हज के मुकद्दस सफर पर पहले जत्थे में चार पुरुष दो महिलाएं रवाना

मर्कज मस्जिद से दुआओं के साथ किया रवाना
मौलाना सामिद खां नदवी ने जरूरी हिदायात के बाद कराई दुआ
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । इस साल नौ लोगों का हज के मुकद्दस सफर के लिए नंबर आया है तरतीब के एतवार से पहले जत्थे में हिदायतपुर मोहल्ले से मुन्ना भाई मिर्ची, उनके पुत्र आरिश उर्फ अप्पू मिर्ची, पत्नी एवं बेटी शामिल है।
वहीं पीराशाह मोहल्ले से रिटायर्ड शिक्षक शफीक उल्लाह खान, और मंडी मोहल्ले से मो. इरफान कुरैशी शामिल हैं सभी पुरुष सुबह 9 बजे मरकज मस्जिद पहुंचे जहां उपस्थित लोगों के बीच मस्जिद के पेश इमाम मौलाना सामिद खां नदवी ने हज के सफर पर जाने का तरीका, वहां की जाने वाली इबादत मुकद्दस मुकामात के बारे में जानकारी दी और वहां पर जिन कामों को नहीं करना है उनके बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद सफर में आसानी हज की कुबूलियत के लिए दुआ की गई। हाजी सैयद साकिर अली ने तीन बार तलविया पढ़ाकर रवाना किया ।
उसके बाद लोगों ने हार फूलों से हज पर जाने वालों का स्वागत किया और उन्हें तलविया पढ़ाते हुए पैदल पुराने बस स्टैंड तक लेकर गए रास्ते में लोगों ने गले मिलकर दुआओं की दरखास्त की। हाजियों ने सभी से जाने अनजाने में हुई गलती के लिए माफी भी मांगी।



