ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 06 जुलाई 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 06 जुलाई 2024
06 जुलाई 2024 दिन शनिवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष कि प्रतिपदा तिथि है। आज से गुप्त नवरात्रि आरम्भ हो जाएगा। आज सूर्य देवता आर्द्रा नक्षत्र से चलकर पुनर्वसू नक्षत्र में चले जाएंगे। स्त्री.-स्त्री, चन्द्र-चन्द्र योग है। अश्व वाहन, नीरा नाड़ी जिसका स्वामी शुक्र है। मेघों की गर्जना से आकाश भरा रहेगा परन्तु सामान्य वर्षा का ही योग बनेगा। आज त्रिपुष्कर योग भी है, जो अत्यन्त ही शुभ होता है। आप सभी सनातनियों को “गुप्त नवरात्रि की” बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार आषाढ़ माह के शुक्ल प्रतिपदा तिथि 04:26 AM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुनर्वसु 04:48 AM तक उपरांत पुष्य
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुनर्वासु नक्षत्र का स्वामी गुरु है और राशि स्वामी बुध है। अदिति इस नक्षत्र की इष्टदेवी है।
⚜️ योग – व्याघात योग 02:47 AM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : किंस्तुघ्न – 04:22 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 04:26 ए एम, जुलाई 07 तक बालव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:14:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:49 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:28 ए एम से 05:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:54 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 02:20 ए एम, जुलाई 07 से 03:58 ए एम, जुलाई 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 07 से 12:46 ए एम, जुलाई 07
🪷 त्रिपुष्कर योग : 04:26 ए एम, जुलाई 07 से 04:48 ए एम, जुलाई 07
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्योहार – गुप्त नवरात्रि प्रारंभ, अंतर्राष्ट्रीय चुंबन दिवस या विश्व चुंबन दिवस, राष्ट्रीय वायु यातायात नियंत्रण दिवस, राष्ट्रीय फ्राइड चिकन दिवस, विश्व ज़ूनोसिस दिवस, एम एचआई पी दिवस, अंतर्राष्ट्रीय बीयर दिवस, राष्ट्रीय जल गुब्बारा दिवस, राष्ट्रीय ताजा सांस दिवस, नेशनल विगल योर टोज़ डे, राष्ट्रीय रूट बीयर फ्लोट दिवस, भारतीय महिला राजनीतिज्ञ सुषमा स्वराज स्मृति दिवस, रामकृष्ण गोपाल भंडारकर जन्म दिवस, सुखबीर सिंह संधू जन्म दिवस, प्रसिद्ध उद्योगपति धीरूभाई अंबानी पुण्य तिथि, भारतीय वैज्ञानिक नौतम भट्ट स्मृति दिवस, धीरजलाल हीराचंद अंबानी स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
यदि आपके घर में पीपल का पेड़ उग गया है तो इसे थोड़ा बड़ा होने दें। उसके बाद इसे मिट्टी सहित खोदकर किसी दूसरी जगह पर लगा दें।
पीपल का पेड़ घर में होने से परिवार के लोग तरक्की नहीं कर पाते और इसके होने से रोज नई समस्याओं का जन्म होता है। पीपल के पेड़ को काटना नहीं चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है। अगर किसी विशेष परिस्थिति में कटना पड़े तो उसकी पूजा करके रविवार को ही काटना चाहिए और किसी दिन नहीं काटना चाहिए।
अगर आपके घर में बार-बार पीपल का पेड़ उग जाता है तो ऐसे में आप 45 दिन तक पीपल के उस पौधे की पूजा करें और उस पर कच्चा दूध चढ़ाते रहें। फिर 45 दिन बाद पीपल के पौधे को जड़ समेत किसी दूसरे जगह पर लगा दें। ऐसा करने से वास्तु दोष भी नहीं लगेगा।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ठीक करती है बुखार :-अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है।
