26 मार्च 2026 मंगल का कुंभ राशि में उदय लिए जाने किन-किन राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री Զเधॆ कृष्णा
🔮 26 मार्च 2026 मंगल का कुंभ राशि में उदय लिए जाने किन-किन राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव….._
🪐 मंगल का कुम्भ राशि में उदय:- ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह “युद्ध के देवता” के नाम से जाने जाते जो अब 26 मार्च 2026 की दोपहर 12 बजकर 53 मिनट पर कुम्भ राशि में उदित होने जा रहे हैं। बता दें कि ज्योतिष में मंगल ग्रह का अर्थ मंगल यानी शुभ से होता है और इन्हें भौम – धरती के पुत्र भी कहते हैं जिनका संबंध शक्ति, साहस, भूमि, तकनीक और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रं को भी नियंत्रित करते हैं। इस प्रकार, मंगल महाराज मनुष्य जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ऐसे में, मंगल का कुम्भ राशि में उदय होना राशि चक्र की राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया को भी प्रभावित करेगा। यह लेख आपको बताएगा कि मंगल का कुम्भ राशि में उदय किस तरह के परिणाम प्रदान करेगा।
🐑 *मेष राशि वालों के लिए मंगल ग्रह पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके ग्यारहवें भाव में उदित होने जा रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप, भौतिक लक्ष्यों को पाने की आपकी इच्छा प्रबल होगी। मंगल का कुंभ राशि में उदय आपके आर्थिक जीवन के लिए अच्छा कहा जाएगा, विशेष रूप से बीते समय में किया गया आपका निवेश आपको लाभ देने का काम करेगा। साथ ही, थोड़े बहुत धन की प्राप्ति आपको अन्य स्रोतों से भी हो सकती है। यह समय दीर्घकालिक योजनाएं बनाने के लिए श्रेष्ठ रहेगा।मंगल कुंभ राशि में उदित होने की अवधि में आपको अपने बड़े भाई-बहन और चाचा का हर कदम पर सहयोग मिलेगा। हालांकि, ग्यारहवें भाव में मंगल देव आपके दूसरे, पांचवें और छठे भाव पर अपनी दृष्टि डाल रहे होंगे। ऐसे में, मंगल का आपके दोनों भावों यानी कि ग्यारहवें और दूसरे भाव से संबंध होना आपकी आय को बढ़ाने, वेतन में वृद्धि और ज्यादा से ज्यादा बचत करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। जब मंगल का कुम्भ राशि में उदय होगा, उस समय आपको अपनी सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। दूसरी तरफ, मेष राशि के जातक इस समय अपने परिवार को लेकर हद से ज्यादा पजेसिव हो सकते हैं।हालांकि , मंगल महाराज का आपके पांचवें और छठे भाव पर प्रभाव स्कॉलरशिप या किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों के लिए शुभ रहेगा। वह इस समय अपने क्षेत्रों में महारत हासिल करेंगे जिससे आप प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने में सक्षम होंगे। इसके अलावा, आठवें भाव का उदित होना इन लोगों के लिए फलदायी रहेगा। साथ ही, मंगल का छठे भाव पर प्रभाव कानूनी मामलों या कोर्ट केस में अचानक से नया मोड़ लाकर फैसला आपके पक्ष में कर सकता है। 🪶 *उपाय: मंगल ग्रह से सकारात्मक परिणाम पाने के लिए सोने की अंगूठी में अच्छी गुणवत्ता का लाल मूंगा रत्न जड़वाकर धारण करें।
🐂 *वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह आपके सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव अर्थात करियर के भाव में उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में, मंगल कुम्भ राशि में उदित होना शुभ कहा जाएगा क्योंकि दसवें भाव में मंगल को दिग्बल की प्राप्ति होगी। इस स्थिति को पेशेवर जीवन में प्रगति के लिए अच्छा कहा जाएगा। ऐसे में, वृषभ राशि के जातक कार्यक्षेत्र में ऊर्जावान और तरोताज़ा दिखाई देंगे। इस समय आप अपने कार्यों को पूरे जोश और उत्साह के साथ करेंगे। आपके भीतर आने वाले ये सकारात्मक बदलाव आपको आपके वरिष्ठ और बड़े पद पर बैठे अधिकारियों की नज़रों में लेकर आएंगे जिसके चलते आपको नई ज़िम्मेदारियां और भूमिकाएं मिल सकती हैं। मंगल उदित की अवधि में आपके मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।