कृषि

खाद के लिए परेशान किसान, खाद की किल्लत से गुस्साए किसानों ने हाइवे किया जाम

किसानों का आरोप विगत 10 वर्षों से मैनेजर पलेरा में पदस्थ हटाए जाने की मांग
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन देकर रास्ता खुलवाया

रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा । पलेरा में खाद की किल्लत किसानों को नहीं मिल रही डीएपी यूरिया खाद पलेरा थाना तिगेला पर किसानों ने लगाया चक्का जाम भारी संख्या में महिलाएं पुरुषों के द्वारा अनशन किया गया प्राइवेट दुकानों पर बिक रही ₹2000 की बोरी प्रशासन के द्वारा किसानों को समझाएं दी जा रही लगातार पलेरा में खाद की किल्लत बनी हुई है किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा खाद तो भेजी जाती है लेकिन बिचौलियों के द्वारा कालाबाजारी कर दी जाती जिससे किसानों को खाद नसीब नहीं हो रहा पलेरा गोदाम पर पदस्थ मैनेजर विगत 10 वर्षों से अंगद की तरह पैर जमाए हुए हैं किसानों ने मैनेजर का स्थानांतरण किए जाने की भी मांग की है नगर क्षेत्र में खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। सोमवार को खाद न मिलने से नाराज सैकड़ो की संख्या में किसानों ने तहसील एवं थाने के सामने नौगांव-जतारा हाइवे पर वाहन रखकर चक्का जाम कर दिया। किसानों का कहना था कि उनको समय पर खाद नहीं मिल रही है। जिस वजह से किसान व्यापारियों से ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर हैं। जिसे लेकर उन्होंने हाइवे पर जाम लगा दिया। नगर में घंटों देर जाम लगा रहा। तहसीलदार एवं थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाते हुए खाद उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। लेकिन मौजूद किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों की एक न सुनी। ऐसे में काफी समय तक घंटों लंबा जाम नगर में बना रहा, बस में सवार यात्रियों और बाहरी वाहन चालकों को कई कठिनाइयों का सामना करते हुए जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा। नगर में करीब 1 बजे लगभग के लगभग प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद किसानों ने जाम खोला। जाम में मौजूद किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर प्राइवेट दुकानों से उचित कीमत पर खाद की बोरियां खरीदी। पलेरा के गोदाम पर मैनेजर एच.आर. ओझा विगत 10 वर्षों से अंगद की तरह यहां जमे हुए हैं शासन की ऐसी नियम मापदंड है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अधिकारी 3 वर्ष के बाद स्थानांतरण किया जाता है लेकिन सेटिंग के दम पर यहां की मैनेजर और उनके बेटे पदस्थ बने हुए हैं वहीं किसानों के द्वारा मैनेजर का स्थानांतरण किए जाने की मांग की गई है वहीं किसानों ने आरोप लगाया है कि आखिर किसका संरक्षण है लगातार 10 बरसों से एक ही जगह पदस्थ आखिर में देखना यह होगा कि मैनेजर का स्थानांतरण कब किया जाता है
चंदा सुरेंद्र सिंह गौर, विधायक खरगापुर का कहना हैं कि खाद की किल्लत को लेकर किसान परेशान है। मेरे द्वारा विधानसभा में भी इस बात को रखा गया है। खाद के संकट के समय विकट स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च अधिकारियों से लगातार हमारा संपर्क बना हुआ है। हम किसानों के साथ हैं उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

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