पर्यावरणमध्य प्रदेशमनोरंजन

ईको अनुभूति कैंप में विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीव, पर्यावरण को लेकर किया जागरूक

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । वन विभाग द्वारा डीएफओ प्रतिभा शुक्ला के निर्देशन एवं उनकी मौजूदगी में एसडीओ फॉरेस्ट सुधीर पटले रेंजर अरविंद अहिरवार के मार्गदर्शन में वीरपुर गांव के पास वन क्षेत्र ईटेया में ईको – पर्यटन विकास बोर्ड के तहत सुनहेरा बीट के ग्राम वीरपुर में अनुभूति ईको कैंप आयोजित किया गया। जिसमें शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल वीरपुर के 125 विद्यार्थियों ने भाग लेकर वन एवं वन्यजीवों एवं पर्यावरण के संबंध में गहन जानकारी के साथ प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। कैंप‌ में कलेक्टर
अरुण कुमार विश्वकर्मा ने पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया।
वन अधिकारियों द्वारा वन क्षेत्र में ले जाकर विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा के लिए जागरूक करने के अभियान में विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों, वनस्पतियों एवं वन्यजीवों के पगमार्क एवं विष्टा दिखाकर पहचान कराई कि इससे आप समझ सकते हैं कि इस क्षेत्र में कौन से वन्यजीव का विचरण हो रहा है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रजातियों की चिड़ियों के घोंसले उनके जीवन पद्धति के संबंध में विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
इसके बाद सभी विद्यार्थियों को कीरतपुर जलाशय पर लेकर गए वहां जलजीवों के जीवन पर पर सामान्य जानकारी दी गई। भूजल संरक्षण एवं संरचना के संबंध में चेकडैम एवं कंटूर ट्रंच के निर्माण के संबंध में बताया गया।
ट्रेकिंग के बाद हुई सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता प्रश्नुत्तर, निबंध एवं चित्रकला में मयंक दुबे , शिवा ठाकुर, अनिल बंसल, मेघा ठाकुर, अंशिका गौर, संतोषी लोधी, पूर्वी पांडे, दिव्या विश्वकर्मा , इंद्रपाल सिंह को क्रमशः प्रश्नुत्तर , निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगी में क्रमशः प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय आने पर उन्हें डीएफओ प्रतिभा शुक्ला द्वारा शील्ड एवं प्रमाणपत्र देकर पुरुस्कृत किया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा , एसडीएम सौरभ मिश्रा एवं तहसीलदार प्रमोद उइके भी मौजूद रहे।
अनुभूति ईको कैंप में पहुंचे कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने भाग लेने वाले विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके आज के अनुभव एवं प्रशिक्षण से संबंधित प्रश्न उत्तर के दौरान उनसे आव्हान किया कि मानव जीवन चक्र को बचाने के लिए पर्यावरण की रक्षा आवश्यक है। इसलिए सभी विद्यार्थी 5 – 5 पौधों को रोपित करके उन्हें पोषित करें ताकि हमें शुद्ध ऑक्सीजन के साथ भरपूर मात्रा में जल भी मिल सके ओर पर्यावरण बच सके।वनों का विनाश मानव सभ्यता का विनाश है। इसलिए हमें वनों , वन्य जीवों की रक्षा के लिए संकल्पित रहना चाहिए ।इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को आंवले का उपयोग,शहद का उपयोग, उपयोगी सागौन लकड़ी का महत्व,जंगली जानवर व पक्षियों के बारे में बताया। जंगल से प्राप्त उत्पादों शहद,गोंद, उपयोगी लकड़ी व जंगली जानवरो के बारे में उपयोगी जानकारी दी ।
अंत में सभी प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने वन, वन्यजीवों एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संकल्प लिया।

Related Articles

Back to top button