कृषिमध्य प्रदेश

छोटे किसानों को नहीं मिल रही एक बोरी खाद, बड़े किसानों और व्यापारियों को मिल रही ब्लैक में खाद

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उमरियापान विपरण केन्द्र में छोटे किसान इस समय खाद की किल्लत से बुरी तरह परेशान हैं। किसान अपनी फसल के लिए खाद लेने वितरण केंद्र पर पहुँचते हैं, लेकिन वहां विपणन विक्रेता बल्लू बर्मन की भ्रष्टाचारी और मनमानी रवैया से किसान परेशान है। किसान पूरे दिन लाइन में खड़े रहते हैं, उम्मीद करते हैं कि उन्हें कम से कम एक दो बोरी खाद तो मिल ही जाएगी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
ग्रामीण किसानों ने आरोप लगाया है कि बड़े किसान, जो गाड़ियों में आते है उन्हें विपणन विक्रेता बल्लू बर्मन द्वारा सीधे 25 से 30 बोरी खाद दे दी जाती है। वहीं दूसरी ओर, छोटे किसान दिनभर धूप और पसीने में लाइन में खड़े रहने के बावजूद एक बोरी खाद तक नहीं ले पाते। यह स्पष्ट संकेत है कि बल्लू बर्मन की भ्रष्टाचारी खुलेआम जारी है और प्रशासन इस ओर आंख मूंदे बैठा है।
किसानों का कहना है कि जब वे खाद मांगते हैं तो विक्रेता उन्हें यही कहकर टाल देता है कि “खाद ऊपर से आई ही नहीं है । लेकिन सच्चाई यह है कि खाद की आपूर्ति होती है, और वह केवल चुनिंदा बड़े किसानों और व्यापारियों तक ही पहुँचती है। यहां तक कि कई बार खाद खुलेआम ब्लैक में बेची जाती है, और व्यापारी वर्ग इस भ्रष्टाचार का बड़ा लाभ उठाता है।
गांव के किसान दुखी होकर बताते हैं कि “हम गरीब किसान पूरे दिन लाइन में खड़े रहते हैं, कभी भोजन नहीं कर पाते, और अंत में खाली हाथ घर लौट जाते हैं। यह सब विपणन विक्रेता बल्लू बर्मन की भ्रष्टाचारी का नतीजा है। छोटे किसानों का यह दर्द अब गांव-गांव में चर्चा का विषय बन गया है।
बल्लू बर्मन की भ्रष्टाचारी केवल किसानों को ही परेशान नहीं कर रही, बल्कि इससे फसल उत्पादन पर भी संकट मंडराने लगा है। यदि छोटे किसानों को समय पर खाद नहीं मिली, तो खेतों में बुआई और सिंचाई की पूरी प्रक्रिया प्रभावित होगी, जिससे उत्पादन घटेगा और किसानों पर कर्ज का बोझ और बढ़ जाएगा।
किसानों ने यह भी कहा कि ब्लैक में खाद बेचने से व्यापारी वर्ग और बड़े किसान तो फायदे में रहते हैं, लेकिन गरीब किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाता है । स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि कई किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बल्लू बर्मन की भ्रष्टाचारी पर लगाम नहीं कसी गई तो वे आंदोलन की राह पकड़ेंगे ।
किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर विपणन विक्रेता की जांच करानी चाहिए और इस भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए । किसानों की यह भी मांग है कि खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और इसका सीधा लाभ केवल वास्तविक किसानों को मिले ।
किसानों ने जिला प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि इस तरह की भ्रष्टाचारी न केवल गरीब किसानों की रोजी-रोटी छीन रही है बल्कि पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को कमजोर कर रही है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

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