जो जातक व्यापार करते हैं, उनके अंदर व्यापार का विस्तार और लाभ बढ़ाने को लेकर एक अलग जोश दिखाई देगा। मंगल जो आपके बारहवें भाव के स्वामी भी हैं और अब उनके उदय होने से आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी होगी। इसी प्रकार, सातवें भाव के स्वामी का उदय होना वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याओं को सुलझाने में सहायता करेगा और आपकी बिज़नेस पार्टनरशिप भी सफल रहेगी।मंगल देव की दृष्टि आपके पहले भाव, चौथे भाव और पांचवें भाव पर पड़ रही होगी। इसके परिणामस्वरूप, आपके आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों में वृद्धि होगी जिससे आप अपने जीवन को सही राह पर लेकर जाएंगे। अगर नकरात्मक पक्ष की बात करें, तो इस अवधि में करियर के प्रति आपका समर्पण आपके निजी जीवन को प्रभावित करने का काम कर सकता है जिसके चलते पारिवारिक जीवन में समस्याएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, चौथे भाव पर मंगल की दृष्टि होने से आपको हर कदम पर अपनी माता का साथ मिलेगा, लेकिन आपको उनकी सेहत का अच्छे से ख्याल रखना होगा। वहीं, मंगल देव की आठवीं दृष्टि आपके पांचवें भाव पर होने से आपको पढ़ाई में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 🪶 *उपाय: प्रतिदिन माँ दुर्गा को लाल फूल अर्पित करें।
👩❤️👨 *मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल महाराज आपके छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में अब यह आपके नौवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली में नौवें भाव का संबंध पिता तुल्य लोगों, मेंटर और सौभाग्य से होता है। ऐसे में, ग्यारहवें भाव के स्वामी का उदित होना बीते समय में किए गए निवेश से आपको अच्छा ख़ासा लाभ दिलाएगा। साथ ही, इस समय आप अपने घर पर किसी सामाजिक कार्यक्रम या समारोह का आयोजन कर सकते हैं जिसे पहले टाल दिया गया था।इसके अलावा, मंगल का कुंभ राशि में उदय होना उन छात्रों के लिए फलदायी साबित होगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि छठे भाव के स्वामी का उदय होना शत्रुओं पर आपको विजय प्रदान करेगा। इस समय मिथुन राशि के जातकों का झुकाव अध्यात्म के प्रति बढ़ेगा और आप बड़े भाई बहनों या मित्रों के साथ तीर्थ स्थल की यात्रा करते हुए नजर आ सकते हैं। साथी आप अपने मांमा के घर में होने वाले धार्मिक आयोजनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए दिखाई दे सकते हैं। कुंडली के नवे भाव में मंगल ग्रह में उदित होने से आपको अपने पिता, गुरु और मेंटर का हर कदम पर सहयोग मिलेगा। लेकिन दूसरी तरफ आपको उनके साथ समस्याओं और विवादों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, मंगल नाव में भाव में बैठकर बाहरवें, तीसरे और चौथे भाव पर दृष्टि पढ़ने से आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। विशेष रूप से ट्रैवल और मेडिकल पर। वहीं, तीसरे भाव पर उनकी दृष्टि पढ़ने से आपकी वाणी में अक्र्मकता आ सकती है, परंतु आपको दूसरों से बातचीत करते समय अपने शब्दों का इस्तेमाल करना होगा। जबकि चौथे भाव पर मंगल देव की दृष्टि घर परिवार में शांति उत्पन्न कर सकता है साथ ही आपको अपनी माता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। 🪶 *उपाय:- मंगल ग्रह के बीज मंत्र का नियमित रूप से जप करें।
