Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 24 मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 24 मार्च 2025
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – चैत्र मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – सोमवार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 05:05 AM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी – दशमी के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 04:26 AM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं. सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना जाता है।
⚜️ योग – परिघ योग 04:44 PM तक, उसके बाद शिव योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 05:27 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 05:05 ए एम, मार्च 25 तक बव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:58:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:02:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:46 ए एम से 05:33 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:10 ए एम से 06:20 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:03 पी एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:19 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:33 पी एम से 06:57 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:35 पी एम से 07:45 पी एम
💧 अमृत काल : 10:00 पी एम से 11:37 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, मार्च 25 से 12:50 ए एम, मार्च 25
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 04:27 ए एम, मार्च 25 से 06:19 ए एम, मार्च 25
🚓 यात्रा शकुन – मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र – ॐ सौ सौभाग्य नमः।
🤷🏻♀️ आज का उपाय – शिवजी को दुग्धाभिषेक करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय – पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 500 के पार लोक्डाउन दिवस, साहित्यकार तथा राष्ट्रसेवी हरिभाऊ उपाध्याय जन्म दिवस, राजनीतिज्ञ सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा जन्म दिवस, ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस, राष्ट्रीय चीज़स्टेक दिवस, रेड नोज़ दिवस, विश्व तपेदिक दिवस, सत्य के अधिकार दिवस, राष्ट्रीय कॉकटेल दिवस, विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗼 Vastu tips 🗽
अगर सुबह उठते ही आप कभी बंद घड़ी देखते हैं तो इसकी वजह से आपके जीवन में रुकावटें आ सकती हैं। आपके काम अटक सकते हैं। सुबह बंद घड़ी का दिखना वास्तु में अशुभ सूचक माना गया है, इसलिए कभी भी बंद घड़ी आपको अपने बेडरूम में नहीं रखनी चाहिए।
झाडू और कूड़ेदान सुबह के समय झाडू या कूड़ेदान का दिखना भी अच्छा संकेत नहीं माना गया है। वास्तु के अनुसार इसकी वजह से आपके जीवन में आर्थिक तंगी आ सकती है।
जूठे बर्तन अगर आप सुबह उठते ही सबसे पहले जूठे बर्तन देखते हैं तो वास्तु में इसे भी शुभ संकेत नहीं माना जाता है। इसकी वजह से शरीर में नकारात्मकता आ सकती है। इसीलिए कहा जाता है कि कभी भी रात को घर में जूठे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आयरन की कमी कैसे दूर कर सकते हैं?
एक सेब रोजाना एक माह खायें,आयरन की कमी दूर हो जाएगी। अनार का जूस रोजाना पिएगें , इससे भी शीघ्र लाभ होगा ।
केले, चुकंदर , पत्ता गोभी ,पालक और हरे पत्ते वाली सब्जियां भोजन मे हमेशा लीजिये।
सैंजन या सौजना की फली (एक से डेढ़ फिट लंबी धारीदार होती है) की सब्जी खायें ये भी आयरन बढ़ाने वाली है। इसे मुनगा की फली भी कहा जाता है।
🍻 आरोग्य संजीवनी 🩸
पेट और पाचन तंत्र के लिए संजीवनी
नीम के पत्ते खाने से पेट की सभी समस्याएं धीरे-धीरे ठीक होने लगती हैं। इसमें मौजूद बिटर्स और एंटी-माइक्रोबियल तत्व पेट के बैक्टीरिया को संतुलित करते हैं और एसिडिटी, गैस, अपच, कब्ज और पेट में कीड़े जैसी समस्याओं को दूर करते हैं। अगर आप बार-बार फूड पॉइजनिंग, बदहजमी या पेट दर्द से परेशान रहते हैं, तो रोज़ सुबह नीम के पत्तों का सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत होती है और पेट की बीमारियों से बचाव होता है।
त्वचा रोगों का रामबाण इलाज नीम को त्वचा का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। यह खून को शुद्ध करके त्वचा पर आने वाले फोड़े-फुंसी, मुंहासे, एक्जिमा, दाद, खुजली और सोरायसिस जैसी समस्याओं को दूर करता है। नीम के पत्तों में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाए रखते हैं। इसके सेवन से चेहरे पर ग्लो आता है और डेड स्किन सेल्स हटने लगती हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
माँ और बेटी
एक सौदागर राजा के महल में दो गायों को लेकर आया। दोनों ही स्वस्थ, सुंदर व दिखने में लगभग एक जैसी थीं।
सौदागर ने राजा से कहा – “महाराज! ये गायें माँ – बेटी हैं परन्तु मुझे यह नहीं पता कि माँ कौन है व बेटी कौन क्योंकि दोनों में विशेष अंतर नहीं है। मैंने अनेक स्थानों पर लोगों से यह पूछा किंतु कोई भी इन दोनों में माँ-बेटी की पहचान नहीं कर पाया। बाद में मुझे किसी ने यह कहा कि आपका बुजुर्ग मंत्री बेहद कुशाग्र बुद्धि का है और यहाँ पर मुझे अवश्य मेरे प्रश्न का उत्तर मिल जाएगा इसलिए मैं यहाँ पर चला आया। कृपया मेरी समस्या का समाधान किया जाए!”
यह सुनकर सभी दरबारी मंत्री की ओर देखने लगे मंत्री अपने स्थान से उठकर गायों की ओर गया। उसने दोनों का बारीकी से निरीक्षण किया किंतु वह भी नहीं पहचान पाया कि वास्तव में कौन मां है और कौन बेटी है? अब मंत्री बड़ी दुविधा में फंस गया। उसने सौदागर से एक दिन की मोहलत मांगी।
घर आने पर वह बेहद परेशान रहा। उसकी पत्नी इस बात को समझ गई। उसने जब मंत्री से परेशानी का कारण पूछा तो उसने सौदागर की बात बता दी।
यह सुनकर पत्नी बोली – ‘अरे! बस इतनी सी बात है। यह तो मैं भी बता सकती हूँ।’
अगले दिन मंत्री अपनी पत्नी को वहाँ ले गया जहाँ गायें बंधी थीं। मंत्री की पत्नी ने दोनों गायों के आगे अच्छा भोजन रखा। कुछ ही देर बाद उसने माँ व बेटी में अंतर बता दिया। लोग चकित रह गए।
मंत्री की पत्नी बोली – “पहली गाय जल्दी-जल्दी खाने के बाद दूसरी गाय के भोजन में मुंह मारने लगी और दूसरी वाली ने पहली वाली के लिए अपना भोजन छोड़ दिया। ऐसा केवल एक मां ही कर सकती है यानि दूसरी वाली माँ है। माँ ही बच्चे के लिए भूखी रह सकती है। माँ में ही त्याग, करुणा, वात्सल्य, ममत्व के गुण विद्यमान होते हैं।”
इस दुनियाँ मे माँ से महान कोई नही है। माँ के चरणों मे भगवान को भी झुकना पड़ता है।
माँ ममता का सागर नहीं पर महासागर है!
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।



