मध्य प्रदेशविधिक सेवा

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मां शारदा विद्यालय सिलवानी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

सिलवानी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा न्यायोत्सवः विधिक सेवा सप्ताह के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर दिनांक 11 नवम्बर 2025 को मां शारदा विद्यालय सिलवानी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में न्यायाधीश सुनीता पचौरिया ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस हमारे राष्ट्र के विकास में शिक्षा की महत्ता को रेखांकित करता है। शिक्षा ही समाज के विकास की मूलधारा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि भारत में बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार के खिलाफ एक व्यापक कानूनी ढाँचा मौजूद है। इस दिशा में सबसे प्रमुख कानून वर्ष 2012 में पारित यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) है, जिसमें अपराधों के लिए सख्त दंड का प्रावधान और त्वरित सुनवाई हेतु विशेष न्यायालयों की स्थापना की गई है।
सुश्री पचौरिया ने आगे बताया कि किसी उद्योग, कारखाने, प्रतिष्ठान, दुकान या कंपनी में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम करवाना कानूनन अपराध है। 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। अतः प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह बाल श्रम की रोकथाम एवं बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहे।
शिविर में मां शारदा विद्यालय के संचालक मदन रघुवंशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए घातक है। इसलिए सभी को नशे से दूर रहना चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

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