मध्य प्रदेश

परीक्षा के वक्त अंधेरे में बीजाडोगरी के बच्चे, बिजली विभाग की लापरवाही से भविष्य से खिलवाड़

जिला ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेजगढ़ । दमोह जिले में जहाँ एक और सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताती है, वहीं दमोह जिले के विधुत वितरण केन्द्र हर्रई तेजगढ़ अतंर्गत आने वाले ग्राम बीजाडोगरी में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही ने बच्चों के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।विद्युत वितरण केंद्र हर्रई–तेजगढ़ अंतर्गत आने वाले इस गांव में 100 एचपी ट्रांसफार्मर से जुड़ी केबल खराब होने के कारण कई दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है।
सबसे गंभीर बात यह है कि 6 जनवरी से बच्चों की तृतीय वार्षिक परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग ने अब तक केबल सुधार कार्य शुरू नहीं किया। नतीजतन, छात्र-छात्राएं दीपक और मोमबत्ती के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो जिम्मेदार अधिकारी गांव पहुंचे और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। यह लापरवाही केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि जब परीक्षा का समय पहले से तय होता है, जब केबल खराब होने की जानकारी विभाग को है,
तो फिर बिजली बहाल करने में इतनी बेरुखी क्यों? बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ आंखों की रोशनी और स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी कागजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाकर जमीनी हकीकत से आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि
तत्काल केबल सुधार कार्य कराया जाए, दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।
अब देखना यह है कि बिजली विभाग नींद से जागता है या फिर बीजाडोगरी के बच्चों को इसी तरह अंधेरे में पढ़ने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा।

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