गिलोय के फायदे – डायबिटीज के रोगियों के लिए गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है।
पाचन शक्ति बढ़ाती है -: यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है।
🍂 आरोग्य संजीवनी 🍁
हड्डियों को देता है मजबूती इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। बच्चों को खिलाए तो हड्डियों का विकास करता है ,बढ़ती उम्र में खाए तो जोड़ों के दर्द, गठिया आदि की परेशानियों से निजात दिलाता है ।ऐसे ही आप वंशलोचन को दूध में मिलाकर पी सकते हैं ।
पित्त को करता है शांत इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए यह पित्त शांत करता है और दूसरे दोषों जैसे वात ,कफ आदि मे संतुलन को बनाए रखना है । इसके नियमित रूप से पानी के साथ सेवन करने से फायदा होता है।
मुंह के छालों में फायदेमंद मुंह में छाले पेट की गर्मी के कारण होते हैं ।वंशलोचन पेट की गर्मी को शांत करता है। छालों में शहद मिलाकर इसका सेवन करना चाहिए शहद में पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह के इंफेक्शन को कम करने में मदद करते हैं।
बॉडी डिटॉक्स करता है यह शरीर को डिटॉक्स करता है। शरीर से विषैला पदार्थ को बाहर निकलता है ,और आंतों की सफाई करता है ,साथ ही मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है ।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान कृष्ण ने स्नान करती गोपियों के कपड़े उठा लिए और उनसे ये प्रतिज्ञा करवाई कि वह आगे से पूर्ण न‌िर्वस्‍त्र होकर स्नान नहीं करेंगीं। ये शरारत से नहीं किया गया था। कृष्ण का जीवन कुछ सन्देश देता है। उनकी शरारत भी कुछ उदेश्य से ही होती है। उनका जीवन, उनके मुख से निकले वचन अपने अंदर कई तरह की शिक्षाएं लिए हुए होता है। इसलिए लोग जब भी गीता वापिस-वापिस पड़ते हैं उन्हें हर बार नए अर्थ समझ में आते हैं।
एक बार जब गोप‌ियां अपने वस्‍त्र उतार कर स्नान करने जल में उतर जाती हैं। भगवान श्रीकृष्‍ण गोप‌ियों के वस्‍त्र चुरा लेते हैं और जब गोप‌ियां वस्‍त्र ढूंढती हैं तो उन्हें पता चलता है उनके वस्‍त्र पास ही के पेड़ पर कान्हा के पास हैं। गोप‌ियां जब कान्हा से अपने वस्त्र मांगती है तो कान्हा कहते हैं कि बाहर आ कर ले लो। इस पर बिना वस्त्रों से गोपियां जल से बाहर आने में अपनी असमर्थता जताती हैं। कान्हा उनसे बहस करते हैं। गोपियां कहती हैं जब वो नदी में स्नान करने आईं, तो उस समय यहां कोई नहीं था।
ये बात सुनकर कान्हा कहते हैं मैं तो हर पल हर जगह मौजूद होता हूं फिरआसमान में उड़ते पक्ष‌ियों और जमीन पर चलने वाले जीवों ने तुम्हें न‌िर्वस्‍त्र देखा। जल में मौजूद जीवों ने तुम्हें न‌िर्वस्‍त्र देखा और तो और जल रूप में मौजूद वरुण देव ने तुम्हें नग्न देखा।
गरुड़पुराण में बताया गया है क‌ि स्नान करते समय आपके प‌ितर यानी आपके पूर्वज आपके आस-पास होते हैं।
हमें जो दिखाई देता है वह वही जगत है जिसे हमारी आँखें देख पाती हैं। भौतिक अंगो से भौतिक वस्तुएं ही दिखाई देती हैं। इसलिए हमारी आँखें हमारे आसपास के सूक्ष्म जगत को नहीं दख पाती। हम अकेले दीखते हैं परन्तु होते नहीं हैं।
हर धर्म इस विषय पर कुछ न कुछ कहता है। पाश्चत्य देशों के लोग भी मानते हैं कि हर मनुष्य के साथ एक या दो स्प्रिचैल गाइड्स (spiritual guides) जन्म से ही होते हैं।वे लोग एंजेल्स की बात करते हैं। हिन्दू धर्म स्प्रिचैल गाइड्स को ही पितर या देवता बोलता है।
इसलिए आज भी हमारे ऋषि मुनि सभी न‌िर्वस्‍त्र होकर नहाने से मना करते हैं
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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