मध्य प्रदेश

गांव की सकरी गलियों में जब बच्चों के कदम पड़े तो हर दीवार ने यह महसूस किया

KHF संगठन का बदलाव आ रहा है उम्मीद जाग रही है शिक्षा की एक नई सुबह हो रही है
पवई। ग्राम बहरासर, गुनौर विधानसभा में आयोजक – कौशल्या ह्यूमैनिटी फाउंडेशन (KHF) द्वारा संस्थापक सदस्य अंजू सिंगरौल के निर्देशन में गांव की गलियों में गूंजते नारों की आवाज़ थी, छोटे-छोटे कदमों में बड़े सपनों की झलक थी, और हर तख्ती पर लिखा था – “शिक्षा ही शक्ति है।”
कौशल्या ह्यूमैनिटी फाउंडेशन (KHF) द्वारा ग्राम बहरासर में निकाली गई शिक्षा जागरूकता रैली ने न केवल गांव को जागरूक किया, बल्कि लोगों के दिलों को भी छू लिया।
शासकीय माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने रैली में उत्साह के साथ भाग लिया। हाथों में तख्तियाँ, आँखों में सपना और दिलों में उम्मीद लिए जब ये बच्चे “बेटी पढ़ाओ, देश बढ़ाओ” और “शिक्षा सबका अधिकार है” जैसे नारों के साथ आगे बढ़े, तो गांव का हर कोना प्रेरणा से भर गया।
इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं था – यह एक आंदोलन था, ग्रामीण समाज में शिक्षा की लौ जलाने का।
संस्थापक सदस्य अंजू सिंगरौल के मार्गदर्शन में KHF निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य पर्यावरण, जागरूकता को लेकर कार्य कर रही है।
रैली के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका ने यह संदेश दिया कि यदि समाज संगठित हो जाए, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रह सकता।
“हम सिर्फ रैली नहीं निकाल रहे, हम सपनों को दिशा दे रहे हैं,” संस्थापक अध्यक्ष – अर्चना सिंगरौल
गांव वालों की आँखों में गर्व और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ने यह साबित कर दिया कि KHF का यह अभियान सिर्फ एक प्रयास नहीं, बल्कि एक परिवर्तन की शुरुआत है।
संदेश : “शिक्षा एक दीपक है, जो अज्ञानता के अंधेरे को मिटाता है। KHF का यह प्रयास उसी दीपक की लौ को गांव-गांव तक पहुँचाने का संकल्प है।”

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