यूरिया खाद के टोकन के लिए अनोखी लाइन: पत्थरों के नीचे आधार कार्ड और वही रखकर लगती है किसानों की कतार

सिलवानी। यूरिया खाद के लिए किसानों की मेहनत केवल खेत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खाद पाने के लिए भी उन्हें लंबी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ऐसा ही एक अनोखा दृश्य सामने आया है, जहां किसान और उनके परिजन टोकन पाने के लिए सीधे लाइन में न लगकर पत्थरों के नीचे अपने आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज रखकर लाइन में लगते हैं। यह दृश्य किसी फिल्म का हिस्सा नहीं, बल्कि हकीकत है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद वितरण केंद्रों पर जब भी यूरिया उपलब्ध होती है, तब किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। व्यवस्था के अभाव में सीधे खड़े होने की बजाय लोग दस्तावेजों को पत्थर या ईंट के नीचे दबाकर लाइन में पहले आना सुनिश्चित करते हैं।
किसानों का कहना है कि सुबह-सुबह केंद्र पर पहुंचने के बावजूद लंबी लाइन और अव्यवस्था के चलते धक्का-मुक्की होती है। ऐसे में यह तरीका उन्हें उचित और सुरक्षित लगता है। किसान रामदयाल यादव ने कहा हम सुबह केंद्र पर जल्दी पहुंच जाते हैं। नाम दर्ज कराने के लिए पत्थर के नीचे आधार कार्ड रख देते हैं। फिर उसी क्रम में टोकन दिया जाता है। हालांकि, यह व्यवस्था पूरी तरह गैर-आधिकारिक और अव्यवस्थित है। कई बार इसी वजह से झगड़े, चोरी और अव्यवस्था की खबरें भी आती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण की व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि बिना भीड़ और धक्का-मुक्की के सभी को खाद समय पर मिल सके।


