सड़क किनारे मुरम खुदाई से बने तालाबनुमा गड्ढे में चरवाहे का शव

हत्या के आरोप से मचा हड़कंप
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । रायसेन जिले के बेगमगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम रहटवास में सड़क निर्माण के लिए की गई मुरम खुदाई से बने गहरे तालाब नुमा गड्ढे में 62 वर्षीय चरवाहे का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान किनारे से मुरम खोदकर गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। जो छोटे तालाब का रूप लिए हुए हैं इन्हीं गड्ढों में हादसों का खतरा बना हुआ है। अब तक ऐसे गड्ढों से करीब पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
मृतक की पहचान रामचरण अहिरवार के रूप में हुई है, जो गांव में पशुपालकों के मवेशी चराने का काम करता था। सोमवार को वह रोजाना की तरह मवेशी चराने गांव से बाहर गया था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर पशुपालकों और परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मवेशी तो मिल गए, लेकिन रामचरण का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की सूचना दी।
मंगलवार सुबह कुछ ग्रामीणों को गांव के पास सड़क निर्माण के लिए खोदे गए गहरे तालाब नुमा गड्ढे में रामचरण का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीण गोताखोरों की मदद से शव को तालाब नुमा गड्ढे से बाहर निकाला गया।
हालांकि मामला महज डूबने से मौत का है या इसके पीछे कोई और वजह है, यह जांच का विषय बना हुआ है। मृतक के पुत्र दिनेश अहिरवार ने पिता की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि रामचरण के सिर पर कुल्हाड़ी के घाव, जबकि गर्दन, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान दिखाई दिए हैं।
पुलिस ने मृतक के पुत्र द्वारा लगाए गए आरोपों को भी जांच में शामिल कर लिया है। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
थाना प्रभारी राजीव उईके का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सड़क निर्माण के लिए की गई मुरम खुदाई से बने इन गहरे तालाब नुमा गड्ढों को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इन्हें सुरक्षित तरीके से बंद क्यों नहीं किया गया। क्या प्रशासन असुरक्षित तरीके से छोड़े गए इन तालाब नुमा गड्ढों के जिम्मेदारों पर भी कोई कार्रवाई करेगा यह सवाल जनता के मन में है।



