ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 12 जून 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦•••  *_जय श्री हरि_*  •••✦
🧾 *आज का पंचाग_* 🧾         
*शुक्रवार  12 जून  2026_*
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 *_दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
*_शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
*_शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
*_शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*
🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*
✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*
☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*
☸️ *_काली सम्वत् 5127_*
🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*
☣️ *_आयन –  उत्तरायण_*
☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*
☀️ *_मास – ज्यैष्ठ मास_*
🌒 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📅 *_तिथि – शुक्रवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 07:36 PM तक उपरांत त्रयोदशी_*
✏️ *_तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।_*
💫 *_नक्षत्र- नक्षत्र अश्विनी 06:28 AM तक उपरांत भरणी 04:05 AM तक उपरांत कृत्तिका_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह हैं, अश्विनी नक्षत्र के स्वामी अश्वनीकुमार हैं।_*
⚜️ *_योग – अतिगण्ड योग 09:25 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग_*
⚡ *_प्रथम करण : कौलव 09:11 AM तक_*
✨ *_द्वितीय करण : तैतिल 07:37 PM तक, बाद गर_*
🔥 *_गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।_*
⚜️ *_दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |_*
🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:21:48_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 19:19:32_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः काल 04:02 ए एम से 04:42 ए एम_*
🌆 *_प्रातः सन्ध्या : प्रातः काल 04:22 ए एम से 05:23 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:53 ए एम से 12:49 पी एम_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:40 पी एम से 03:36 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : सायं काल 07:18 पी एम से 07:38 पी एम_*
🌌 *_सायाह्न सन्ध्या : सायं काल 07:19 पी एम से 08:20 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : रात्रि काल 11:46 पी एम से 01:12 ए एम, जून 13_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : रात्रि काल 12:01 ए एम, जून 13 से 12:41 ए एम, जून 13_*
⭐ *_सर्वार्थ सिद्धि योग : प्रातः काल 05:23 ए एम से 06:28 ए एम_*
🚓 *_यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।_*
🤷🏻‍♀️ *_आज का उपाय-लक्ष्मी मन्दिर में खीर चढ़ाएं।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – पुरुषोत्तम मास का 27वाँ दिन/ परम एकादशी पारण/ अधिक कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी/ शुक्र प्रदोष व्रत/ गण्ड मूल/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ विडाल योग/ बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस, उपन्यासकार गीतांजलि श्री जन्म दिवस, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ नरेन्द्र सिंह तोमर जन्म दिवस, प्रसिद्ध भरतरी गायिका सुरुज बाई खांडे जन्म दिवस, राष्ट्रीय प्रेम दिवस, राष्ट्रीय रूस दिवस, संस्कृत के विद्वान् गोपीनाथ कविराज स्मृति दिवस, प्रसिद्ध उर्दू शायर आनंद मोहन ज़ुत्शी गुलज़ार देहलवी स्मृति दिवस, प्रसिद्ध विद्वान पुरुषोत्तम विश्वनाथ बापट जन्म दिवस
