शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में विकसित भारत : विजन 2047 विषय पर वेबीनार

सिलवानी। शासकीय महाविद्यालय सिलवानी में आज दोपहर 12:00 बजे “विकसित भारत : विजन 2047” शीर्षक पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के पूजन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मथुरा प्रसाद, अतिरिक्त संचालक, नर्मदा पुरम संभाग भोपाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. किशोर जॉन, प्राचार्य, अग्रणी महाविद्यालय रायसेन तथा विशेष अतिथि जनभागीदारी अध्यक्ष श्याम साहू, उपस्थित रहे।
वेबीनार में विषय-विशेषज्ञों के रूप में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रोफेसरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए महत्वपूर्ण वक्तव्य दिए। इनमें शामिल रहे—
प्रो. दिलीप खेरनार (समाजशास्त्र), यूजीपीजी एंड रिसर्च सेंटर, देवगिरी कॉलेज, छत्रपति संभाजी नगर, महाराष्ट्र
प्रो. मनीष कुमार श्रीवास्तव (वाणिज्य), विभागाध्यक्ष, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश
प्रो. ध्रुव कुमार दीक्षित (समाजशास्त्र एवं समाजकार्य), केसरवानी महाविद्यालय, जबलपुर
डॉ. राजेंद्र कुमार जुगादे (समाजशास्त्र), शासकीय गीतांजलि महाविद्यालय, भोपाल
डॉ. दिनेश चंद्र खंडेलवाल (समाजशास्त्र), शासकीय कन्या पीजी महाविद्यालय, उज्जैन
वेबीनार का स्वागत भाषण मनोहर लाल कोरी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं विषय प्रवर्तन वेबीनार समन्वयक डॉ. लक्ष्मीकांत नेमा, सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र ने किया। सह-समन्वयक के रूप में डॉ. मुक्तकीन अहमद, क्रीड़ा अधिकारी जुड़े रहे।
वेबीनार में विकसित भारत 2047 के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेषज्ञों ने विचार प्रस्तुत किए, जिनमें—
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभाव, भारत का भविष्य, नवीकरणीय ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण, सतत एवं समावेशी विकास, विज्ञान-संस्कृति का समन्वय, भारत के ज्ञान-नवाचार की शक्ति आदि प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में शोधपत्र वाचन का सत्र भी आयोजित किया गया, जो ऑफलाइन मोड में सम्पन्न हुआ।
डॉ. रामानुज रघुवंशी ने “विकसित भारत 2047 का मेनिफेस्टो एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020” विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत कर स्व के जागरण से विकसित भारत की अवधारणा पर प्रकाश डाला।
अंजलि दादौरिया ने “ग्रीन एनर्जी एंड इकोलॉजिकल प्रिजर्वेशन: द कोर ऑफ अ डेवलप्ड इंडिया” विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया।
डॉ. विपिन सोनी ने “प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण : आत्मनिर्भर भारत की नींव” पर शोधपत्र वाचन किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थी, शैक्षणिक-अशैक्षणिक स्टाफ सहित अन्य महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त डॉ. मुक्तकीन अहमद द्वारा किया गया।
वेबीनार सफलतापूर्वक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा, जिसने विकसित भारत 2047 के निर्माण की दिशा में चिंतन और मार्गदर्शन प्रदान किया।



