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गर्मी के बढ़ते ही देशी फ्रिज मिट्टी के मटकों की मांग बढ़ी

सिलवानी। गर्मी के बढ़ते ही इन दिनों में देशी फ्रिज सुराही, मटका सहित अन्य मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ गई है। कस्बों में मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सजी हुईं हैं। मिट्टी के इन बर्तनों को खरीदने के लिए ग्राहक भी इन दुकानों की ओर रुख करने लगे हैं। इससे मिट्टी के बर्तन का कारोबार करने वाले काफी खुश नजर आ रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही मिट्टी के बर्तनों की बिक्री भी बढ़ने लगी है। इसका कारण यह है कि गर्मी में ठंडा पानी पीने के लिए यह सबसे सस्ता और हर जगह उपलब्ध रहने वाला साधन है। इसे रखने के लिए अधिक जगह की भी जरूरत नहीं होती है। इन दुकानों पर हर आय वर्ग के लोग आ रहे हैं, और अपने मनपसंद बर्तन की खरीददारी कर रहे हैं। खास बात यह है कि जिनके घरों में फ्रिज हैं वे लोग भी मटका और सुराही की खरीददारी कर रहे हैं। इन दुकानों पर सुराही 75 से 280 रुपए व 60 मटका 180 रुपये में उपलब्ध है। मटका केवल गरीबों का फ्रिज ही नहीं, बल्कि इसके पानी की शीतलता और सोंधी महक से भी मन प्रभावित होता है।
मिट्टी के मटके से कोई नुकसान नहीं
लोगों का कहना है कि गर्मी में मटके का पानी पीने से नुकसान नहीं होता है। वहीं डॉक्टर भी फ्रिज की जगह मिट्टी के मटके का ठंडा पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। गर्मी शुरू होते ही लोग दुकानों पर पहुंचकर मिट्टी के मटके खरीदने में लगे हैं। इस बार महंगाई का असर घड़े पर भी हुआ है।

मटकों की बिक्री तीन गुना तक बढ़ गई:

तापमान बढ़ते ही लोगों को फ्रिज के साथ अब ठंडे पानी के लिए मिट्टी के मटकों की जरूरत पड़ने लगी हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण गत 15 दिनों मटकों की बिक्री तीन गुना तक बढ़ गई है। नगर के प्रमुख स्थल पुराना बस स्टैंड के साथ मिट्टी के बर्तन बनाने वालो के घर पर मिट्टी के मटके बिक रहे हैं। वहीं दुकानदार ग्राहकों की मांग के अनुसार भंडारण करने में लगे हैं।

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