मां कंकाली माई दुर्गा धाम में, भक्तों की लगी भीड़, हरे हरे मईया के ज्वारे मढ़िया में झण्डा लहराए

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
कटनी। कटनी जिले में स्थित मां कंकाली माई धाम की अजब हैं कहानी पथरों के बीच निकल कर आई मां कंकाली भवानी। विगत 40 वर्षों से माता कंकाली धाम लखा पतेरी झूले में विराजमान मां कंकाली मईया के दर्शन करने दूर दराज से सभी मनोकामना पूर्ण भक्तगण सहित ग्राम वासियों का आना जाना लगा हुआ हैं। मां जगत जननी के चैत्र नवरात्रि पर विशेष पूजा अर्चना करने का महत्व कुछ अलग ही हैं। माता कंकाली मईया की मढिया में बोए ज्वारे हरे हरे के दर्शन और पालने में विराजमान मां कंकाली माई की हैं शक्ति अजब कहानी। जो भी भक्त श्रद्धालु अपनी मुराद लेकर जाता हैं। उसकी मनोकामना सहित बिगड़े हुऐ कार्य सफल हो जाते हैं। ऐसा धाम हैं तेरा माता। मां कंकाली माई के हरे हरे ज्वारे चैत्र नवरात्रि माह की 7 अप्रैल सोमवार की नवमी को शाम 4 बजे मां कंकाली मईया खेलत खेलत निकली पांव में खड्ग पहन , पालने में सवार होकर नगर भ्रमण सहित ज्वारे विसर्जन को निकलेगी। आयोजन समिति ने समस्त ग्राम वासियों एवं सभी भक्तजनों से आग्रह किया है कि सभी मां के दर्शन एवं ज्वारे विसर्जन में अल्प समय निकाल कर आवश्य पहुंचे।

