धार्मिकपर्यावरणमध्य प्रदेश

नोहलेश्वर मंदिर के पास लगातार होते जा रहे नवनिर्माण

ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
नोहटा । दमोह जिले के नोहटा में कल्चुरी कालीन प्राचीन शिव मंदिर है। जिसकी सुदंरता देखते ही बनती है। यह मंदिर आस्था व शिल्प कला का अदभुत संगम हैं। दमोह जबलपुर हाईवे पर नोहटा के समीप पड़ने वाले इस मंदिर पर जिसकी भी नजर पड़ती है वह मंदिर की सुंदरता निहारता रह जाता है। मंदिर के अंदर अति प्राचीन शिवलिंग विराजमान हैं। मंदिर की दीवारों पर चारों ओर से उकरी गई पुरातन कालीन सैकड़ों प्रतिमाएं हैं जिनकी नक्काशी देखते ही बनती है। यहां पर वैसे तो वर्ष भर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नोहलेश्वर मंदिर जिले में अपनी एक अलग पहचान रखता हैं लोगों की आस्था का मुख्य केंद्र हैं परन्तु अब इसकी सुंदरता में ग्रहण लगता प्रतीत होता हैं क्योंकि मंदिर के आसपास लोगों ने कई सारे निर्माण कर लिये हैं और करते जा रहे हैं पहले 500 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण या नवनिर्माण नहीं हो सकता था लेकिन अब मंदिर के पास से ही निर्माण हो रहे हैं कोई भी पुरातत्व विभाग का कर्मचारी या उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और नवनिर्माण बेरोकटोक से अपनी चरम सीमा पर चल रहे हैं इस अमूल्य प्राचीन कल्चुरी कालीन धरोहर का अस्तित्व खतरे में नजर आता दिख रहा हैं।

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