कृषिमध्य प्रदेश

समर्थन मूल्य खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व वेयरहाउस में किया जा रहा गेहूं का स्टॉक

अधिकारी बोले उक्त वेयरहाउस खरीदी केंद्र के लिए चिन्हित नहीं
आने वाले दिनों में किसानों के सामने आ सकती है बड़ी परेशानी

रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली। इस वर्ष सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख 10 अप्रैल घोषित की गई है 10 तारीख से ही समर्थन मूल्य केंद्रो पर किसान के द्वारा अपनी उपज स्लाट बुक होने के आधार पर तोली जाएगी। लेकिन दूसरी ओर क्षेत्र के ग्राम टोंगा में एक वेयरहाउस पर बड़ी मात्रा में गेहूं की तुलाई प्रारंभ हो गई है। इस दौरान वेयरहाउस के अंदर और बाहर लगभग 5000 कुंटल गेहूं पहुंच चुका है ।
बता दें कि जब इस संबंध में वेयरहाउस प्रबंधक अनिल तिवारी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि आज दिनांक तक टोंगा का वेयरहाउस खरीदी केंद्र के लिए एलाट नहीं हुआ है । और ना ही यह बेयर हाउस हमारी सूची में दर्ज है इसके बाद यदि वेयरहाउस संचालक अपने वेयरहाउस में किसानों का गेहूं रख रहा है इसकी जवाबदारी किसान और वेयरहाउस संचालक की होगी।
बड़ा सवाल यह है कि पूर्व में नर्मदा वेयरहाउस सर्रा में मूंग खरीदी का भुगतान आज दिनांक तक कुछ किसानों का नहीं हुआ है । कहीं ऐसा ना हो पूर्व की वही घटना की पुनरावृति ना हो।
बता दें कि ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पूर्व चर्चाओं में आया था जब बैरसिया विधायक खत्री के वेयरहाउस में खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व वेयरहाउस में बड़ी मात्रा मे गेहूं स्टोर हो चुका था ।
बता दे कि क्षेत्र में कुछ लोगों के द्वारा महज अपने स्वार्थ के लिए किसानों को लोभ लुभावने वायदे कर अपना स्वार्थ सिद्ध कर लिया जाता है। लेकिन बाद में जब स्थिति बिगड़ती है तो इससे सबसे ज्यादा नुकसान अन्नदाता को उठाना पड़ता है। वर्तमान में किसानों के द्वारा जो अपनी उपज वेयरहाउस लाई जा रही है बाकायदा उस उपज का धर्म कांटे पर तुलाई की जा रही है किसानों को वजन की पर्ची दी जा रही है और खुले आसमान के नीचे उपज ( गेहूं ) डलवाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वर्तमान में मौसम में तब्दीली देखी जा रही है कब बारिश हो जाए कब ओलावृष्टि हो जाए इसका कुछ कह नहीं सकते इस दौरान यदि उपज खराब होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
जब इस संबंध में प्रभारी एसडीएम कुलदीप पटेल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 10 अप्रैल से प्रारंभ होना है यदि इससे पूर्व यदि वेयरहाउस संचालक के द्वारा किसानों को गुमराह कर गेहूं की तोल की जा रही है । यह सरासर गलत है ऐसे बेयर हाउस संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ।

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