मध्य प्रदेश

सीएम राइज स्कूल भवन का काम अभी तक नहीं हुआ शुरू विद्यार्थियों में आक्रोश

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । मध्य प्रदेश की चुनिंदा सीएम राइज स्कूल भवनों में से एक भवन निर्माण की स्वीकृति बेगमगंज के लिए मिलते ही पालकों और विद्यार्थियों मैं खुशी की लहर थी लेकिन समय बीत रहा है और भवन का निर्माण नहीं होने के कारण अब उनकी खुशी धीरे-धीरे आक्रोश में तब्दील होती नजर आ रही है। क्योंकि ग्राउंड के बचाने के चक्कर में अब स्थिति यह बन रही है कि कब सीएम राइज स्कूल भवन निर्माण की राशि लैप्स हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
विद्यार्थियों ने नाम न छापने की शर्त पर अपना आक्रोश सीएम राइज के प्रिंसिपल पर और स्थानीय अधिकारियों पर उतरते हुए कहा कि भूमि सीएम राइज स्कूल की है स्कूल की भूमि पर खेलने का हक स्कूल के विद्यार्थियों का है। तो फिर स्कूल से बाहर के लोगों या खिलाड़ियों का हस्तक्षेप क्यों बर्दाश्त कर रहे हैं यह समझ से परे है।
छात्रों ने चर्चा में बताया कि जिस तेजी से तत्कालीन एसडीएम अभिषेक चौरसिया ने कर्मचारियों के क्वार्टर तुड़वाकर भवन निर्माण की राह हमवार की थी यदि वे कुछ दिन और ठहर जाते तो शायद अभी तक स्कूल भवन तैयार हो जाता छात्रों का कहना है कि यदि शीघ्र भवन निर्माण शुरू नहीं किया तो वे धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
यदि सब कुछ ठीक- ठाक रहा और सीएम राइज स्कूल का भवन निर्माण शुरू हुआ तो उसमे होंगी यह विशेषताएं:- मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा सीएम राइज योजना के तहत 1 लाख से भी अधिक शासकीय स्कूलों को रजिस्टर किया है। जिसके माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।इन स्कूलों में प्री नर्सरी से हायर सेकेंडरी (कक्षा 10वीं एवं 12वीं) तक की कक्षाएं उपलब्ध होगी। दोनों माध्यम की शिक्षा प्रणाली हिंदी और अंग्रेजी इन स्कूलों में उपलब्ध होगी।आधुनिक अथवा संरचना एवं उच्च दक्षता वाले शिक्षक सीएम राइज स्कूल में नियुक्त किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश सीएम राइज योजना के तहत बनने वाले स्कूल में बैंकिंग काउंटर, स्विमिंग पूल, डिजिटल स्टूडियो, कैफेटेरिया, जिम, थिंकिंग एरिया, आदि सुविधाओं का भी समावेश होगा। साथ ही विशाल फुटबॉल एवं क्रिकेट मैदान बास्केटबॉल, खो-खो, कबड्डी का मैदान बैडमिंटन व टेबल टेनिस हाल छात्र छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास मेंआदि भी उपलब्ध रहेंगे।
15 से 20 किलोमीटर के अंतर पर रहने वाले बच्चे इन स्कूलों में पढ़ेंगे।
राज्य सरकार द्वारा इन स्कूलों में आने जाने के लिए सरकारी बस की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। नियमों के अनुसार सभी नए शिक्षकों को प्रशिक्षण लेना होगा। इस योजना के माध्यम से शिक्षकों के वेतन में भी वृद्धि की जाएगी। पदस्थ शिक्षकों को रहने के लिए स्कूल के परिसर में क्वार्टर दिए जाएंगे। ताकि उन्हें स्कूल में आने जाने के लिए कोई समस्या ना हो स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नए शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी उसमें जो सफल होंगे उनका चयन सीएम राइज स्कूल के लिए किया जाएगा।नियमित वेतन से भी अधिक वेतन इस योजना के तहत शिक्षकों को मिलेगा। बच्चों का ड्रेस कोड भी निजी स्कूलों जैसा ही होगा।
सरकार की मंशा है कि मुख्य रूप से विद्यालयों का बेहतर नेतृत्व एवं दक्ष शिक्षक विद्यालयों की सर्व सुविधायुक्त अधोसंरचना स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों की सहभागिता शिक्षा में बेहतर गुणवत्ता हेतु स्मार्ट क्लासेस, ऑल टाइप्स लेबोरेटरी आदि की व्यवस्था।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु कला, संगीत, खेलकूद आदि की सुविधा, भविष्य में सफल केरियर बनाने हेतु विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा भी दी जाएगी।
प्राइवेट स्कूलों की माफिक प्री नर्सरी से हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा क लाभ जाहिर बात है कि गरीब और मध्यम परिवार के लोगों के साथ-साथ धनाड्य लोगों के बच्चों को भी मिलेगा। यदि किसी कारणवश उक्त स्कूल भवन कैंसिल होता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान गरीब व मध्यम परिवार के लोगों को उठाना पड़ेगा। और ऐसे परिवार नहीं चाहते की सीएम राइज स्कूल जैसी सौगात यहां से चली जाए।
कुछ बुजुर्गों ने चर्चा में बताया कि सन साठ के आसपास बेगमगंज को महाविद्यालय की सौगात मिल रही थी लेकिन वह कुछ लापरवाही के चलते बरेली चली गई थी और फिर आंदोलन के बाद तहसील को कॉलेज मिल पाया था। आईटीआई के मामले में भी ऐसा ही हो चुका है बाद में जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से पुनः वापस हो सकी। लेकिन यदि सीएमम राइज स्कूल भवन चला गया तो फिर वापस आना बहुत मुश्किल है।
सीएम राइज स्कूल भवन की स्वीकृति की आस पर आज दर्जनों छात्र प्राइवेट स्कूलों से नाम कटवा कर अपने एडमिशन करा रहे हैं स्थिति यह है कि स्कूल में वर्तमान मैं बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के एडमिशन लेने से मना किया जा रहा है क्योंकि स्कूल में टीचर्स की कमी है और भवन भी नहीं है। लेकिन सीएम राइज स्कूल बनने से यह सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
इस संबंध में एसडीएम सौरभ मिश्रा का कहना है कि निर्माण एजेंसी और विभाग के बीच तय होना है कि निर्माण कब से शुरू किया जाएगा पहले वह ग्राउंड बनाकर देंगे।

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