सिलवानी शांति समिति की बैठक में तहसीलदार के बिगड़े बोल, नेताओं और वरिष्ठ नागरिकों ने किया बहिष्कार

सिलवानी। आगामी त्योहारों और कानून व्यवस्था को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब बैठक के दौरान तहसीलदार द्वारा कथित तौर पर नेताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तहसीलदार ने बैठक में कहा कि “ये सभी एक थाली के चट्टे-बट्टे हैं और चोर-चोर मौसेरे भाई हैं।”
तहसीलदार की इस टिप्पणी के बाद बैठक का माहौल अचानक गर्म हो गया। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बयान पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों और समाज के सम्मानित नागरिकों का अपमान बताते हुए नाराजगी व्यक्त की।
विवाद बढ़ने पर सभी लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। उपस्थित लोगों का कहना है कि शांति समिति की बैठक आपसी समन्वय और सौहार्द के लिए आयोजित की जाती है, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैठक के बहिष्कार के बाद क्षेत्र में इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने तहसीलदार के बयान पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणी प्रशासन की निष्पक्षता और गरिमा पर सवाल खड़े करती है।
हालांकि, इस मामले में तहसीलदार का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। उनके स्पष्टीकरण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



