झिंझरी जेल में आयोजित रक्षाबंधन के पावन पवित्र प्रेम उत्सव कार्यक्रम

समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने बंदी मातृशक्तियों और नन्हे मुन्ने बच्चों को उपहार स्वरूप सोलह श्रंगार और कपड़े खिलौने देकर बच्चों के चेहरों में लाई मुस्कान
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । भाई-बहन के प्रेम स्नेह का पावन पवित्र त्योहार रक्षाबंधन उत्सव बडे हर्षोल्लास माहौल में मनाया जायेगा।
इसी तारतम्य मे भारत सरकार सूचीबद्ध मानवाधिकार संस्था एवं सर्वधर्म जनसेवा मंच समिति के संयुक्त तत्वावधान में झिंझरी जेल में अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झिंझरी जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी व कार्यक्रम की अध्यक्षता दादा भाई अरविंद कुमार शाह ने की। विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय शिक्षिका डाॅ गीताजंलि गौतम व जिला अधिवक्ता संघ कार्यकारिणी सदस्य मांडवी पांडेय द्वारा भारत सरकार सूचीबद्ध मानवाधिकार अध्यक्ष सरस्वती सोनी, भाजपा नेत्री विधि प्रकोष्ठ संह संयोजक अधिवक्ता शिखा पांडेय सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम श्रीकृष्ण भगवान की पूजा-पाठ कर सभी बहनो ने गीत के माध्यम से श्रीकृष्ण को उनके पास आने का उद्देश्य बताते हुए हाथों में रेशम का धागा बांधकर जीवन भर सुरक्षित रखने का आशीर्वाद प्राप्त किया। अतिथियों का स्वागत समाजसेवी लक्ष्मी रजक द्वारा रोली तिलक व बैंच लगाकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात सर्वधर्म समभाव के साथ मिलकर समस्त बहनो ने झिंझरी जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी के हाथो में रेशम की डोरी बांधकर बहनों और महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाए रखने हेतु दृढ़संकल्प लिया। बहन लक्ष्मी रजक द्वारा मां सरस्वती की वंदना और सत्य मार्ग पर चलने अपने गीतों के माध्यम से महिलाओ को जागरूक किया इस पुनीत पावन अवसर पर समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी द्वारा ओजस्वी स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया और महिलाओ को अपनी गलतियों पर आत्म मंथन करते हुए जेल से बाहर निकलकर सामाजिक विकास व्यवस्था पर बदलाव लाने प्रेरित किया। अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि हमारी बहनें शिक्षित होकर सक्षम बने और सुखमय जीवन व्यतीत करे। इस दौरान समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी एंव समस्त पदाधिकारीगण द्वारा सर्वधर्म समभाव जनहितैषी ऐसे प्रयास विगत कई वर्षों से किये जा रहे कार्य सराहनीय व प्रशंसनीय हैं।
इस दौरान समाजसेवी बहनों ने मिलकर बंदी मातृशक्तियों को रक्षाबंधन पर्व के मौके पर उन्हें सोलह श्रंगार की साम्रगी, राखी-रूमाल. मेंहदी. चूडी बिंदी. मिठाई सहित नन्हे मुन्ने नटखट बच्चो को नये कपड़े और खिलौने देकर उनके मासूम चेहरो पर मुस्कान देकर अन्य उपहार प्रदान की जिसे पाकर बंदी मातृशक्तियों के उदास चेहरो पर मुस्कान वापस आई। इस पुनीत अवसर पर विशेष सराहनीय सहयोग झिंझरी जेल मे शिक्षिका के पद पर कार्यरत दीप्ती श्रीवास्तव, प्रहरी दीपशिखा पांडेय. प्रहरी दिव्या कोल सहित अन्य सम्मानित पदाधिकारीगणों की गरिमामय उपस्थित में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।



