निरीक्षण किया था, यह सही है। कई जगह सड़क धंस गई है। पुल पुलियों के पास एप्रोच रोड काटन बाल आदि धंस रहे हैं। ठेकेदार की 1 करोड़ 18 लाख की परफार्मेस राशि विभाग के पास जमा है। इस राशि से सभी जगह गुणवत्तायुक्त निर्माण करवाएंगे।

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