मध्य प्रदेश

नगर की बिटिया ने बढ़ाया नगर का गौरव, गांधी भवन में हुई सम्मानित

सिलवानी । नगर में पली बढ़ी और शिक्षित हुई सेवानिवृत उप वन मंडल अधिकारी व्ही.आर. धुर्वे की की ज्येष्ठ पुत्री अंजना धुर्वे को राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
नगर सिलवानी में पली और बड़ी एक आदिवासी लड़की ने निरंतर प्रयास करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां को उठाते हुए सतत संघर्ष करते हुए अपने और अपने परिवार की नीब गड़ी उसने कभी पीछे मुड़ के नहीं देखा और आगे बढ़ती चली गई उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा सकारात्मक सोच, लगन और प्रतिभा के कारण बहुत जल्दी उसकी नौकरी माध्यमिक शिक्षक के रूप में शासकीय माध्यमिक शाला मुंआर में लग गई।
अपने कार्य के प्रति समर्पण त्याग और लगन को देखकर सर्व शिक्षा अभियान की बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सर्व शिक्षा अभियान के छात्रावास में कमजोर और वंचित परिवारों की बालिकाओं की सेवा का कार्य वार्डन पद के रूप में आपको मिलता है तो उसने इस कार्य में और अधिक रुचि दिखाते हुए बालिकाओं की 24 घंटे सेवा करती रही और बालिकाओं के उठने से लेकर सोने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां को बहुत ही अच्छे तरीके से निभाती रही।जिससे साथ में अन्य वार्डन भी बहुत ही उत्साह और उमंग के साथ कार्य करती हैं जिससे आपको और बल मिलता है।और निरंतर 6 वर्ष बालिका छात्रावास में वार्डन पद पर कार्य किया से साथ में अपनी पढ़ाई और उच्च नौकरी की उम्मीद भी बरकार रखी और अंतत: पुलिस विभाग में सहायक निरीक्षक के पद पर चयन हुआ तो शिक्षा विभाग से पुलिस विभाग को चुनते हुए अपनी समाज सेवा और पीड़ित पक्ष की लगन को पूरा करने का बीड़ा उठाया। और आज उसी लगन और जोश को सम्मानित किया गया। और वर्तमान में भैसादेही थाना में निरीक्षक के पद पर पदस्थ है।
विमुक्त जनजातियों के मानव अधिकारों तथा समुदाय पुलिस व्यवस्था विषय पर राजधानी भोपाल के गांधी भवन में एक कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला समापन समापन समारोह में रिटायर्ड डीजीपी ऋषि शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रशिक्षण से एवं उन्मुख व्यवहारों के लिए पुलिस लगातार प्रयत्नशील है और इसके लिए विमुक्त जातियों एवं उनके मानव अधिकारों एवं उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए एक सहयोगी पुलिस व्यवस्था कायम करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस लगातार कार्यरत हैं। ऋषि शुक्ला ने पीड़ित व्यक्तियों की बातेँ भी सुनी और य़ह भी बताया कि किस तरह से पुलिस इस दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है तथा और क्या-क्या करने की अपेक्षा हैं। परन्तु पुलिस का तथा पीड़ित समुदायों का आपस में संवाद होना बहुत आवश्यक है।
यह कार्यक्रम मुस्कान संस्था द्वारा आयोजित किया गया था जो एक मानव अधिकार सामाजिक संस्था हैं और विमुक्त ज़न जातियों के कल्याण की दिशा में कार्य कर रही है तथा पीड़ित व्यक्तियों को मुख्य धारा में लाने के लिए तथा उनके बालक बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है।
कार्यशाला में ऐसे 8 जिलों के पुलिस अधिकारी सम्मिलित हुए जहां पर इन जनजातियों की संख्या अधिक है। पुलिस तथा ज़न जातियों सदस्यों का आपसी संवाद भी हुआ तथा आगे की कार्य योजना क्या होना चाहिए इस पर भी चर्चा हुई। इस दिशा मे थाना निशातपुरा क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य करने के लिए और विमुक्त जातियों को शिक्षित करने उनकी पंचायतों के साथ संवाद करने और कानून संबंधी व्यवहार हेतु जन जागरुकता लाने में पुलिस कार्य कर रही है और इससे उस क्षेत्र में अपराधों में भी कमी आई है तथा जनजातियों का विस्वास पुलिस के प्रति बढ़ा है। बैतूल जिले की भैसादेही थाना प्रभारी अंजना धुर्वे द्वारा इस दिशा मे श्रेष्ठ कार्य करने के लिए तथा इन पीड़ित व्यक्तियों को समाज की मुख्य धारा में लाने में, अपराध मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करने में और नई युवा पीढ़ी को बेहतर शिक्षा एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने में इन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया है, इसलिए उन्हें भी सम्मानित किया गया।
ब्रिटिश काल से इस प्रकार कुछ ज़न जातियों को प्रताड़ित और शोषित करने की परंपरा स्थापित हुई थी उसके बारे में मुस्कान संस्था की ओर से एक बहुत ही सुंदर नाटक का मंचन किया गया, एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
मानव अधिकारों से जुड़ी उक्त कार्यशाला में डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग डॉ. विनीत कपूर तथा दिल्ली से मानव अधिकार विशेषज्ञ नायक, देविका तथा नेशनल लॉ युनिवर्सिटी भोपाल के प्रोफेसर यूपी सिंह भी उपस्थित रहे साथ ही 8 जिलों के प्रतिनिधि भी उक्त कार्यशाला में उपस्थित रहे। मुस्कान संस्था की संयोजिका शिवानी तथा सीमा देशमुख द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

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