🦀 *कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल देव आपके पास में और दशवे भाव के स्वामी हैं। ऐसे में, यह आपके केंद्र और त्रिकोण भाव के स्वामी होने की वजह से आपके लिए शुभ ग्रह बन जाते हैं। वर्तमान समय में मंगल महाराज आपके आठवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। जिसका संबंध दीर्घायु, अचानक से होने वाली घटनाओं और गोपनीयता से होता है। 10 में भाव के स्वामी का उदित होना आपके करियर में अच्छी प्रगति लेकर आ सकता है जिससे आपको मान- सम्मान, पद प्रतिष्ठा प्राप्त होने के अवसर प्राप्त होंगे। यह अवधि विशेष रूप से फैमिली बिजनेस करने वालों के लिए अनुकूल होगी। साथ ही, इन जातकों के कोई नया निवेश करनी या फिर किसी नए कार्य की शुरुआत करने के योग बनेंगे। आपको बता दूं की मंगल का कुम्भ राशि में उदय आपके आठवें भाव में हो रहा है। इसीलिए आपको पेशेवर जीवन में अपने लक्षण को महत्वाकांक्षाओं को लेकर शांत रहना होगा। और किसी को भी बताने से बचाना होगा। इस दौरान इन छात्रों को शिक्षा में सुधार देखने को मिलेगा जो काफी समय से पढ़ाई में समस्याओं का सामना कर रहे थे, विशेष रूप से अच्छा विज्ञान जैसे विषयों का अध्ययन कर रहे छात्रों को। वहीं, कर्क राशि के जातकों के लिए वैवाहिक जीवन में अपने प्रेम और भावनाओं को व्यक्त करना अब आसान होगा। लेकिन फिर भी रिश्तों को गोपनीयता बनी रह सकती है। वही इस राशि के जाता के माता-पिता अपने बच्चों के साथ कुछ यादगार लम्हे बिताते हुए दिखाई देंगे। दूसरी तरफ मंगल ग्रह 11 में भाव प्रभाव होने की वजह से यह समय आर्थिक लाभ की दृष्टि से अनुकूल रहेगा। साथ ही, इस दौरान आपको बीते समय में किए गए निवेशो अच्छे अच्छे रिटर्न और सकारात्मक प्रणाम मिलने की संभावना है। मंगल का आपके दूसरे भाव पर भी प्रभाव होने के कारण आपके शब्द और बातें जाने अनजाने में दूसरों को आहत कर सकती है। क्योंकि कुंडली के दूसरे भाव का संबंध परिवार वाणी और धन से होता है। ऐसे में, आपके परिवार के सदस्यों से बात करते समय अपने शब्दों का ध्यान बहुत सोच समझकर करना होगा। सती तीसरे भाव पर मंगल का प्रभाव होने की वजह से आपके छोटे भाई बहनों के साथ विवाद हो सकता है। 🪶 *उपाय:- प्रतिदिन सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
🦁 *सिहं राशि : के जातकों के लिए मंगल देव आपके योगकारक है। क्योंकि है आपकी कुंडली के चौथे और नवमी भाव के अधिपति देव हैं। अब यह आपके साथ में भाव में उदित होने जा रहे हैं ऐसे में इन जातकों के लिए यह स्थिति सौभाग्य लेकर आएगी क्योंकि मंगल देव के उदय होने से आपको धन प्राप्त होने के मार्ग मिलेंगे, क्योंकि इसमें आपको पहले समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। मंगल का कुम्भ राशि में उदय होने की अवधि में आपको हर कदम पर अपने गुरु और मेंटर का आशीर्वाद और सहयोग प्राप्त होगा। अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या थी या फिर आपका इसके साथ कोई विवाद चल रहा था, तो उसमें भी सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही, आपकी माता की सेहत भी बेहतर होगी। वहीं, फरवरी के जीवन में यदि किसी तरह का तनाव या चल चल रहा था तो अब आपके सुलझाने की भी संभावना है। हालांकि, मंगल के उदित होने का लाभ सिंह राशि के शादीशुदा जातकों को नहीं मिलने की आशंका है क्योंकि सातवें भाव में मंगल के बैठे होने के कारण जीवनसाथी का स्वभाव कुछ हद तक हावी होने या अकर्मक रह सकता है जिससे आप असहज महसूस कर सकते हैं। ऐसे में, आप दोनों के बीच मतभेद जन्म ले सकते हैं, लेकिन फिर भी आपको इनका मानसिक और भावनात्मक रूप से ध्यान रखना होगा। आठवें भाव में उपस्थित मंगल महाराज की दृष्टि आपके दूसरे भाव, लगन और दसवें भाव पर पढ़ रही होगी। इसके परिणाम स्वरूप, नव्या भाव के स्वामी का सातवें भाव में बैठे होने से आपके जीवनसाथी द्वारा किए जा रहे कार्यों का असर आपके भाग्य और आपका निर्णय को प्रभावित करेगा। वहीं, 10 में भाव पर मंगल की दृष्टि होने के कारण कार्य क्षेत्र को लेकर आप कुछ मानसिक रूप से परेशान बेचैन या असंतुष्ट रह सकते हैं। हालांकि, यह आपकी दिमाग की उपज हो सकती है। 🪶 *उपाय:- मंगलवार के दिन मिठाई का दान करें और हनुमान जी की पूजा करें।