✍🏼 *_तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।       
🗺️ *_Vastu tips_* 🗽
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार थाली में एक साथ तीन रोटियां रखने के नियम को श्राद्ध और त्रयोदशी संस्कार से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके त्रयोदशी संस्कार से पहले जो भोजन निकाला जाता है, उसमें तीन रोटियां रखी जाती हैं। कहते हैं कि इस भोजन को केवल परोसने वाला व्यक्ति ही देखता है। इसी वजह से सामान्य परिस्थितियों में थाली में एक साथ 3 रोटियां परोसने या खाने को शुभ नहीं माना जाता।
*_अगर किसी व्यक्ति को तीन रोटियां खानी हैं, तो पहले दो रोटियां परोसनी चाहिए। इसके बाद तीसरी रोटी अलग से दी जा सकती है। इससे परंपरा का पालन भी हो जाता है और भोजन की आवश्यकता भी पूरी हो जाती है।
*_वास्तु अनुसार रोटी सीधे हाथ में देने के बजाय थाली, प्लेट में रखकर परोसने चाहिए। इसे भोजन और अन्न का सम्मान माना जाता है। साथ ही भोजन हमेशा शांत मन और आदरभाव के साथ परोसना चाहिए, क्योंकि इसका असर घर के माहौल और रिश्तों पर पड़ता है।      
♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
पाचन के लिए रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच घी खाना डाइजेस्‍ट‍िव स‍िस्‍टम के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। देसी घी में ब्यूटिरिक एसिड जो एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। ये पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है जिससे खाना आसानी से पच जाता है।
*_आजकल उम्र से पहले ही लोगों की हड्डियां मजबूत हो जाती है। ऐसे में घी का सेवन कर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकते हैं। घी में मौजूद विटामिन K कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द और कमर दर्द से भी छुटकारा मिल सकता है।
*_द‍िल की सेहत के लिए‌ घी का सेवन हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें हेल्दी फैट्स होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाते हैं। खाली पेट घी खाने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।        
🍃 *_आरोग्य संजीवनी_* ☘️
*कैसे करें फिटकरी का इस्तेमाल?_*
*_फिटकरी के पानी से कुल्ला करें: दांतों की सड़न, दर्द केविटी और पीलेपन को दूर करने के लिए आप फिटकरी के पानी से कुल्ला करें। आप फिटकरी के पानी लौंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप फिटकरी के पानी का हफ्ते में तीन दिन इस्तेमाल कर सकते हैं। रोजाना इस्तेमाल करने से दांतों की बाहरी परत कमजोर हो सकती है।
*_मंजन के रूप में करें इस्तेमाल: फिटकरी के पानी के आलावा आप इसका इस्तेमाल मंजन के रूप में भी कर सकते हैं। फिटकरी को तवे पर हल्का भून लें ताकि उसका सारा पानी सूख जाए। ठंडा होने के बाद इसे पीसकर बारीक पाउडर बना लें। एक चुटकी इस पाउडर को अपने टूथब्रश पर लें और बहुत हल्के हाथों से 2 मिनट तक दांतों पर रगड़ें।
*_फिटकरी और नमक का इस्तेमाल: ब्रश करने के बाद आप, आधे चम्मच लौंग के तेल में फिटकरी का पाउडर लें और उसमें सेंधा नमक नमक मिलाएं। अब इस मिश्रण से अपने दांतों को साफ करें। इससे दांतों पर जमा टर्टल आसानी से निकल जाता है           
📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
      मुझे जो कहानी पता है उसके अनुसार ऋषि दुर्वासा पांडवों के वनवास के दौरान उनकी कुटिया में पहुंचे तथा शीघ्र ही उनके तथा उनके 100 शिष्यों के लिए अच्छा भोजन लाने का आदेश दिया।
        *_राजा युधिष्ठिर ने तुरंत ही कहा कि जी गुरूवर आप विराजमान हों आपके आदेश का पालन होगा, ऋषि दुर्वासा से ऐसा कहकर युधिष्ठिर भीम से बोले हे भीम शीघ्र ही कुटिया में जाओ और पांचाली से कहो कि 100 व्यक्तियों के लिए भोजन की व्यवस्था करें।
