धमाकेदार खुलासा: परासिया के लायंस आई हॉस्पिटल पर मानव अंग तस्करी के गंभीर आरोप, उच्च स्तरीय जांच समिति गठित

समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत पर पीएमओ सहित 14 प्रमुख विभागों में मंचा हड़कंप; नोटो ‘सोटो’ के आदेश पर सिम्स की टीम जांच करने पहुंची
छिंदवाड़ा/परासिया।क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) से मिले दस्तावेजों के आधार पर किए गए एक बेहद सनसनीखेज खुलासे ने पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। परासिया स्थित लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल’ के खिलाफ मानव अंग और ऊतक के नियमों के उल्लंघन तथा कथित तस्करी के गंभीर आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सहित देश के 14 प्रमुख शीर्ष विभागों में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तत्काल मुख्य सचिव मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखा जिसके अंतर्गत मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
आरटीआई से हुआ बड़ा भंडाफोड़: संस्था का कहीं कोई पंजीयन नहीं!
समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने आरटीआई के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) छिंदवाड़ा से जो जानकारी प्राप्त की है, वह बेहद चौंकाने वाली है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस आई हॉस्पिटल का मानव अंग और ऊतक / संग्रहण को लेकर न तो जिला स्तर पर, न प्रदेश स्तर पर और न ही केंद्र सरकार के स्तर पर कोई वैध पंजीयन (Registration) है। बिना किसी वैधानिक अनुमति और पंजीयन के इस तरह की गतिविधियां संचालित करना सीधे तौर पर ‘सोटो’ (SOTO – State Organ and Tissue Transplant Organization) और थोटा’ (THOTA – Transplantation of Human Organs and Tissues Act) कानून का खुला उल्लंघन है।
इंदौर ‘सोटो’ के निर्देश पर छिंदवाड़ा सिम्स ने गठित की 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी**
कार्यालय अधिष्ठाता एवं सक्षम प्राधिकारी, महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (इंदौर) तथा स्टेट ऑर्गन एवं टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTO) म.प्र. के पत्र क्रमांक 5678/ओ.डी.-सोटो/2026 के परिपालन में छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स) द्वारा एक विशेष आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
इस जांच समिति में निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो आज 19 मई को मामले की जमीनी हकीकत खंगालने और लायंस क्लब परासिया की जांच करने मौके पर पहुंचे:
1 डॉ. महेंद्र सिंह (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग, सिम्स) अध्यक्ष
2 डॉ. नरेश गोन्नाडे (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला छिंदवाड़ा) – सदस्य
3 डॉ. हेमंत अहिरवार (सह प्राध्यापक, सर्जरी विभाग व प्रभारी अधिकारी, सांटो/सोटो) – सदस्य
4 डॉ. भारती बदलानी (सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, नेत्ररोग विभाग) – सदस्य
तत्काल रिपोर्ट सौंपने के निर्देश, दोषियों पर गिरेगी गाज
अधिष्ठाता (सिम्स) द्वारा जारी आदेश पृ. क्रमांक/सोटो/सिम्स/2026/5868-5873 के तहत उक्त उच्च स्तरीय समिति को तत्काल पूरे मामले की निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश की प्रतिलिपि संचालक (चिकित्सा शिक्षा, भोपाल), कलेक्टर (छिंदवाड़ा) और सोटो (इंदौर) को भी सूचनार्थ और आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
मानव सेवा, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मैंने हमेशा गलत के खिलाफ आवाज उठाई है। आरटीआई के दस्तावेजों से यह साफ है कि बिना किसी वैध पंजीयन के यह सब खेल विगत 25 वर्षों से चल रहा है। बात समझने की जब संस्था का पंजीयन ही नहीं तो संस्था ने कैसे आंख दान लिया और आंखों को प्रत्यारोपित भी किया जिसके पूर्ण सत्यापित प्रमाणित दस्तावेज मेरे पास है। देश के 14 शीर्ष विभागों में शिकायत के बाद अब जांच शुरू हुई है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस गंभीर मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। : रिंकू रितेश चौरसिया, सुप्रसिद्ध समाजसेवी
इस हाई-प्रोफाइल छापे और जांच के बाद अब पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संस्था से जुड़े बड़े चेहरों पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। आपको बता दे इसके पूर्व में भी समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत पर लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर परासिया के सात पदाधिकारीयों के विरुद्ध थाना परसिया में 10 जनवरी 2025 को अपराध क्रमांक 12/2025 धारा 420,409,34 के तहत एफ.आई.आर दर्ज हुई है। और साथ ही मध्य प्रदेश शासन ने संस्था की चल अचल संपत्ति कुर्की चश्पा की कारवाई किया है । अभी यह मामला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है।



