ग्वाल बाबा की पुनर्स्थापना के उपलक्ष्य में साईंखेड़ा में 1 नवंबर को ‘मढ़ई मेला’ का आयोजन

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा। धर्म, आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम, मढ़ई मेला, इस बार नगर साईंखेड़ा में एक विशेष उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। ग्वाल बाबा की नव-पुनर्स्थापना के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में, ग्वाल बाबा समिति द्वारा 1 नवंबर को देव उठनी ग्यारस के पावन अवसर पर इस भव्य मढ़ई मेला का आयोजन किया जाएगा।
नगर और आसपास के क्षेत्रों में ग्वाल बाबा की पुनर्स्थापना को लेकर पहले से ही उत्साह का माहौल बना हुआ है। ग्वाल बाबा समिति ने बताया कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। चार माह के चातुर्मास की समाप्ति और भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के प्रतीक, देव उठनी ग्यारस के शुभ दिन पर यह आयोजन होने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है।
मेला का भव्य आयोजन नगर साईंखेड़ा में झिकोली रोड और नवीन तहसील भवन के पास होना तय हुआ है। समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ग्वाल बाबा समिति ने साईंखेड़ा और आसपास के समस्त क्षेत्रवासियों से भावभीनी अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में सपरिवार उपस्थित हों। समिति का उद्देश्य है कि सभी भक्तगण इस अवसर पर एकत्रित होकर ग्वाल बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करें, धर्म लाभ अर्जित करें और इस ऐतिहासिक उत्साह और उमंग का हिस्सा बनें।
इस मढ़ई मेला के माध्यम से न केवल धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे, बल्कि क्षेत्र की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को भी एक मंच मिलेगा।


