क्राइममध्य प्रदेश

तिरंगे को 21 बार सलामी और… ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ पर हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत

प्रत्येज मंगलवार को भारत माता की जय कहना होगा, भारत के खिलाफ नारे लगाने के आरोपी को अनोखी सजा

ब्यूरो चीफ : संजय द्विवेदी

भोपाल । 1पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत के खिलाफ नारे लगाने के आरोपी को हाईकोर्ट जबलपुर ने सशर्त जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने आरोपी फैसल खान उर्फ फैजान उम्र 28 साल को इस शर्त पर जमानत दी है कि उसे केस खत्म होने तक हर महीने के पहले और चौथे मंगलवार को मिसरोद थाने भोपाल में हाजिरी लगानी होगी।
वहां लगे तिरंगे के सामने खड़े होकर 21 बार सलामी देनी होगी। भारत माता की जय का नारा भी लगाना होगा। सुबह 10 से 12 बजे के बीच उसे थाने पहुंचना होगा। इस आदेश के साथ हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल ने फैसल को 50 हजार रुपए के बॉन्ड के साथ जमानत दी है।
एडवोकेट हाशिम खान ने बताया कि हाईकोर्ट में बहस के दौरान पेन ड्राइव के वीडियो में आरोपी नारे लगाते दिखा है। आदेश बिल्कुल उचित है। कुछ लोग बहकावे और नशे में ऐसा बोलते हैं। ऐसा ऑर्डर जब कोर्ट देती है, तो इसका प्रभाव जनता और अपराधियों पर पड़ता है।
मामला 17 मई 2024 का है। रायसेन जिले का निवासी आरोपी फैसल खान उर्फ फैजान उम्र 28 साल को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने पर गिरफ्तार किया गया था। वह मिसरोद इलाके में पंचर की दुकान चलाता था। वीडियो सामने आने पर बजरंग दल पदाधिकारी उसकी दुकान पर पहुंचे। यहां से उसे पकड़कर थाने ले गए और शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस की पूछताछ में युवक ने बताया था कि जिसने उसका वीडियो बनाया है, वह उसका दोस्त है। मजाक में उसने यह शब्द कहे थे। पता नहीं था कि वीडियो वायरल हो जाएगा।
कार्यकर्ताओ ने लगाया था अभद्रता का आरोप बजरंग दल के पदाधिकारी दिनेश यादव ने बताया था कि वीडियो को देखने के बाद आरोपी फैसल खान के पास पहुंचे थे। वहां उसने कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की। इसके बाद आरोपी को पकड़कर मिसरोद पुलिस के हवाले किया और उसके खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोपी वीडियो में हिंदुस्तान और पीएम मोदी को लेकर भी टिप्पणी करता सुनाई दे रहा है।
कोर्ट में फैजल के वकील ने दलील दी कि उसे झूठे केस में फंसाया गया है। हालांकि सुनवाई की शर्तों पर वकील ने कहा फैजल सहयोग कर रहा है और अदालत ने जो भी शर्तें रखी हैं वह उनका सख्ती से पालन करेगा। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि फैसल की इस हरकत का उद्देश्य दुश्मनी भड़काना और राष्ट्रीय सद्भाव को खतरे में डालना था। आगे कहा गया कि अगर वह इस देश में खुश और संतुष्ट नहीं है, तो वह अपनी पसंद के देश में रहने का विकल्प चुन सकते हैं।

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