कृषिमध्य प्रदेश

रायसेन जिले का बासमती चावल 47 देशों में निर्यात हो रहा है- मुख्यमंत्री डॉ यादव

रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने किसानों से वर्चुअली किया संवाद
किसानों के हित में लिए गए हैं ऐतिहासिक निर्णय- स्वास्थ्य राज्यमंत्री
रायसेन । किसानों के खेत हमारे लिए देव स्थल है और उनका दाना-दाना हमारे लिए प्रसाद स्वरूप है। प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की बेहतरी के लिए, उनकी समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है। खेती के क्षेत्र में रायसेन जिले के किसानों ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। पहले रायसेन जिले की पहचान सांची, भीमबैटका, भोजपुर से होती थी! लेकिन अब विदेशों में रायसेन जिले की पहचान बासमती धान से भी हो रही है। रायसेन जिले के बासमती चावल की 47 से अधिक देशों में मांग है और लगभग 1800 करोड़ रू से अधिक राशि की धान का विदेशों को निर्यात हो रहा है। यहां हमारे किसानों की मेहनत का परिणाम है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरूवार को रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉफ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। रायसेन स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, सांची जनपद अध्यक्ष अर्चना पोर्ते, कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी, मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड की संयुक्त संचालक सविता झानिया, किसान संगठन के कप्तान सिंह सहित अन्य पदाधिकारी, राकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में जिले के किसान सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती की उन्नत तकनीकें तथा आधुनिक पद्धतियां खेती के विकास और किसानों की समृद्धि का मार्ग हैं। किसान पारम्परिक तरीके से खेती के बजाए उन्नत तकनीकों का उपयोग करेंगे, उद्यानिकी फसलों की खेती करेंगे तो उन्हें कई गुना लाभ होगा। सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है तथा विगत कुछ समय में किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार खेत से बाजार तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, वैल्यू एडिशन तथा कृषि निर्यात को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उसका एकमात्र संकल्प है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिले तथा खेती वास्तविक अर्थों में लाभ का व्यवसाय बने।
किसानों के हित में लिए गए हैं ऐतिहासिक निर्णय- स्वास्थ्य राज्यमंत्री
समारोह में स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि यह सरकार किसानों की सरकार है, किसानों की समृद्धि के लिए और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित करने के साथ ही किसानों तक उनका लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने और उनकी समृद्धि को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार 15 जुलाई से 13 नवंबर तक बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन कर रही है। इस दौरान पूरा प्रशासन किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, नवीन योजनाओं तथा वैज्ञानिक खेती की जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने प्रदेश के किसानों के हित में सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि अब किन्हीं भी शासकीय योजनाओं के निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण करने पर किसानों को एक-दो नहीं, पूरे चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसी प्रकार सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से कवच योजना शुरू की है। इससे सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर 5 हजार किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। किसानों को बिना ब्याज के ऋण और ऋण चुकाने के लिए पूरे 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी इस योजना में की गई है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनस्वास्थ्य और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। अब सिर्फ दूध से निर्मित पनीर ही मिलेगा। इसका लाभ भी पशुपालकों को मिलेगा।
महोत्सव में सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। किसानों को सिंचाई के लिए निरंरत विद्युत आपूर्ति की जा रही है। सिंचाई के रकबे में भी निरंतर वृद्धि हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से किसानों को खेती की उन्नत और नवीन तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिसका उपयोग कर वह अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों, खाद-बीज पर अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर वर्ष 06 हजार रू और मुख्यमंत्री किसान कल्याण येाजना के तहत हर वर्ष 6 हजार रू इस प्रकार कुल 12 हजार रू हर वर्ष किसानों के खाते में प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की अन्य किसान हितैषी योजनाओं का भी उल्लेख किया। महोत्सव में श्री राकेश शर्मा तथा किसान संगठन के पदाधिकारी श्री कप्तान सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिले के प्रगतिशील किसानों, बोर्ड परीक्षओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम स्थल पर कृषि विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन सहित अन्य विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई।

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