नहरों की सफाई नहीं करने से किसान सिंचाई के लिए पानी से वंचित

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए बनाई गई सेमरी मध्यम परियोजना आज अधिकारियों और इंजीनियरों की मनमानी से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है, जिसके लिए क्षेत्र के किसानों द्वारा 30 से अधिक वर्षों तक संघर्ष करना पढ़ा था। तब जाकर किसानों और जनप्रतिनिधियों की मेहनत रंग लाई थी और परियोजना का निर्माण कार्य हो सका, लेकिन सेमरी जलाशय परियोजना में तैनात भ्रष्ट अधिकारियों, इंजीनियरों की मिलीभगत से नहरों का इतना घटिया निर्माण कार्य कराया गया है कि कई जगह बनाई गई नहरें ही टूट गई है। और जो सही सलामत है तो उनकी साफ सफाई नहीं कराई गई है जिससे पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है ऐसा नहीं है कि साफ सफाई के लिए सेमरी जलाशय कार्यालय के लिए राशि आवंटित नहीं होती हो, हर साल हजारों रुपए का बजट नहरों की सफाई के लिए मिलता है उसके बावजूद भी नहरों की सफाई नहीं कराई जाती, किसानों को बार-बार आवेदन देकर अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं।
करोड़ों की लागत से बनी नहरें क्षतिग्रस्त होकर जगह-जगह से फूट गई, और नहरों की सफाई नहीं कराए जाने से किसानों को इस वर्ष नहरों का पानी नहीं मिल पा रहा है और किसान पलेवा के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं नहरों की सफाई नहीं कराए जाने और जगह जगह से टूटी हुई नहरों का सुधार नहीं कराए जाने से समय पर किसानों को पानी मिल पाना मुश्किल दिखाई दे रहा। परियोजना में तैनात अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी प्रश्र चिन्ह लग रहे हैं नहरों में पानी छोड़े हुए करीब पन्द्रह दिन बीत जाने के बाद भी वही पुरानी स्थिति है। किसानों की जमीनें बंजर पड़ी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अब तक नींद नहीं खुली।
मापदंडों के अनुसार नहीं हुआ निर्माण :-
परियोजना की नहरें विभाग के अधिकारियों और इंजीनियर जाटव एवं तिलवानी की देखरेख में बनी थी। मगर इनकी मिली भगत के कारण ठेकेदार ने नहरों का सही तरह से निर्माण नहीं किया , जिससे नहरों की लाइनिंग हर साल कई की तरह कई जगह टूट गई हैं। ग्राम महुआखेड़ा, ध्वाज, सागौनी, परसौरा, सागौनी, सलैया, हप्सिली, सुमेर आदि अन्य गांवों में नहरें टूटी पड़ी है। और सफाई नहीं होने से झाड़ियां से पटी पड़ी है। और कई जगह स्थित यह है कि टूटी नहर का सुधार नहीं कराए जाने से पानी खेतों से होता हुआ सड़क पर भर गया है जिसे आवागमन में लोगों को दिक्कत हो रही है लेकिन विभाग के अधिकारी अनजान है।
इस संबंध में एसडीओ सेमरी अरविंद यादव को जब भी फोन लगाओ तो उनका मोबाइल बिजी आता है या फिर वह उठाते नहीं है।