👰🏻 *कन्या राशि : वालों के लिए मंगल देव आपके तीसरे भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह आपके छठे भाव में उदित होने जा रहे हैं जिसका संबंध शत्रु स्वस्थ है प्रतियोगिता और निहाल से होता है। बता दूं की कुंडली में तीसरा भाव भाई बहनों और आठवां भाव, अनिश्चितता और रहस्यों का होता है। इसके परिणाम स्वरुप मंगल छठे भाव में उदित होना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। इस दौरान आपकी सेहत और रोग प्रतिरोधक क्षमता दोनों मजबूत होगी। साथ ही, आपको प्रतियोगिताओं में सफलता मिलेगी और शत्रु आप पर हावी नहीं हो पाएंगे। हालांकि, मंगल का कुम्भ राशि में उदय की अवधि में आपको आक्रमक या लापरवाही से भरा रवैया अपनाने से बचने की सलाह दी जाती है। तीसरे भाव के स्वामी का उदय होना आपके जीवन में चल रही भाई बहनों, संचार कौशल और आत्मविश्वास से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने का काम करेगा। लेकिन, मंगल देव आपके छठे भाव में उदित होने की वजह से आपकी भाई बहनों या कजिन से मतभेद यह विवाद होने कीआशंका है। आठवें भाव के स्वामी का उदय होना आपके जीवन में अस्थिरता और अनिश्चितता लेकर आ सकता है। ऐसे में, आपको 17 कहना होगा और समय को अचानक से होने वाली घटनाओं के लिए तैयार रखना होगा। इसके अलावा मंगल ग्रह की दृष्टि आपके नाव में भाव बाद में भाव और लग्न भाव पर पड़ रही होगी इसलिए आपको अपने पिता की सेहत पर ध्यान देना होगा। इस दौरान आपके कार्य क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल सकता है या फिर आपके विदेश जाने के योग भी बनेंगे। साथी आपके खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है। इन सभी परिस्थितियों के कारण आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन और गुस्सा नजर आ सकता है जो अन्य लोगों को ना पसंद आ सकता है। 🪶 *उपाय :- मंगलवार के दिन मंगल यंत्र की पूजा करें। संभवहो तो, ध्यान अवश्य करें।
⚖️ *तुला राशि: वाले जातकों के लिए मंगल ग्रह आपकी दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में अब यह आपके पास में भाव में उदित होने जा रहे हैं। बता दूंगी कुंडली में पांचवा भाव संतान शिक्षा रिलेशनशिप और पूर्व पुण्य भाव का होता है। ऐसे में, आपके साथ में भाव के स्वामी मंगल का कुम्भ राशि में उदय होने से शादीशुदा जीवन में उत्पन्न शांति को दूर करेगा जब मंगल गैस होने की वजह से पैदा हुई थी। वहीं दूसरे भाव में स्वामी के उदित होने से आपकी वाणी बचत और परिवार के गरीबी सदस्यों के साथ संबंधों में सुधार देखने को मिलेगा। मंगल का कुम्भ राशि में उदय आपका संसार कौशल और आपकी बचत करने की क्षमता को बेहतरीन बनाएगा। इसके पास में भाव में उदित होने से आपके बच्चों के साथ व्यवहार से जुड़ी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को थोड़ी बहुत कठिनाइयों का अनुभव हो सकता है। दूसरी तरफ ऐसे जातक जो पहले से रिश्तों में है उन्हें अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना चाहिए क्योंकि अत्यधिक दबाव हद से ज्यादा हक जताना या, पजेसिव होने की प्रवृत्ति आपके रिश्तों में तनाव को जन्म दे सकती है। इसके विपरीत विद्यार्थियों के लिए कोई मंगल की उदित अवस्था लाभकारी साबित होगी। विशेष रूप से इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र की पढ़ाई करने वाले इस समय को एकाग्र और उत्साह से भारी दिखाई देंगे। पांचवें भाव में बैठे मंगल ग्रह की दृष्टि आपके नौ में ग्यारहवे और बाहरवें भाव पर पड़ रही होगी। ऐसे में, बेकार करने वाले जातकों को धन से जुड़े मामलों में जोखिम उठाने से बचना होगा। इस दौरान आपको अचानक से किए गए फैसलों कोई बड़ा निवेश करना या कम से जुड़ी समस्याओं को करने से बचना होगा। 🪶 *उपाय:- जरूरतमंद बच्चों को लाल रंग का कपड़ा दान करें।
