निर्माणाधीन CM राइज स्कूल में मजदूरों के साथ कथित अत्याचार

डायल-112 की मदद से सुलझा मामला
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा (दमोह) । तेंदूखेड़ा के समीप ग्राम बम्होरी में आईटीआई के सामने निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल भवन में मजदूरों के साथ कथित अत्याचार का मामला सामने आया है। करोड़ों की लागत से बन रहे इस स्कूल भवन में विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग मजदूर लगे हुए हैं, लेकिन यहां श्रमिकों के शोषण और असुरक्षा के गंभीर आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम रोड तहसील जवेरा के तीन मजदूर—भोला रैकवार, उनके पुत्र अभिषेक रैकवार और साथी दसरथ पटेल—चार दिन से निर्माण कार्य में लगे हुए थे। मजदूरों का आरोप है कि काम की परिस्थितियां ठीक नहीं होने के कारण वे घर लौटना चाहते थे, लेकिन साइट इंचार्ज रामनाथ पटेल द्वारा उनका सामान रोक लिया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें केवल 500 रुपये ही दिए गए थे, जबकि बाकी भुगतान नहीं किया गया। इसके बावजूद वे बकाया छोड़कर केवल अपना सामान लेकर घर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया जा रहा था।
घटना की जानकारी मिलने पर मजदूरों ने अपने तेंदूखेड़ा स्थित रिश्तेदारों को बुलाया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पीड़ितों ने डायल-112 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में हस्तक्षेप किया।पुलिस ने ठेकेदार गोविंद यादव से फोन पर बातचीत की, जिसमें ठेकेदार ने मजदूरों को जाने देने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने साइट पर मौजूद सामान—आटा, चावल, कंबल, बर्तन आदि—की जांच कर मजदूरों को वापस दिलवाया और उन्हें सुरक्षित रवाना किया।
इस घटना को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन के संभागीय अध्यक्ष सुजान सिंह ने आरोप लगाया कि इस साइट पर पहले भी मजदूरों के साथ अन्याय हो चुका है और मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं।साथ ही, निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात भी सामने आई है। मजदूरों के पास न तो हेलमेट हैं, न दस्ताने और न ही सुरक्षा जूते। तीन मंजिला इमारत में काम चल रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। मजदूरों का बीमा भी नहीं कराया गया है और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा का भी अभाव है।स्थानीय लोगों और संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।



