एक पेड़ मां के नाम टीकमगढ पुलिस ने किया पौधारोपण

कुल 6180 फलदार, फूलदार , छायादार व औषधीय पौधे रोपे गए
पर्यावरण संरक्षण करने हेतु की गई अपील
नवीन कानूनों की दी गई जानकारी
रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । जलवायु परिवर्तन की रोकथाम हेतु भारत के योगदान को दृष्टिगत रखते हुए “एक पेड़ माँ के नाम” पौधारोपण अभियान का शुभारंभ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर किया गया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर म.प्र. में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वृहद स्तर पर पौधारोपण एवम पेड़- पौधो की देखभाल का संकल्प लिया गया है।
इसी तारतम्य में दिनांक 11 जुलाई 2024 को जिला टीकमगढ़ में पुलिस लाइन एवं सभी थाना-चौकी क्षेत्रों में फलदार, छायादार वृक्षों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार एवं विशिष्ट अतिथि अमित नुना के स्वागत से प्रारंभ हुआ
मुख्य अतिथि वीरेन्द्र कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। इस बार की भीषण गर्मी में उत्तरांचल के जंगलों में भी आग लगी और प्रकृति को नुकसान हुआ । वृक्ष हमें प्राण वायु, भोजन, छाया, औषधि उपलब्ध कराते हैं। वृक्ष हमारी प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं अतः हमारा भी यह कर्तव्य है कि हम वृक्षाें की रक्षा करें। और अपनी अगली पीढ़ी को सुरक्षित करें।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि टीकमगढ़ पुलिस 53 प्रजातियों के लगभग 6180 पौधों का रोपण कर चुकी है। वृक्ष हमारे पर्यावरण की सुरक्षा एवं जलवायु के संतुलन को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हमें पौधों को लगाना भी है एवम परिवार के सदस्यों की तरह उनका पालन पोषण भी करना है।
उन्होंने आगे बताया कि टीकमगढ़ पुलिस जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन हेतु कृत संकल्पित है। इस हेतु टीकमगढ़ पुलिस ने वर्षाकाल में वर्षा जल को संरक्षित करने के उद्देश्य से 100x50x10 गहरा (14 लाख लीटर जल) पोखर बनाकर तैयार किया है। जिसमें कॉलोनी का अनुपयोगी जल इकट्ठा होगा। साथ ही साथ वर्षा जल को भूमिगत करने में सहायता प्राप्त हो सकेगी। यहां एकत्रित जल पुलिस लाइन में रोपे गए पौधों की प्यास बुझाएगा।
*नवीन अपराधिक कानूनों की जानकारी दी गई*
दिनांक 1 जुलाई 2024 से लागू हुए नए अपराधिक कानूनों के उद्देश्य एवम विशेषताओं से आम जनता को अवगत कराया गया। नवीन कानूनों में दंड आधारित न्याय से सुधार आधारित न्याय व्यवस्था की ओर जाने पर ज़ोर दिया गया है । नए क़ानूनों का उद्देश्य जनता की सुविधा, नागरिक सुरक्षा एवं पीड़ित आधारित न्याय है ।
इनके तहत कोई भी व्यक्ति कहीं से भी अपनी एफआईआर दर्ज करा सकता है । मध्यप्रदेश में सिटीजन पोर्टल पर घर बैठे ई-एफआईआर की जा सकती है । पीड़ित नाबालिग बालक-बालिकाओं, महिलाओं के कथन उनके चुने हुए स्थान पर लिए जाएँगे । साक्षी संरक्षण योजना आरंभ की गई है । पूरी प्रक्रिया की फोटो वीडियोग्राफ़ी कराई जायेगी । इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को महत्व दिया जा रहा है । यह नागरिक केंद्रित कानून है ।
नवीन कानून देश को नई दिशा देंगे जो आधुनिक भारत के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
उपस्थित अतिथिगणों ने “एक पेड़ मां के नाम” लगाने एवं उसकी देखभाल करने की अपील पुलिस परिवार एवम आम जनों से की l
जिसके उपरान्त सभी ने एक एक पौधा लगाया एवम बच्चों ने अपनी मां के साथ पौधरोपण करते हुए सेल्फी ली। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार बंधु , पुलिस परिवार के सदस्य एवं छात्र – छात्राओं सहित लगभग 650 लोग उपस्थित रहे।