🦂 *वृश्चिक राशि : के जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह आपके पहले और छठे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके चौथे भाव में उदित होने जा रहे हैं और इस भाव का संबंध माता घरेलू जीवन संपत्ति वहां और रियल एस्टेट से होता है। लग्न भाव के स्वामी का उदय होना आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम के साथ-साथ सुधार लेकर आएगा। छठे भाव के स्वामी का उदय होना इस राशि के जातकों के लिए काफी अच्छा कहा जाएगा। विशेष रूप से इन छात्रों के लिए जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें इसमें सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। चौथे भाव में मंगल में उदित होने से आपकी हर कदम पर अपने परिवार के सदस्यों और माता-पिता का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। साथी संपत्ति से जुड़ा कोई लाभ पैतृक संपत्ति के रूप में मिलने की संभावना है या नया वाहन या नई संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे। हालांकि, मंगल ग्रह का उग्र स्वभाव होने के कारण आपको पारिवारिक जीवन में समस्याओं से दो चार होना पड़ सकता है। सती माता-पिता के साथ भी आपकी बहस होने की आशंका है। इसके अलावा, मंगल देव आपके चौथे भाव में बैठकर सातवें भाव 10 में और 11वीं भाव को देख रहे होंगे, और इस स्थिति को व्यापार बढ़ाने के लिए काफी अच्छा कहा जाएगा। इस अवधि में आप करियर की प्रगति को लेकर पूरी तरह केंद्रित रहेंगे। साथ ही, आपको पार्टनरशिप और आई एम एवरीथिंग के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। दूसरे तरफ सातवें भाव पर मंगल की दृष्टि प्रेम जीवन और विवाह जीवन में हद से ज्यादा हक जताने वाला बना सकती है। जीवनसाथी पर आप शक करते हुए दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में, जीवनसाथी के साथ आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है इसलिए आपको अपने शादीशुदा जीवन को लेकर सतर्क रहना होगा। 🪶 *उपाय :- दाहिने हाथ में तांबे का कड़ा धारण करें।
🏹 *धनु राशि : वालों के लिए मंगल ग्रह का उदय होना आपके लिए मिलजुल परिणाम लेकर आएगा। हालांकि, मंगल ग्रह आपकी राशि स्वामी गुरु ग्रह के सहायक माने जाते हैं। आपको बता दूं की मंगल आपके पांचवें और बाहरवें भाव के स्वामी हैं। जो अब आपके तीसरे भाव में उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में, आपके पास में भाव के स्वामी का उदित होना छात्रों, प्रेम में पड़े जातकों और माता-पिता के लिए विशेष रूप से अनुकूल रहेगा। आपके लक्षण को पाने की राह में आने वाली समस्याओं और बढ़ाओ अब दूर हो सकेगी। हालांकि, बाहरवें भाव के स्वामी के उदित होने से आपके खर्चों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है या फिर आपको अचानक से हानि हो सकती है। ऐसे में, आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बता दूंगी कुंडली के तीसरे भाव पर मंगल का प्रभाव शुभ माना जाता है जिसका संबंध भाई बहन साहस रुचियों छोटी यात्राओं और संचार से होता है। मंगल का कुम्भ राशि में हो रहा है ना आपको और जवान के साथ-साथ आत्मविश्वास देने का काम करेगा। आपको काफी समय से अधूरे पड़े कार्यो को लेकर फैसला लेने होंगे जो अर्से से अटके हुए हैं। इस अवधि में आपका रिश्ता छोटे भाई बहनों के