मध्य प्रदेश

यहां फुटपाथ का मालिक भी दुकान का वसूल रहे किराया

नगर परिषद को बैठकी शुल्क देने के बाद भी लुट रहा फुटपाथी व्यापारी
नगर परिषद से ज्यादा बैठकी वसूली रसूखदार व्यापारी कर रहे
दुकान के सामने फुटपाथ पर दुकान तो 2 से 4 हजार रुपए प्रति माह वसूली

सिलवानी। नगर क्षेत्र में फुटपाथ का मालिक कौन है, यह सवाल अचंभित करने वाला जरूर है, लेकिन नगर के बाजार क्षेत्र में कई रसूखदार व्यापारी फुटपाथ का मालिक बनकर दुकान लगाने वाले फुटपाथी व्यापारियों से किराया वसूली कर रहे है। लोकेशन के हिसाब से इसका किराया तय है। आश्चर्यचकित करने वाली बात तो यह है कि फुटपाथी व्यापारी नगर परिषद को बैठकी के हर दिन शुल्क तो देता ही है, रसूखदार व्यापारी को 500 से लेकर 4 हजार रुपए तक प्रतिमाह तक दे रहा है। मीडिया द्वारा जब इसकी पड़ताल की गई तो इस गोरखधंधे फुटपाथर्थी व्यापारी रसूखदार का खुलासा हुआ। हालांकि व्यापारियों को दिये जाने वाले इस अवैध किराये पर खुलकर जानकारी देने में परहेज कर रहे हैं, उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं दुकान लगाने वाला स्थान उनसे न छिन जाए क्योंकि यदि स्थान छिन गया तो उनकी रोजी रोटी चली जाएगी।
कोई कब्जा बताकर तो कोई दुकान का सामना बताकर कर रहा वसूली : मीडिया की पड़ताल में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला है। यहां दो तरह के फुटपाथी व्यापारियों से अवैध रूप से किराए की वसूली हो रही है। एक तो कुछ दुकानदार ऐसे हैं, जो अपनी दुकानों के सामने फुटपाथ पर दुकान लगाने के नाम पर किराया वसूली करते हैं। यदि फुटपाथी व्यापारी द्वारा निर्धारित किराया नहीं दिया गया तो दुकान नहीं लगाने दी जाती। दूसरा कुछ लोगों द्वारा काउंटर या गुमठी रखकर फुटपाथ पर कब्जा जमाया गया है, वह स्वयं कोई दुकान नहीं लगाते, लेकिन स्थान का किराया ले रहे हैं।
पूर्वज लगा रहे थे दुकान, इसलिए चाहिए किराया : नगर के गांधी चौक के सामने और बजरंग चौराहा फुटपाथ पर दुकान सजाने के नाम पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। यहां कुछ व्यापारियों के पूर्वज कभी दुकान लगाते थे, लेकिन उनके परिवार के सदस्य या तो व्यापार करना बंद कर दिये हैं या फिर दुकान खरीदकर बड़ी दुकान चलाने लगे हैं। जिस स्थान पर उनके पूर्वज दुकान लगाते थे, फुटपाथ का वह स्थान उनके कब्जे का हो गया। यानी उस स्थल पर वर्तमान में जो कारोबार कर रहा है, उसे 600 से 3000 हजार रुपए तक किराया भुगतान करना पड़ रहा है।
इन स्थानों पर वसूली का गोरखधंधा
पड़ताल में बाजार क्षेत्र के कुछ प्रमुख स्थान सामने आए हैं, जहां किराया वसूली का गोरखधंधा किया जा रहा है। इसमें प्रमुख रूप से बजरंग चौराहा, गांधी चौक मुख्य रूप से शामिल हैं।
नप अमले की भूमिका संदिग्ध
फुटपाथ पर कब्जे के इस गोरखधंधे में नगर परिषद अमले की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। नप के बैठकी वसूली करने वाले कर्मचारी भी इस गोरखधंधे से पूरी तरह से वाकिफ हैं, लेकिन उनके द्वारा कभी न तो इस गोरखधंधे पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
इस संबंध में ऋषिकांत यादव, सीएमओ नगर परिषद सिलवानी का कहना है कि अभी तक इस कि शिकायत हमारे पास नहीं आयी अगर कोई लिखित शिकायत नगर परिषद में करता है तो
जो भी दुकान द्वारा फूटपाथ पर लगी हुई दुकान से किराया वसूल रहे हैं तो उस कानूनी कार्रवाई कि जायेगी।

Related Articles

Back to top button