        *_पांडवों की रानी द्रौपदी अन्नपूर्णा कहलातीं थीं क्योंकि उनके पास भगवान शिव का दिया हुआ अक्षय पात्र था लेकिन उस पात्र की शर्त ये थी कि वह दिन में दो बार ही भोजन देता था जबतक रानी द्रौपदी न चाहें पात्र से भोजन निकलना बंद नहीं होता था और उस दिन रानी द्रौपदी सुबह और शाम दोनों समय का खाना निकाल चुकी थी इसलिए अब अक्षय पात्र से कोई उम्मीद नहीं थी और पांडवों के पास और अन्न भी नहीं था जिससे वह भोजन बनाकर ऋषियों को संतुष्ट कर सकते।
       *_रानी द्रौपदी ऋषि दुर्वासा के क्रोध से भलीभांति परिचित थी इसलिए वह बहुत परेशान हुई कि अब क्या किया जाए? उसने पुरे ध्यान से अपने इष्ट श्रीकृष्ण का आह्वान किया, और संयोग से श्रीकृष्ण भी उस समय वहीं आ ग‌ए अंतर्यामी भगवान श्री कृष्ण सबकुछ जानते थे लेकिन अंजान बनते हुए पूछा कि हे कृष्णे तुम इतनी उदास और चिंतित क्यों हो? वो बोली कि प्रभु, यहां ऋषि दुर्वासा आए हैं संग में 100 शिष्य हैं उन्होंने भोजन की मांग की है लेकिन मेरा अक्षय पात्र अब सुबह से पहले कुछ नहीं दे सकता, जबकि दुर्वासा ऋषि तो शाप देने के लिए प्रसिद्ध हैं हे प्रभु पहले ही हम वनवास काट रहे हैं ऋषि के शाप के बाद तो पता नहीं हमारी क्या दुर्गति होगी।
        *_श्रीकृष्ण ने इन सब बातों से अंजान बनते हुए कहा कि हे कृष्णे तुमने आज अक्षय पात्र से खीर बनाई थी क्या मुझे नहीं खिलाओगी? द्रौपदी ने कहा कि भगवन मैंने अक्षय पात्र को धो दिया है उसमें कुछ नहीं बचा। श्रीकृष्ण बोले,नहीं मुझे लगता है तुम खिलाना ही नहीं चाहती। द्रौपदी ने कहा नहीं भगवान इसमें कुछ नहीं है आप ही देख लीजिए ऐसा कहकर उसने अक्षय पात्र श्रीकृष्ण को दिखाया।
        *_श्रीकृष्ण बड़े ध्यान से देखकर बोले हे सखी आज तुमने अच्छे से बर्तन साफ नहीं किए वो देखो मेरे हिस्से का एक चावल का दाना अभी भी पात्र में शेष है और ऐसा कहकर श्रीकृष्ण ने वह चावल का दाना उठाया और खा लिया, वह दाना खाते ही श्रीकृष्ण को डकार आई ये डकार केवल श्रीकृष्ण को ही नहीं अपितु बाहर बैठे सभी 100 ऋषियों को भी आई उन्हें अपना पेट भरा हुआ महसूस होने लगा भोजन की इच्छा बिल्कुल न रही तभी एक शिष्य ने आकर ऋषि दुर्वासा से कहा कि गुरूवर पता नहीं कैसे लेकिन मेरा पेट भर गया है भोजन की इच्छा नहीं रही, दुर्वासा ऋषि बोले तुम सत्य कह रहे हो पेट तो मेरा भी भर गया अन्न का एक दाना भी खाने की इच्छा नहीं है एक एक करके सभी शिष्यों ने यही बात दोहराई।
         उन्होंने तय किया कि अब यहां रूककर समय व्यर्थ करने का कोई लाभ नहीं तुरंत ही अपने पुरास्थल की तरफ प्रस्थान किया जाए वे सभी उठ खड़े हुए तथा युधिष्ठिर से भोजन न कर पाने के कारण क्षमा मांगी और चल पड़े दुर्वासा ऋषि कुटिया के द्वार के सामने रूके और बोले – हे श्रीकृष्ण मैं जानता हूं तुम अंदर हो और यह तुम्हारी ही लीला है जो भूखे पेट होने पर भी हमें पेट भरे हुए महसूस हो रहे हैं एक दाने तक कि इच्छा न रही मैं आज पांडवों की परीक्षा लेने आया था मुझे पता था कि अब अक्षय पात्र काम नहीं करेगा लेकिन तुमने पांडवों को बचा लिया और जिसके तुम रखवाले हो भला उसे मैं कैसे हानि पहुंचा सकता हूं।
       *_ऐसा कहकर दुर्वासा ऋषि अपने आश्रम लौट गए, उधर सभी पांडव अंदर आए और भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में गिर पड़े तथा इस संकट से उबारने के लिए बारंबार धन्यवाद दे रहे थे।।
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⚜️ *_द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

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