मध्य प्रदेश

40 करोड़ से बनी 35 किमी सड़क , पांच साल की गारंटी दी थी, जगह जगह हुई क्षतिग्रस्त, आवागमन हो रहा प्रभावित

हरियाणा की आईपीसी कंपनी ने किया था निर्माण, नागरिक बोले दुर्घटनाएं रोकने मरम्मत ही करवा दें अफसर
निर्माण के दौरान गुणवत्ता का नहीं रखा गया ध्यान, इसलिए बने ऐसे हालात

सिलवानी। कंपनी की मनमर्जी कहे या विभागीय अफसरों की उदासीनता जो भी हो खामियाजा सड़क से आवागमन करने वालों को भुगतना पड़ रहा है। पहले जहां निर्माण एजेंसी ने सड़क का निर्माण घटिया किया अब उसकी गारंटी पीरियड में होने के बावजूद मरम्मत तक नहीं करवा पा रहे हैं, ऐसें में यहां से आवागमन करने वाले लोगों को न केवल परेशानी हो रही है बल्कि वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। तहसील के गांधी नगर, राजीव नगर, जुनिया, रानीपुरा, भोडिया, बटेर, नीगरी, आमापानी कॉलोनी आदि गांवों को जोड़ने वाली डामर और कांक्रीट युक्त सड़क व सड़क के बीच में पड़ने वाले नदी और नाले पर पुल और पुलियाओं का निर्माण कार्य हरियाणा की आईपीसी कंपनी ने किया था। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान भी कई बार आपत्ति की थी और गुणवत्तायुक्त कार्य करने की मांग की थी, हमने धरना प्रदर्शन, आंदोलन यहां तक कई बार काम भी रुकवाया था, लेकिन कंपनी की राजनीतिक पहुंच होने के चलते न तो अफसरों ने सुनी, न ही जनप्रतिनिधियों। परिणाम स्वरुप निर्माण एजेंसी ने गुणवत्ताहीन सड़क का निर्माण कर ही दिया है। सड़क निर्माण को लेकर 5 साल की गारंटी दी थी, लेकिन यह एक साल में ही जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
सार्वजनिक मंचों से गुणवत्ता की दुहाई
प्रदेश सरकार के नुमाइंदे गुणवत्ता युक्त विकास कार्यों का सार्वजनिक मंचों से दावा कर रहे हैं, लेकिन इन दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। जिन विकास कार्यों का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, उनका लाभ धरातल पर नहीं मिल पा रहा है। इन निर्माण कार्यों से लोगों को सुविधा मिलने की जगह दुविधा हो रही है। स्थिति यह है कि इन सड़कों के निर्माण के बाद 5 साल की गारंटी निर्माण एजेंसी ने दी थी, यह गारंटी भी गड्डों में निकल गई। निर्माण एजेंसी ने सड़क गुणवत्तायुक्त बनाई न ही मरम्मत की जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
पीछे चल रहे वाहन चालक परेशान
सड़क उखड़ने के कारण इस मार्ग पर जब भी बड़ा वाहन निकलता है और उनके पीछे चलने वाले वाहन चालक को कभी उचटकर गिट्टी लग जाती है तो कभी धूल के कण आंखों में भराकर वाहन का नियंत्रण बिगाड देती हैं, जिससे वाहन चालक अनियंत्रित होकर वाहन सहित सड़क पर गिर जाते हैं, जिससे वह चोटिल हो जाते हैं। ऐसे आए दिन हो रहा है। रोजाना एक दो केस अस्पताल पहुंच रहे हैं। नागरिकों ने सड़क की मरम्मत की मांग की है।

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