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14 अप्रैल 2025: सूर्य का मेष राशि में गोचर, जानिए सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव ?

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
|| जय श्री राधे ||
🌞 14 अप्रैल 2025: सूर्य का मेष राशि में गोचर, जानिए सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव ?
🔘 HEADLINES
▫️ सूर्य के मेष राशि में गोचर से खरमास खत्म.
▫️ मेष संक्रांति पर सूर्य पूजा का विशेष महत्व.
▫️ मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ राशियों को लाभ.
👉🏼 सूर्य ग्रह 14 अप्रैल को मेष राशि में गोचर कर चुके हैं और अब सूर्य इस राशि में 15 मई तक रहने वाले हैं. मंगल ग्रह की राशि मेष सूर्य की उच्च राशि है और इस राशि में आने से सूर्य और भी मजबूत हो जाते हैं. सूर्य अब तक मीन राशि में थे, जिसकी वजह से खरमास लगा हुआ था लेकिन सूर्य के मेष राशि में आने से खरमास भी खत्म हो गया है और अब से शुभ व मांगलिक कार्यक्रम फिर से शुरू हो जाएंगे. सूर्य जब राशि परिवर्तन करते हैं, तब उसका प्रभाव मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ता है. लेकिन आज हम आपको उन राशियों के बारे में बताएंगे , जिनको सूर्य के गोचर से फायदा होने वाला है. आइए जानते हैं मेष संक्रांति का महत्व और किन किन राशियों को सूर्य गोचर से फायदा होगा.
🪐 सूर्य गोचर के साथ खरमास खत्म

