4 किलो अवैध गांजा परिवहन करते पाए गए आरोपी को हुई 3 वर्ष की सजा, 25,000 रुपये का अर्थदण्ड

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। न्यायालय अमर गोयल, विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट दमोह की अदालत ने आरोपी रामस्वरूप उर्फ भूरा अहिरवार निवासी ग्राम, सुरई, जबेरा को धारा 20(बी)(ii)(बी) एनडीपीएस एक्ट में 3 वर्ष की अवधि का सश्रम कारावास व 25,000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी सतीश कपस्या ने बताया कि अभियोजन मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पुलिस थाना – नोहटा, जिला दमोह में पदस्थ उपनिरीक्षक/जप्तीकर्ता अधिकारी बद्री प्रसाद प्यासी अ.सा. 13 को 22 जनवरी 2021 को वाहन चैकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुयी कि जबेरा तरफ से दो व्यक्ति एक बिना नंबर की मोटर साईकिल से गांजा लेकर नोहटा तरफ आ रहे थे, जिस सूचना की तस्दीक हेतु उसने हमराह स्टाफ प्रधान आरक्षक स्व.मणिभाई, आरक्षक रोहित, कृष्णकांत, रविकांत, शुभम चौबे मय शासकीय वाहन क. एम.पी.03 ए 6106 के चालक आरक्षक अनिकेत को साथ लेकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर मुखबिर सूचना का पंचनामा तैयार किया, चैकिंग के दौरान मौके पर उपस्थित राहगीर इब्राहिम अ.सा. 2 को नोटिस देकर मुखबिर की सूचना से अवगत कराया गया तथा सर्च वारण्ट प्राप्त न कर सकने संबंधी पंचनामा तैयार कर जरिये आरक्षक शुभम चौबे एसडीओपी तेन्दूखेड़ा को लिखित तहरीर भेजी. उसने उपस्थित स्टॉफ, साक्षीगण तथा हमराह को लेकर घटनास्थल 17 मील चौराहा पर जाकर छिपकर जबेरा तरफ से आने वाली मोटरसाईकिल की निगरानी की तो कुछ समय पश्चात जबेरा तरफ से एक बिना नंबर की मोटरसाईकिल पर दो व्यक्ति आते दिखे, जिन्हें हमराही स्टॉफ की मदद से घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश करने पर मोटरसाईकिल चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मोटरसाईकिल छोडकर भाग गया तथा तथा दूसरे व्यक्ति को पकड़कर नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम वीरन सींग गौड़, निवासी मझगुवां होना बताया. आरोपी वीरन से मोटरसाईकिल चालक का नाम पता पूछने पर उसने उसका नाम भूरा अहिरवार, निवासी सुरई होना बताया। आरोपी वीरन सींग अपने हाथ में लाल सफेद रंग के थैले में कुछ सामान लिये था, जिसको मुखबिर की सूचना से अवगत कराते हुये इस बावत् पंचनामा तैयार कर संदेही से तलाशी बावत् सहमति पंचनामा तैयार किया गया. वंहा उपस्थित स्टाफ, साक्षीगण व शासकीय वाहन तथा स्वयं की तलाशी आरोपी वीरन को दिये जाने पर कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई, तत्पश्चात अभुियक्त के आधिपत्य के थैले की तलाशी लिये जाने पर एक प्लास्टिक की पन्नी में मादक पदार्थ गांजा जैसी वस्तु दिखायी देने पर उक्त मादक पदार्थ में से थोड़ी सी मात्रा को उपस्थित स्टॉफ के समक्ष रगड़कर, सूंघकर व जलाकर देखने पर मादक पदार्थ गांजा होने की पुष्टि हुई. जिसका पहचान पंचनामा मौके पर तैयार किया गया. उक्त गांजे की तौल हेतु आरक्षक रविकांत को करबा नोहटा शासकीय वाहन से भेजकर तराजू मंगाया गया, जिसका भौतिक सत्यापन कर पंचनामा तैयार करने के उपरांत अभियुक्त वीरन के आधिपत्य से बरामद गांजे की तौल करने पर कुल 4 किलो100 ग्राम कीमती करीब 60 हजार रूपये का मादक पदार्थ गांजा होना पाये जाने पर आरोपी से उक्त गांजा को रखने एंव परिवहन किये जाने के संबंध में दस्तावेज पूछे जाने पर उसने न होना बताया।न्यायालय में आई साक्ष्य और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रामस्वरूप उर्फ भूरा को धारा 20(बी)(ii)(बी) एनडीपीएस एक्ट में 3 वर्ष की अवधि का सश्रम कारावास एवं 25,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन धर्मेंद्रसिंह तारन के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक अंशुल मिश्रा द्वारा की गई।