संबंधों में कुछ उदार-चढ़ा बने रह सकते हैं। तीसरे भाव में बैठकर साठे नवमी और दसवें भाव पर दृष्टि पढ़ रही होगी। इसके परिणाम स्वरूप जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर छात्रों के लिए अनुकूल रहेगा क्योंकि आपके प्रतिद्वंदी आपके मार्ग में समस्याएं पैदा करने का काम कर सकता है। इस दौरान आपको अपने माता-पिता टीचर और मेंटर का हर कदम साथ मिलेगा। लेकिन फिर भी आपको उनकी सेहत का ध्यान रखना होगा। इसके अलावा मंगल महाराज की आठवीं दृष्टि आपके दसवीं भाव यानी करियर के भाव पर होगी। आपको बता दूं की मंगल इस राशि में उच्च अवस्था में होते हैं और ऐसे में यह आपको पेशेवर जीवन में प्रगति और पहचान लेकर आएगी। यह अवधि विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदाई रहेगी जो हाल फिलहाल में ग्रेजुएट हुए हैं। और करियर में एक अच्छे अवसर की तलाश में हैं। 🪶 *उपाय :- आप अपने छोटे भाई या भाई तुल्य व्यक्ति को कोई उपहार दे।
🐊 *मकर राशि : वालों की कुंडली में मंगल महाराज आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह आपके दूसरे भाव में उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में मंगल का उदित होना आपके लिए फलदाई कहा गया है। अगर आपकी माता काफी समय से बीमार चल रही थी तो अब चौथे भाव के स्वामी का उदय होना आपकी सेहत को लेकर बेहतर बनने का काम करेगा। साथी घर संपत्ति और वहां से संबंधित समस्याओं का समाधान मिलने की प्रबल संभावना है। ग्यारहवें भाव के स्वामी का उदित होना धन लाभ मनोकामनाओं की पूर्ति और सामाजिक जीवन में विस्तार की दृष्टि से अनुकूल रहेगा। आपको बता दूं की मंगल का आपके दूसरे भाव में उदित होना आपकी वाणी में कुछ कठोरता देने का काम कर सकता है जिसका असर आपकी पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में आपको मंगल का कुम्भ राशि में उदय होने से आपको सोच समझ कर बोलने और बातचीत करते समय संयम बर्तन की सलाह दी जाती है। दूसरे भाव में विराजमान मंगल की दृष्टि पांचवें और आठवें और नौवें भाव भाव पर पड़ रही होगी। इस दौरान आप अपने बच्चों उनकी शिक्षा और प्रेम संबंधों को लेकर कुछ अधिक शिक्षात्मक महसूस कर सकते हैं। हालांकि आपकी चिंता करना स्वाभाविक होगा। लेकिन आपको हद से ज्यादा हक जताने से बचना होगा क्योंकि इसे दूसरा व्यक्ति असहज महसूस कर सकते हैं। मंगल उदित के सकरात्मक पक्ष की बात करें तो इंजीनियरिंग या तकनीकी क्षेत्र की पढ़ाई करने वाले छात्र इस समय पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे सकते हैं। आठवें भाव पर मंगल का प्रभाव जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति में वृद्धि करवा सकता है। लेकिन इस दौरान थोड़ा बहुत अनिश्चितता भी रह सकती है। आपको अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने जीवनसाथी की सेहत पर भी विशेष ध्यान देना होगा। आपको यात्रा के दौरान या वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 🪶 *उपाय :- उत्तम स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से गुड का सेवन करें।
⚱️ *कुम्भ राशि : वालों के लिए मंगल ग्रह आपके 10 में और तीसरे भाव के अधिपति देव हैं जो कि अब आपके लग्न भाव में उदित होने जा रहे हैं। हालांकि, कुम्भ राशि के स्वामी ग्रह शनि देव से मंगल ग्रह के संबंध ज्यादा अच्छे नहीं माने जाते हैं। लेकिन फिर भी उसका उदित होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मंगल का कुम्भ राशि में उदय होने की अवधि में आपके भाई बहन और कनिज के साथ रिश्तों में चल रही गलतफहमी या समस्याएं अब दूर होगी। इस दौरान आपके भीतर सांस और आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिलेगी। इन जातकों को बीते समय में बिजनेस पार्टनर के साथ दबाव या मतभेद का सामना करना पड़ रहा था तो अब 10वीं भाव के स्वामी के रूप में मंगल का उदित होना आपके करियर और व्यापार में सकारात्मक बदलाव और प्रगति दोनों लेकर आएगा। जैसे कि हम जानते हैं की मंगल आपके लग्न में उदित हो रहे हैं इसलिए इस दौरान आपकी ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी। नकारात्मक पक्ष की बात करें तो मंगल गोचर की अवधि में आपका स्वभाव अत्यधिक आक्रामक अहंकारी या दूसरों पर अभी होने वाला बन सकता है। ऐसे में आपके लिए जीवन में संतुलन बनाए रखना होगा। आपको बता दूं कि आपका लग्न भाव में उपस्थित मंगल देव की दृष्टि चौथे सातवें और आठवें भाव मैं दृष्टि होगी। इसका आपके चौथे भाव पर प्रभाव होने से आपको हर कदम पर अपनी माता का साथ मिलेगा। हालांकि आपको उनके स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा, लेकिन आपको उनके प्रति ज्यादा सख्त होने से बचना होगा। यह अवधि आपके लिए संपत्तियां खरीदारी के लिए कुछ शानदार अवसर लेकर आएगा। मंगल की दृष्टि आपके सातवें भाव पर होगी जो बिजनेस पार्टनरशिप के लिए अच्छी कही जाएगी। विशेष रूप से यह यदि आपके जीवनसाथी के लिए सहयोगी साबित होगी। हालांकि इस दौरान आपके स्वभाव में अकर्मकता बढ़ाने की वजह से जीवनसाथी के साथ कभी कभार मत भेज जाता खराब होने की संभावना है इसलिए आपको अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। मंगल देव का आपके आठवें भाव पर प्रभाव होने के कारण जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति में वृद्धि देखने को मिल सकती है। लेकिन साथ ही यह समय आपके जीवन में अचानक बदलाव या अनिश्चितता देने का काम कर सकते हैं इसलिए आपको अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने साथी की सेहत का भी पूरा ध्यान रखना होगा। आपको सलाह दी जाती है कि वाहन चलाते समय सावधानी बरते हैं और यात्रा के दौरान सतर्क रहें। 🪶 *उपाय:- प्रतिदिन भगवान हनुमान जी की पूजा करें।
🐬 *मीन राशि : के जातकों के लिए मंगल महाराज आपके दूसरे और नौवें भाव के अधिपति देव हैं। अभी है आपके ग्यारहवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में आपको नौवें भाव के स्वामी के उदित होने से आपको अपने माता-पिता और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त होगा जिसके चलते आपको दोबारा अपने अभाग्य का साथ मिलने लगेगा। जो मंगल के अस्त होने की वजह से मिल नहीं पा रहा था। इसी प्रकार आपके दूसरे भाव के स्वामी से आपका रिश्ता परिवार के सदस्यों के साथ रिश्तों में सुधार होगा। साथी आपकी बचत में वृद्धि होगी और आपकी वाणी भी बेहतरीन होगी। हालांकि मंगल ग्रह आपकी उपस्थिति बाहरवें भाव में होने से आपकी सभी समस्याओं का समाधान तो नहीं करेगी लेकिन फिर भी आपको राहत मिलेगी। इस दौरान आपकी शारीरिक ऊर्जा साहस और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कुछ कमी हो सकती है। बाहरवें भाव में बैठे मंगल महाराज की दृष्टि सातवें, छठे और तीसरे भाव पर पड़ रही होगी। मंगल उदित की अवधि में एक तरफ शत्रु आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। वहीं दूसरी तरफ आपके खर्चों में वृद्धि की संभावना बनी रह सकती है। विशेष कर छोटी यात्राएं स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का कानूनी मामलों की वजह से वृद्धि होगी। इसके अलावा मंगल ग्रह आपकी आठवीं दृष्टि आपके सातवें भाव पर चलने से जीवनसाथी का स्वास्थ्य नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकता है। साथ ही इस अवधि में आपके माता-पिता को भी स्वस्थ से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आपके जीवन में तनाव और मतभेद बनने की आशंका है 🪶 *उपाय :- मंदिरों में गुड़ और मूंगफली से बनी मिठाई का दान करें।