ग्रहों के राजा सूर्य 14 अप्रैल को मेष राशि में गोचर कर चुके हैं और इसी के साथ खरमास भी खत्म हो गया है. सूर्य जब गुरु ग्रह की राशि धनु या मीन में होते हैं, तब खरमास प्रारंभ हो जाता है और इसी के साथ शुभ व मांगिलक कार्यक्रमों पर विराम भी लग जाता है. सूर्य मेष राशि में 15 मई तक रहने वाले हैं, इसके बाद वृषभ राशि में गोचर कर जाएंगे. मेष मंगल ग्रह की राशि है और सूर्य की उच्च राशि भी मानी जाती है. इस राशि में सूर्य के शक्ति और तेज मिलता है और मंगल ग्रह और सूर्य ग्रह के बीच मित्रता पूर्ण रिश्ते हैं, जिससे कई राशियों को अच्छा फायदा मिलेगा. आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से सूर्य के मेष राशि में गोचर से किन किन राशियों को लाभ होगा.
🐑 मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य आपकी कुंडली के पंचम भाव के स्वामी होते हैं और मेष राशि में सूर्य को गोचर आपके पहले भाव में हुआ है। ऐसे में आपके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में बढ़ोतरी होगी। आपके लिए सूर्य पंचमेश होकर उच्च के होंगे जिससे आपको सकारात्मक परिमाण देखने को मिलेगा। प्रेम संबंधों में अनुकूलता देखन को मिल सकती है।
🐂 वृषभ राशि : लग्न के जातकों के लिए सूर्य कुंडली के चौथे भाव के स्वामी होते हैं और मेष राशि सूर्य का गोचर आपके द्वादश भाव में हुआ है। चौथे भाव में सूर्य यानी चतुर्थेश का द्वादश भाव में उच्च का होना विदेश संबंधी मामलों में लाभ दिला सकते हैं। लेकिन द्वादश भाव खर्चे का भी होता है। ऐसे में खर्च के मामले में यह अच्छी नहीं कहा जा सकता है। अत्यधिक भागदौड़ का सामना करना पड़ेगा। झगड़े विवाद तथा कोर्ट कचहरी के मामलों में भी सावधानी बरतें। इस समय में किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा वह धन समय पर नहीं मिलेगा।
👩‍❤️‍👨 मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होते हैं और 14 अप्रैल को इनका गोचर आपके लाभ भाव यानी एकादश भी में हुआ है जिससे आपके लिए यह बहुत ही उत्तम स्थिति है। आर्थिक मामलों के लिहाज से सूर्य का गोचर आपके लिए आमदनी के कई स्त्रोतों पैदा करवाएगा। सूर्य का मेष राशि में गोचर आपके लिए शुभ साबित होगा। राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए सूर्य कई तरह के अप्रत्याशित सुखद परिणामों का सामना करवाएंगे। आयके साधन बढ़ेंगे। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद है। लेकिन आपको इस अवधि में गलत लोगों की संगति से बचें। किसी भी तरह की नशाखोरी से भी बचें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें।
🦀 कर्क राशि के जातकों के लिए सूर्य आपके दूसरे भाव के स्वामी होकर अब दशम स्थान यानी कर्म भाव में गोचर हुए हैं। सूर्य का यह गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ और उत्तम गोचर है। दशम में सूर्य बेतरीन सफलता दिलाने में बाध्य होते हैं। राशि से दशम कर्मभाव में गोचर करते हुए सूर्य बेहतरीन सफलता दिलाएंगे। कार्य व्यापार में उन्नति तो होगी ही किसी भी तरह के नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी समय अनुकूल रहेगा। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा। जमीन-जायदाद से संबंधित मामलों का निपटारा होगा।
🦁 सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य लग्न भाव के स्वामी होकर अब नवम भाव यानी भाग्य भाव में उच्च अवस्था में करीब एक माह तक रहेंगे। आमतौर पर सूर्य का भाग्यभाव में गोचर अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन लग्न के स्वामी होकर भाग्य भाव में उच्च की स्थिति में होकर मिलाजुला परिणाम देने के लिए बाध्य रहेंगे। राशि से नवम भाग्यभाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव कई तरह के अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का सामना करवाएगा धर्म और अध्यात्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी। धार्मिक कार्यों तथा अनाथालय आदि में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य करेंगे। लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी।
👰🏻‍♀ कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य कुंडली के द्वादश भाव से स्वामी होकर आपके अष्टम भाव में गोचर कर चुके हैं। राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। अग्नि विष तथा दवाओंके रिएक्शन से बचें। आपके अपनेही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे सावधान रहेंगे। अपने अदम्य साहस और पराक्रम के बलपर कठिन हालात को भी नियंत्रित कर लेंगे किंतु कहीं न कहीं अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है।
⚖️ तुला राशि के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होते हैं और सूर्य का मेष राशि में गोचर होने से यह आपके सप्तम भाव में होकर उच्च अवस्था में होंगे। सप्तम भाव यानी दांपत्य भाव में सूर्य का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता किंतु मिश्रित फल देगा। कार्य व्यापार में उन्नति होगी। किसी भी तरह के नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा। शादी-विवाह से संबंधित मार्ग वार्ता में थोड़ा और समय लगेगा।
🦂 वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य का आपकी कुंडली के दशम भाव के स्वामी होते हैं और सूर्य का मेष राशि में गोचर आपके छठे भाव में हुआ है। कर्म भाव के स्वामी का उच्च की अवस्था में होकर छठे भाव यानी शत्रु भाव में गोचर अच्छा माना जाता है। ऐसे में आपको अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। नौकरीपेशा जातकों इस दौरान लाभ और प्रमोशन के योग बन रहे हैं।
🏹 धनु राशि – आत्मा के कारक ग्रह सूर्य धनु राशि के जातकों के लिए कुंडली के भाग्य भाव के स्वामी होकर अब एक महीने तक पंचम भाव में विराजमान होंगे। राशि से पंचम विद्या भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव सामान्य फल कारक ही रहेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे।
🐊 मकर राशि वालों के लिए सूर्य आपकी की कुंडली के आठवें भाव के स्वामी होते हैं और अब जब सूर्य का गोचर मेष राशि में हुआ है तो यह आपके चतुर्थ भाव में होंगे। कुंडली के चौथे भाव में सूर्य का गोचर अच्छा नहीं माना जाता। अष्टम भाव के स्वामी का चौथे भाव में गोचर करना अच्छी स्थिति नहीं है। इस दौरान आपको मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों तथा संबंधियों से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग बन रहे हैं। माता-पिताके स्वास्थ्यके प्रति चिंतनशील रहें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें।
⚱️ कुम्भ राशि के जातकों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी होते हैं और आपकी राशि में इनका गोचर तीसरे भाव में हुआ है। राशि से तृतीय पराक्रम भावमें गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव अत्यधिक सुपरिणाम कारक रहेगा किंतु परिवार में छोटे भाइयों से मतभेद बढ़ सकता है। कार्य व्यापार में उन्नति होगी। लिए गए निर्णय और कियेगए की सराहना होगी।
🐬 मीन राशि- सूर्य का मेष राशि में गोचर होने से यह आपके दूसरे भाव यानी धन भाव को प्रभावित करेगा। आमतौर पर दूसरे भाव में सूर्य का गोचर अच्छा नहीं माना जाता। ऐसे में सेहत संबंधी परेशानियों में इजाफा हो सकता है। सूर्य का प्रभाव स्वास्थ्य विशेष करके दाहिनी आंख से संबंधित समस्या दे सकता है। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बन रहे हैं।

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